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What did Corona Virus Teach Me in Hindi | कोरोना वायरस ने में हमें क्या सिखाया ?

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What did Corona Virus Teach Me in Hindi: हम अपने रोजाना की जिंदगी में इतनी ज्यादा व्यस्त रहते थे, कि हमें किसी चीज से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था। लेकिन यह कोरोना वायरस हमारे जिंदगी में आते ही बहुत उथल-पुथल मचा दिया। एक सूक्ष्म विषाणु हमारी सभ्यता और संस्कृति में  बड़े-बड़े सबक लेकर आया। हालांकि पहले भी, समय-समय पर प्रकृति हमें चेतावनी देते रहते थे। लेकिन हम प्राय: उन चीजों पर ध्यान नहीं देते थे, लेकिन कोरोना वायरस के आते ही हमारी पूरी जिंदगी बदल गई, हमारे सोचने और  समझने का नजरिया ही बदल गया।

कोरोनावायरस ने हमें उन चेतावनी पर ध्यान देने के बारे में सिखा गया, जिस पर शायद हम कभी भी ध्यान नहीं देते थे।

  • स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान का महत्व:

कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न हुए संकट हमें यह समझा गया, कि डॉक्टर और स्वास्थ सुविधाओं की अहमियत हमारे जिंदगी में कितनी महत्वपूर्ण होती है। आज पूरी मानव जाति डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे ही है। आज शायद अगर यह ना होते तो हम घर बैठे अपनी मौत का इंतजार कर रहे होते।

हम अक्सर सोचते हैं कि परमाणु बम और मिसाइल हमारे जीवन को खतरा है, लेकिन ये छोटा सा कोरोनावायरस जिसका आकार पेन के बॉल से भी 2 हजार गुना ज्यादा छोटा है, लेकिन परमाणु बम और मिसाइल इन सब चीजों से यह ज्यादा खतरनाक है।  पहले दुनिया में मिसाइल और परमाणु बम को इकट्ठा करने की होड मची हुई थी, लेकिन हुआ क्या पूरी दुनिया में 14465 परमाणु हथियार इकट्ठा तो हो गए, जिससे पूरी दुनिया लगभग 17 बार नष्ट हो सकती है। लेकिन यह सूक्ष्म कोरोनावायरस के सामने हजारों मिसाइलें भी फीकी है। आज यह कोरोनावायरस हमारे बीच आकर लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िन्दगियाँ  खत्म करता चला जा रहा है।

  • पर्यावरण संतुलन बनाए रखना :

कोरोना वायरस ने हमारे देश को प्रदूषण की परेशानी से निजात दिलाई। लॉकडाउन के कारण के बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, यातायात साधनो मे कमी के वजह से प्रदूषण के स्तर में भी काफी गिरावट आई है। इसके कारण प्राकृतिक संतुलन में स्थिरता दिखाई दे रही है तथा हवा, नदी, आसमान, रोड सभी साफ-सुथरे हो गए। 

स्वास्थ्य के प्रति सजग होने की भावना :

पहले बहुत से ऐसे लोग थे जो, बिना हाथ धोए खा लेते थे। हालांकि हाथ धोकर ही खाना चाहिए, पर वह कहते हैं ना लोगों की आदत कभी नहीं बदलती। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के बाद हैंड वॉश करके खाना खाने की आदत सभी लोगों में देखने को मिल रही है। लोग पहले के मुकाबले काफी हाइजीन हो गए हैं  फास्ट फूड के बजाय लोग घर के बने खाने को खाना पसंद कर रहे हैं और साफ- सफाई पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं ।

कोरोना वायरस के प्रसार के फलस्वरुप लोगों ने कई अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाया जिससे नैतिकता का पूर्ण विकास देखने को मिलता है।

Table of Contents

Corona Virus teach me in Hindi | Impact of Lockdown on Land Level In India | भारत में भूमि स्तर पर लॉकडाउन का प्रभाव

भारत में जमीनी स्तर पर लॉकडाउन का प्रभाव:

भारत में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन अभी बहुत जगह जारी है और कहीं-कहीं अनलॉक की प्रक्रिया भी चल रही है। कोरोना वायरस के कारण सभी कामकाज ठप पड़ गए हैं और लोग को घर में ही ज्यादा समय व्यतीत करना पड़ रहा है, लेकिन इस बीच यह खबर आई है कि सभी कारखाने उद्योग बंद होने के कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में वायु ,जल ,भूमि आदि प्रदूषित होने से बचे है।

कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के कारण भारत में काफी लंबे समय तक लॉकडाउन की स्थिति बनी रही। यह lock-down की प्रक्रिया सरकार द्वारा 25 मार्च से शुरू हुई एवं फिर 17 अप्रैल तक चली। पुनः यह महामारी बढ़ने के कारण lock-down को बढ़ाकर 3 मई से आगे तक कर दिया गया और यह लॉकडाउन जुलाई तक चली। पुनः अनलॉक की प्रक्रिया धीरे-धीरे चल रही है और यह आज भी जारी है। भारत में जमीनी स्तर के लॉकडाउन के प्रभाव को निम्नलिखित रूपों में देखा जा सकता है

  • दिल्ली समेत कई महानगरों में स्वच्छ वातावरण का निर्माण:

कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन इसके कुछ फायदे भी हुए हैं। लॉकडाउन के कारण सभी प्रकार के उद्योग धंधे एवं कारखाने बंद थे। कारखानों में चलने वाली मशीनों से अधिक मात्रा में धुआं निकलते थे, जो वायुमंडल में मिलकर पर्यावरण को प्रदूषित करते थे। लेकिन कोरोना वायरस महामारी में चल रहे लॉकडाउन के कारण व्यापार बंद होने के कारण मशीनें बंद थी। जिसकी वजह से पर्यावरण काफी संतुलित हुआ है। भारत की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े महानगरों में पर्यावरण में काफी सुधार देखने को मिला है ।

भारत में लोकडाउन के प्रभाव से छोटी एवं बड़ी सभी कंपनियां आए दिन बंद होती जा रही है। यही कारण है कि बेरोजगारी में वृद्धि की समस्या उत्पन्न हो रही है। लोग विभिन्न प्रकार के रोजगार की तलाश में है।

  • भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट:

लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था में भी भारी गिरावट आई है। भारत एवं अन्य देशों के बीच आयात निर्यात की प्रक्रिया बंद हो जाने के कारण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। 

लॉकडाउन से पहले  विभिन्न प्रकार के कारखाने चलते थे, जिसमें से अधिक मात्रा में दूषित पदार्थ भी निकलते थे और इन पदार्थों को ट्रैक्टर, ट्राली, ट्रक आदि की सहायता से भूमि के अंदर दबा दिया जाता था जिससे यह सड़ कर के पर्यावरण को दूषित करते थे। परंतु लॉकडाउन के पश्चात सभी प्रकार के कारखाने बंद हो गए जिससे भूमि दूषित होने से बची है।

Essay on Corona Warriors’ contribution to corona control and prevention is a practice in Hindi | कोरोना नियंत्रण और रोकथाम में कोरोना योद्धाओं का योगदान एक अभ्यास हिंदी में 

कोरोना नियंत्रण और रोकथाम में कोरोना योद्धाओं का योगदान एक अभ्यास:

कोरोना महामारी के कारण देशविदेश में आर्थिक तंगी के साथ-साथ कई सारे समस्याओं का सामना करना पड़ा है और इन समस्याओं से लड़ने के लिए देश के बहुत से लोगो ने अपना योगदान किया है। जिसमें से देश के डॉक्टरों ,नर्स ,पुलिस प्रशासन एवं बड़े बड़े अधिकारियों का विशेष योगदान है। इसके अतिरिक्त ऐसे लोगों के कार्यों की भी काफी सराहना की गई है जिन्होंने अनाज का दान देकर आर्थिक रूप से लोगों की मदद की है।

कोरोना महामारी में डॉक्टरों द्वारा दिया गया योगदान :

कोरोना महामारी एक ऐसी महामारी है, जो एक दुसरो के सम्पर्क में आने से फैलती है। इसके कारण सरकार ने लोगो को घरों के अंदर ही  रहने का सुझाव दिया है। इसके लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया लेकिन जिन मरीजो को ये बीमारी हो गयी हैं, इसके लिए एक प्रश्न उठता है कि उसका इलाज कौन करे ? इसके लिए तो डॉक्टरों का होना जरूरी है।  

इस संक्रामण के बावजूद भी देश के डॉक्टरों ने अपने कर्तव्यो का पालन किया और लोगो की इस स्थिति में भी सेवा करते रहे। इस बीच देश के डॉक्टरों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन वे अपने कर्तव्य पर डटे रहे है। आज भी वो इसी तरह अपने कार्यो पर लगे हुए है। इस समय डॉक्टरों द्वारा दिया गया यह सहयोग देश के लिए बहुत आवश्यक हैं। उनका यह ऋण कभी नही भूला जा सकता है।

कोरोना महामारी के समय देश के नर्सो के द्वारा दिया जाने वाला योगदान :

कोरोना महामारी में डॉक्टरों के साथ काम करने वाले नर्सो का भी बिशेष योगदान है। जहाँ पूरा देश लॉकडाउन के दौरान घरों के अंदर था, वही डाक्टरो के साथ काम करने वाले नर्सो ने डाक्टरो के साथ मरीजो की सेवा करने का काम किया । इस बीच मरीजो के बीच रहकर 24 घंटो उनकी सेवा करना सबके बस की बात नही । इस बीच कई नर्स तो सेवा करते समय खुद इस बीमारी से संक्रमित हो गए। लेकिन इतने डरो के बावजूद भी इन लोगो ने मरीजो की सेवा किया और आगे करते भी रहेंगे।

कोरोना महामारी के समय देश के पुलिस प्रशासन का योगदान:

कोरोना महामारी के समय सरकार के द्वारा लगाये गए   लॉकडाउन के बीच भारत के सभी राज्यो की पुलिस प्रशासन ने  देश की बहुत सेवा की। इन्होंने लोगो को घरों में रहने के लिए और लोगो को एक-दूसरे से दूर रखने के लिए बहुत जागरूक किया। इसके अतिरिक्त पुलिस प्रशासन ने लॉकडाउन के नियमो को सख्ती से पालन करने का अपील किया। इस लॉकडाउन में पुलिस ने जरूरतमंदो की भी बहुत सेवा की और जरूरत के समानों को उनके घर तक भी पहुचाये। इतनी बड़ी महामारी के दौरान इनके द्वारा दिये गये सेवा को देश हमेशा याद रखेगा।

देश में आरोग्य सेवा में सुधार कैसे लाएं?

कोरोना वायरस के महामारी के कारण पूरे देश में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इन समस्याओं में लोगों को आर्थिक समस्याओं का विशेष रुप से सामना करना पड़ा है जैसे लोगों के रोजगार बंद हो गए, जिससे उनके आय का स्रोत बंद हो गया।

 इसके कारण मध्यम वर्ग के परिवारों और पिछड़े वर्ग के परिवारों को काफी ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस बीमारी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी चलाई गई, जिससे लोगों को समस्याओं का सामना ना करना पड़े। इसके लिए सरकार द्वारा आरोग्य सेवा भी चलाया गया।

देश में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए चलाया जा रहा है आरोग्य सेतु एप –

भारत सरकार द्वारा लोगों को कोरोनावायरस से बचाए रखने के लिए आरोग्य सेतु नामक एक ऐप को बनाया गया। जिसकी मदद से हम कोरोना वायरस से जुड़े इस महामारी का पता लगा सकते हैं। इस ऐप को अब तक लगभग 15 करोड से अधिक लोगों ने अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर लिया है। इस ऐप की सहायता से आप अपने आसपास में उपस्थित करोना वायरस के मरीज का पता लगा सकते हैं। यह एप आपके प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं और इस ऐप की सहायता से आप अपने आसपास में कॅरोना संक्रमित व्यक्ति की जानकारी ले सकते हैं । 

आरोग्य सेतु सेवा ऐप को डाउनलोड करने के बाद इसमें कुछ निजी जानकारियां देनी होती हैं और अगर  आपके आसपास कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है, तो एप में लाल रंग का 1 जोन बन जाता है जिससे आप समझ सकते हैं कि कोई आपके आसपास में आपके कोरोना संक्रमित व्यक्ति है।

देश के आरोग्य सेवा में कैसे करें सुधार ?

भारत सरकार द्वारा चलाए जाने वाले आरोग्य सेतु एप से कोरोना वायरस जैसी महामारी के बारे में पता लगाया जा सकता है। इस ऐप में इस तरह से सिस्टम लगाया गया है कि यदि आपके आसपास में कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होता है, तो आपको इस ऐप की मदद से मालूम हो जाता है कि आपके आसपास कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है तो सरकार द्वारा चलाई जाने वाली यह ऐप आपलोगों को अपने मोबाइलों में इंस्टॉल करने का सलाह दी जाती है और लोगों को जागरूक की जा रही है।

 हमारे द्वारा उठाए गए कदम देश के आरोग्य सेवा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ऐप को इंस्टॉल कर सकें और कोरोनावायरस जैसी महामारी से बच सकें।

Essay on daily routine in lockdown | लॉकडाउन में आप की दिनचर्या क्या है एस्से इन हिंदी

लॉकडाउन के कारण लोगों की दिनचर्या में क्या प्रभाव पड़ा?

कोरोना के प्रभाव से प्रत्येक व्यक्ति की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो चुकी है। यह महामारी एक वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुका है। इस महामारी के कारण देश की जनता का दैनिक क्रिया क्लाप काफी अधिक प्रभावित हुआ है, जिसके चलते लोग अपने अपने घरों में रहने को मजबूर हो गए है। 

चूकी यह लॉकडाउन हमें पहली बार देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से हमलोगों को इस लॉकडाउन में अपने दिनचर्या को सुचारू रूप से करने में काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। किंतु इसके अलावा हमारे पास इस महामारी के संक्रमण से बचने का कोई और विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसलिए हमें लॉक डाउन का पालन करते हुए अपने दिनचर्या को सुनिश्चित करना होगा।

लॉकडाउन के दौरान आम जनता की दिनचर्या:

दिनचर्या का अर्थ रोजमर्रा अर्थात सुबह से लेकर शाम तक हमारे दैनिक क्रियाकलाप से हैं।

इस लॉक डाउन में हमें अपनी दिनचर्या को अपनी घर में रहते हुए करना होगा जिसके फलस्वरूप ही इस कोरोना वायरस जैसी महामारी से हम अपने साथ-साथ अपने देश की जनता को बचा सकते हैं।

लॉकडाउन की इस दिनचर्या में हम कई प्रकार के कार्य कर रहे हैं जो निम्न है-

  • किताबें पढ़ना लगभग सभी को अच्छा लगता है जिससे हम इस  लॉकडाउन  के दौरान अच्छी-अच्छी प्रकार की पुस्तकें पढ़ रहे हैं, जिससे हमें ज्ञान के साथ-साथ मनोरंजन भी प्राप्त होता है और हमारा समय भी व्यतीत हो जाता है।
  • आप सुबह समय से उठकर अधिक से अधिक योगा कर रहे हैं जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा और आप किसी भी बीमारी के चपेट में नहीं आ सकते। इसलिए अपने समय को सही से प्रयोग करें ।
  • हम इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रम देख सकते हैं। जिससे हमारा मस्तिष्क शान्त होगा और हम स्वस्थ रह सकेंगे।
  • लॉकडाउन के दौरान हम इंटरनेट की सहायता से अपने मनपसंद की चीजों को भी सीख रहे हैं, जिसमें हमें अधिक मन लगता हो। यदि हम संगीत सीखना चाहे तो हम इंटरनेट पर सीख  रहे हैं । इससे हमारा समय भी व्यतीत हो जाता है और आप भविष्य में उन जानकारियों को लेकर कुछ  कर भी सकते है।

इसके अलावा कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिन्हें हम इस लॉकडाउन के समय में कर रहे हैं। अपने व्यस्त दिनचर्या शेड्यूल के कारण लॉकडाउन के पहले कई ऐसे कार्य थे, जो हम पूरी नहीं कर सकते थे, परंतु यदि लॉकडाउन को एक उचित अवसर के रूप में देखा जाए तो यह हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण समय है। हम लोकडाउन के दौरान अपने दिनचर्या को और भी बेहतर बना सकते हैं एवं नई- नई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

How to protect yourself from corona virus | कोरोना वायरस से अपना बचाव कैसे करे एस्से इन हिंदी

कोरोना वायरस से अपना बचाव कैसे करें?

चीन के वुहान शहर से निकलकर कोरोना वायरस आज पूरे विश्व में फैल चुका है। धीरे-धीरे इसके संक्रमण की तादाद भी बढ़ती जा रही है, लेकिन यदि आप सावधान और सतर्क रहें तो कोरोना वायरस जैसे इस संक्रमित महामारी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि कोरोनावायरस से बचाव के क्या क्या तरीके हैं?

  • हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके अतिरिक्त अपनी उंगलियों के चारों ओर, अपने नाखूनों के बीच, अपनी हथेलियों को और हथेलियों के पीछे लगभग 20-30 सेकंड तक रगड़े और फिर धो ले।
  • यदि आपके पास हैंड सैनिटाइजर मौजूद है, तो आप अपने हाथों में थोड़े से सैनिटाइजर को डाले और हाथों की उंगलियों  के बीच, हाथो के नाखूनों तथा हाथ के पीछे की तरफ लगभग  20 सेकंड तक लगातार रगड़े। याद रखें सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को पानी से धोने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • अपने चेहरे को बार-बार छूने से बचें, खासकर होंट, नाक या पलकों को छूने से बचे। यदि आपको अपने चेहरों को या पलकों को छूने की जरूरत पड़ती है, तो आप साफ धुले हाथों से ऐसा करने का प्रयास करें। ध्यान रखें रेलिंग, हैंडल, डोर बेल, पैड कंप्यूटर, कुर्सी, स्मार्टफोन, लिफ्ट,  एलीवेटर,  इत्यादि  को छुते समय सावधान रहें, जब भी इसे छुए तो  हाथों को सैनिटाइज करना ना भले। 
  • बस टर्मिनल, हवाई अड्डा जैसी लंबी कतारों और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। यदि ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है, तो लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। 
  • कोरोना वायरस बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए किसी भी ऐसे क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए। जहां काफी भीड़भाड़ हो, क्योंकि कोरोना वायरस लोगों के संपर्क में या चीजों के संपर्क में आने से करोना का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है एवं यह जल्दी फैलता है। हमें इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि हम लोगों से दूरी बनाकर रखें। इसके लिए सरकार द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
  • यदि आप किसी के सामने खड़े हो या उससे बातचीत कर रहे हो, तो संक्रमण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। यदि आपके पास मास्क नहीं है, तो आप इसके लिए रूमाल, चुन्नी या किसी साफ कपड़े का भी प्रयोग कर सकते है। आजकल कुछ विशेष सार्वजनिक स्थानों जैसे बैंक, दुकानों आदि में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • बाहर से घर वापस आने के बाद अपने कपड़ों को बदल ले या धो लें। यदि आप अपने कपड़ों को उस समय नहीं धो सकते है,तो उन्हें पॉलिथीन बैग के अंदर डाल कर किसी अलग जगह पर रख ले और अगले दिन आप घर से बाहर जाते समय उन्हें पहन सकते हैं।

Essay on social media’s contribution to prevention of this epidemic and caution and awareness in public mind in Corona virus infection | Corona Virus teach me in Hindi

कोरोना वायरस संक्रमण काल में इस महामारी से बचाव और सावधानी एबं जन मानस के जागरूकता में सोशल मीडिया का योगदान:

कोरोना महामारी की वजह से देश-विदेश सभी जगहों में जीवन अस्त -व्यस्त हो गए हैं। इस वायरस की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इस वायरस की वजह से लोगों के जीवन में आर्थिक संकट भी उत्पन्न हुए हैं और सरकार के बहुत सारे नुकसान भी हुए है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के अनुसार कोरोनावायरस से बचने के लिए और अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अपने हाथों को समय-समय पर धोते रहना चाहिए और किसी भी वस्तु को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर करना चाहिए, जिससे अगर आपके हाथ में यह वायरस मौजूद होता है तो सैनिटाइज करने से यह वायरस नष्ट हो जाता है। जब भी आप घर से बाहर निकले तो मास्को जरूर लगाएं, जिससे यह वायरस आपके नाक से होते हुए आपके शरीर के अंदर ना पहुंच सके क्योंकि यह वायरस एक दूसरों के पास में रहने से फैलता है। 

कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी से बचने के लिए हमें एक दूसरे से कम से 1 से 2 मीटर की दूरी बनाकर ही रखना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलना होगा। यदि आपको किसी कारण से छींक या खांसी आती है  तो अपने मुंह पर टिशू पेपर जरूर रखें। जिससे आप और दूसरे व्यक्ति इससे सुरक्षित रह सकते है। साथ ही साथ आप कोरोना महामारी से बचने के लिए कम से कम लोगों से मिले।

कोरोना वायरस महामारी एक वैश्विक महामारी है, जिसका अभी तक किसी भी प्रकार का ठोस इलाज नहीं मिल पाया है । इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए हमें अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए आपको विभिन्न प्रकार के जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  • सुबह समय से उठे और उठने के बाद योगा और एक्सरसाइज जरूर करे जिससे आप स्वस्थ रह सकते हैं।
  • खानपान का विशेष ध्यान रखें, हल्की चीज ही खाएं।
  • मनोरंजन करने वाले कुछ धारावाहिक या कॉमेडी मूवीस देखें।
  • जब भी बाहर निकले तो मुंह पर मास्क जरूर पहने।

 इस प्रकार आप इन चीजों का ध्यान रखकर अपने आपको स्वस्थ्य रख सकते हैं और इस महामारी में भी  बच सकते हैं।

लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का योगदान:

कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी को कुछ लोग हल्के में ले रहे है जिसकी वजह से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हमें सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लोगों तक पहुंचाना है, जिससे वे कोरोनावायरस के बारे में समझ सके। सुरक्षित रहने के लिए सरकार द्वारा बताई गई नियमों का पालन कर सकें।

सोशल मीडिया पर सरकार की गाइडलाइंस और विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ द्वारा दिए गए सलाह को अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर जरूर शेयर करें जिससे लोगों को इस महामारी के बारे में पता चल सके।और लोग इससे बचने के उपाय को जान सके तथा इसके बारे में समझ कर इससे सुरक्षित रह सके।

Essay On Caution Using Sanitizer in Covid 19 | कोविड 19 में सैनिटाइजर के प्रयोग से सावधानी पर 200-250 शबदो का निबंध

कोरोनावायरस से बचने के लिए उपयोग किये जाने वाले सैनिटाइजर के दुष्प्रभाव 

 कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा शुरू हुआ है तभी से यह डॉक्टरों की सलाह के अनुसार यह कहा गया कि कोरोनावायरस के संक्रमण के खतरे से बचने के लिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाए।

डॉक्टरों की सलाह मानकर अधिक से अधिक समय तक जो सेनेटाइजर अल्कोहल युक्त है। उनका अधिक उपयोग किया जाने पर इसके घातक परिणाम हो सकते हैं। 

डॉक्टरों के अनुसार में सैनिटाइजर लगाने और बार-बार साबुन से हाथ धोने से बैक्ट्रिया खत्म हो जाते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले सैनिटाइजर में भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह अल्कोहल युक्त है। 

ज्वलनशील होता है सैनिटाइजर

कई विशेषज्ञों के अनुसार हैंड सेनीटाइजर में 75 एल्कोहल पाया गया और उन्होंने यह भी बताया कि अल्कोहल जल्दी आग पकड़ लेती हैं।  इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।  इसके कुछ जरूरी बातों को ध्यान देना आवश्यक है।

  • विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि महिलाओं को किचन में चूल्हे पर का खाना पकाने का काम करना होता है। लेकिन अगर वह सैनिटाइजर लगाकर तुरंत खाना पकाने जाएंगे तो इससे उनके हाथ जल सकते हैं।
  • बच्चों की पहुंच से ही दूर रखना चाहिए सैनिटाइजर क्योंकि वह उसे अपने मुंह में रख सकते हैं। जो उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अधिकतर सैनिटाइजर में पाए जाने वाला आइसोप्रोपिल अल्कोहल शराब में उपयोग होने वाली अल्कोहल से अलग होती है। और इसका हमारे शरीर में पहुँचना हमारे लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान   नाम का एक केमिकल भी होता है। जिससे हाथ की त्वचा उसे सोख लेती है और इसका अधिक उपयोग करने पर यह हाथ की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता हैं। जिससे हाथ की मांसपेशियों काम करना कम कर देती है।
  • सैनिटाइजर में खुशबू के लिए फ्लाइट लेट नामक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मात्रा कुछ सैनिटाइजर में ज्यादा होती है। अत्यधिक खुशबू वाले सैनिटाइजर किडनी लीवर फेफड़े तथा प्रजननतंत्र के लिए हानिकारक होते हैं। 
  • कुछ शोधों के मुताबिक यह नहीं पता चला है कि सैनिटाइजर का अधिक उपयोग करने से शरीर की इम्योनिटी पर नकारात्मक असर डलता हैं। जब भी सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए तो उसे आंखों से दूर ही रखना चाहिए क्योंकि यह हमारी आंखों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। 

अब घर पर भी बना सकते हैं सैनिटाइजर

दरअसल सैनिटाइजर के हो रहे अत्यधिक इस्तेमाल के चलते और बाजार में सैनिटाइजर की उपयुक्त मात्रा में मौजूद की ना होने के कारण हैंड सेनीटाइजर घर पर बनाने के भी कुछ तरीके बताए गए हैं। जैसे हैंड सैनिटाइजर बनाने के लिए आपको रबिंग एल्कोहल,  वेजिटेबल इंसीशियल, एलोवेरा जेल, दालचीनी इंसीशियल ,टी ट्री ऑयल की जरूरत होती है । 

अल्कोहल के अंदर वेजिटेबल ग्लिसरीन एलोवेरा जेल डाल दें। इसके बाद इस मिश्रण को बोतल में अच्छे से बनकर तैयार हो जाएगा। इसलिए आपकी त्वचा के लिए हानिकारक साबित नहीं होगा क्योंकि इसमें कई प्रकार के रोगों से लड़ने वाला एलोवेरा पहले से ही पड़ा हुआ है।

What changes have come in the society due to the Corona Epidemic | करोना महामारी से समाज में क्या क्या बदलाव आए हैं

कोरोनावायरस के चलते समाज मे क्या-क्या बदलाव हुए हैं?

कोरोनावायरस ऐसी वैश्विक महामारी जिससे कोई देश  राज्य और कोई भी गांव या शहर बचा हुआ ना रह सका  बीते छह महीनों में कोरोनावायरस लॉकडाउन में ही भारतीयों की जिंदगी गुजरी है।  24 मार्च से शुरू होने वाले लॉकडाउन के बाद से हमने समाज में कोरोनावायरस के चलते कई बड़े बदलाव देखे हैं। और उनमें से कुछ बदलाव तो अच्छे हैं लेकिन कुछ बदलाव बुरे भी हुए हैं। 

कुछ सकारात्मक बदलाव जो करोना संकट की वजह से देखने को मिल रहे हैं 

श्रम की पहचान

सवा अरब करोड़ की जनसंख्या वाले भारत देश में मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है। शायद यही वजह है कि यहां पर ना तो इंसान की मेहनत की उचित कीमत लगाई जाती है। और ना ही उसे पर्याप्त महत्व जाता है। 

छोटा काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को हेय दृष्टि से देखा जाता रहा है, चाहे वह काम करने वाला व्यक्ति हमारी फैक्ट्री में काम करने वाला एक मामूली मजदूर हो या घर पर काम करने वाली काम वाली बाई हो, कचरा उठाने वाला कर्मचारी हो, यह हमारे घरों तक हमारा सामान पहुंचाने वाला डिलीवरी बॉय हो।  

लेकिन कोरोनावायरस के हमले के बाद ज्यादातर लोगों को सबक मिला है और उन सब की महत्ता का अर्थ पता चल गया है जो व्यक्ति उनको हेय दृष्टि से देखते थे। कोरोनावायरस के उस समय सभी को उन सभी लोगों की आवश्यकता पड़ी है, जिन्हें कभी वह हेय दृष्टि से देखा करते थे। और वह उन सभी के लिए एक सबक बन गया। 

प्रदूषण का कम होना

 दिल्ली मुंबई जैसे शहरों में अधिकतर यह कहा जाता था कि यह दोनों शहर प्रदूषण के मामले में सबसे ऊपरी स्थान पर थे, लेकिन जब लॉकडाउन हुआ तो सभी यातायात की सेवाएं बस, मेट्रो, ट्रेन जैसी  सभी सेवाएं बंद हो गई। इसके साथ ही कल कारखाने से धुआं निकलना भी बंद हो गया। इससे मुख्य रूप से  प्रकृति का सुधार हुआ है। 

 कोरोनावायरस के समय भले ही हम इंसानों को अपनी नौकरियों की चिंता सताने लगी होकि हम घर में क्यों बैठे हैं। अक्सर यह कहते हुए हमें देखा गया होगा । लेकिन प्रकृति को हमारा घर बैठना और कल कारखानों से निकलने वाले धुएं से राहत मिलने के साथ ही प्रकृति सुंदर और प्रदूषण से भी थोड़ी थोड़ी ही सही पर मुक्त हो गई। गंगा नदी का जल साफ हो गया दिल्ली की धुन्ध में जो कभी दूर तक कुछ दिखाई नहीं देता था। वह लॉक डाउन के बाद से दिखाई देने लगा यह प्रकृति को फायदा हुआ। 

आर्थिक समीकरण

यह तय है कि कोरोनावायरस के चलते दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति कमजोर हो गई है या होने वाली है। अभी तो कोरोनावायरस की वैक्सीन पर केवल काम चल रहा है। कोरोनावायरस की कोई वेक्सीन अभी तक आई नहीं है। इसलिए यह भी कहा जा रहा है, कि कोरोनावायरस कब तक खत्म होगा यह कहना आसान नहीं है।

 कहा यह भी जा रहा है कि कोरोनावायरस शायद अगले साल तक खत्म हो जाए लेकिन उसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत आदमी से कम हो गई है। 

तेल के दाम कम है इसलिए भारत सरकार इस की बाजार कीमत बढ़ाए बगैर इस पर ज्यादा एक्स्ट्रा ड्यूटी वसूल कर रही है। यह भी बताया जा रहा है। तेल के दाम और लंबे समय तक नहीं भरने वाले कोरोनावायरस छुटकारा पाने के बाद भी ऐसे में इससे न केवल सरकार को ज्यादा राजस्व मिल सकता है बल्कि देश का चालू खाते का घाटा भी थोड़ा कम हो सकता है और महंगाई नियंत्रण में रखी जा सकती है। 

How the corona infection spreads | कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे फैलता है?

कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे फैलता है?

दरअसल यह आपको नहीं पता होगा कि कोरोनावायरस मानव के बाहर की तुलना में 900 गुना से भी ज्यादा छोटा है, लेकिन यह बहुत ही प्रभावी वायरस है कोरोनावायरस पूरी दुनिया में बहुत ही तेजी से फैल रहा है। कोरोनावायरस से अब तक लाखों लोग अपनी जान गवा चुके हैं।

अब तक कोरोनावायरस का संक्रमण दुनिया में 200 देशों के सवा अरब लोगों में फैल चुका है। यह चीन से शुरू हुआ फिर कोरोनावायरस आज अमेरिका, ईरान, इटली,  स्पेन व भारत इन देशों में बढ़ता ही चला जा रहा है।

कोरोनावायरस से विश्वभर में इससे बचाव के लिए कई कई तरीके के उपाय किए गए और डॉक्टर के अनुसार दी गई है। उनकी सलाह मानकर कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर अब लोग काफी सावधानी रखते हैं।

 कोरोना संक्रमण आखिर फैलता किस प्रकार है तो आज हम उसी के बारे में बात करने जा रहे हैं कि आखिर कैसे फैल सकता है कोरोनावायरस….

  • कैसे फैल सकता है कोरोनावायरस (Corona Virus teach me in Hindi)?

कोरोनावायरस संक्रमण की चार भुजाएं हो सकती हैं पहली यदि आपके लिए संक्रमण व्यक्ति के पास गए हो क्या उस व्यक्ति के छीकने या खाँसने की वजह से, अपने चेहरे को कितनी बार छुआ, आपके उम्र और स्वास्थ्य की वजह से कोरोना संक्रमण का कितना असर आप पर पड़ सकता है इन सब बातों से ही  कोरोना  संक्रमण  का असर पड़ता है| 

  • क्या कब होना संक्रमित व्यक्ति के पास आने, से बीमारी लग सकती है?

अगर आप किसी ग्रॉसरी स्टोर में जाते हैं जिसके मालिक को क्रोनाका संक्रम हो चुका है। इस स्थिति में आपको भी कोरोना हो सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सामान के आदान प्रदान से कोरोना काफी तेजी से फैलता है।

  • यह आवश्यक नहीं है कि कोरोनावायरस हमें किसी के हाथों के स्पर्श से ही आए हम किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के नजदीक आए तभी हमें कोरोना कोरोनावायरस कहीं भी पहुंच सकता है।

जबकि जब तक इसकी राह में कोई बाधा नहीं आए जब हम देखते हैं या खाते हैं तो हमारे मुंह से कुछ बूंदे गिरती हैं। अगर इन की राह में कुछ नहीं आए तो यह सीधे जमीन पर पहुंच सकती हैं।

Paragraph Writing In Hindi On Janta Curfew | जनता कर्फु पर पैराग्राफ राइटिंग इन हिंदी

जनता कर्फ्यू से आत्म संयम तक की परीक्षा

कोरोना के बढ़ते मामलों को देख कर 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लगाने का निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लिया गया था। प्रधानमंत्री ने कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न खतरे को विश्व युद्ध से भी खतरनाक बताया था।  और प्रत्येक देशवासी को सजग रहने की जरूरत के जोर दिया था। साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में यह भी बताया था,  कि 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लगेगा। तो आइए आज हम बात करते हैं इसी जनता कर्फ्यू के बारे में कि आखिर जनता कर्फ्यू होता क्या है? 

अमेरिका के राष्ट्रपति रहे अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र क्या है यह बताया था। लिंकन ने कहा था कि लोकतंत्र जनता का जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है और अब इसी बीच जब जनता कर्फ्यू लगाया गया है तब कुछ बातें ध्यान देने योग्य है।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत में  कर्फ्यू 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का ऐलान कर दिया था तो इसका अर्थ यह था कि जनता की ओर से खुद पर जनता कर्फ्यू लगाएं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जब कोरोनावायरस को देखते हुए जनता कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि जनता कर्मियों के समय हमें अपना आत्म संयम बनाए रखना चाहिए और देश हित में हो रहे कार्यों में अपनी सहभागिता देनी चाहिए।

 जनता कर्फ्यू से अर्थ बेहद ही सरल है कि जनता बाहर ना निकले पूर्ण तहा घर में ही रहे। इसका विशेष रुप से ध्यान दिया गया, जिसकी वजह से सभी स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, ऑफिस, बैंक और सरकारी संस्थाएं बंद थी। ऐसे समय में लोग अपने घरों में रहने पर मजबूर हो गए थे। तथा एक कड़ी कानून नीति अपनाकर के शासन द्वारा लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही थी।

Our Opinion Paragraph in Hindi to Avoid Pandemic | महामारी से बचने के लिए हमारा ओपिनियन पैराग्राफ इन हिंदी

महामारी से बचने के लिए हमारी सलाह

चीन से शुरू हुई महामारी कोरोनावायरस से आज पूरी दुनिया परेशान हो चुकी है। पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका कोरोना वायरस का कोहराम पूरी तरह से फैल  चुका है। पूरी दुनिया में अभी करोड़ों की संख्या में  कोरोनावायरस का संक्रमण ने अपने पैर पसारे हैं। लोगों को इसके रोकथाम के लिए खुद को सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि अभी प्रत्यक्ष रुप से कोरोना वायरस का कोई भी इलाज नहीं निकला है। इसके वेक्सीन की अभी तक खोज चल रही है। इस हिसाब से हमें कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। ताकि हम कोरोना वायरस से अपनी रक्षा स्वयं कर सके।

चलिए जानते हैं वह कौन से तरीके हो सकते हैं जिससे करना कि संक्रमण को फैलने से बचाया जा सकता है:-

  • कोरोना वायरस से बचने के लिए c फ़ूड यानी की कच्चा मांस नहीं खाना चाहिए।
  • अपने हाथों को लगातार साबुन और हैंड वाश से धोते रहना चाहिए। हाथ गंदा हो या ना हो उसे लगातार बना दूरी है, क्योंकि कोरोना वायरस का संक्रमण हाथ से ही सबसे अधिक करता है।
  • हर वक्त हैंड सेनीटाइजर का यूज करना है ताकि करो ना मिलने का प्रभाव कम हो सके।
  • खांसने और छीकने के वक्त अपनी बाहों में मुँह को बंद करके छिकना चाहिए। दोनों हाथों को अपने चेहरे के सामने लाकर के भी सीखने से मुंह का वायरस नहीं फैलता है। इसके बाद अपने हाथ को दो लेना चाहिये।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी को यह सलाह दी है कि कांग्रेस से बचने के लिए विशेष रूप से साफ सफाई का ध्यान देना आवश्यक है। हमें रोज नहाने, साफ कपड़े और ख़ुद को साफ रखने में विशेष ध्यान देना चाहिये।
  • अपने चेहरे को बार-बार छूने से बचना चाहिए तथा इसके साथ ही नाक और आँख को छूने से परहेज करना चाहिए। उसके साथी हमें किसी विशेष लौह तत्व को छूने से बचना चाहिए, क्योंकि कोरोनावायरस का प्रभाव लौह वाले चीज़ों में सबसे अधिक रहता है।
  • दूसरा सबसे विशेष है एक दूसरे से दूरी बना करके रखना तथा सार्वजनिक स्थानों से दूर रहना। इस समय हमें work-from-home को बढ़ावा देना चाहिए तथा इसके अलावा भीड़ से बचना चाहिए।
  • कोई मेरे से बचने के लिए अपने कमरे का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रखना चाहिए। यह करने से कोरोना वायरस का प्रभाव कम हो जाता है।
  • जब भी आप बाहर निकले तो मास्क और दस्ताने पहनकर ही निकलने चाहिए। बेवजह हमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। 
  • जब आप को बुखार-खांसी जैसी कुछ छोटे-मोटे बीमारियां हो तो खुद को किसी कमरे में या सरकारी सहयोग में क्वारंटाइन कर दें।
  • घर में विशेष रूप से छोटे बच्चों को दूर हो और जो पहले से बीमार हो उन पर विशेष ध्यान दें।

वैसे तो हमारे देश औऱ दुनियाभर के डॉक्टर दिन रात मेहनत कर के  कोरोना वायरस की वैक्सीन की खोज कर  रहे हैं। लेकिन हम अगर डॉक्टर की सलाह से शुरू से माने तो हम इसको भारत में फैलने से बचा सकते हैं।

Essay on how life was spent in LockDown | Corona Virus teach me in hindi

कोरोना (Corona Virus teach me in Hindi) काल के दौरान पूरे देश भर में लॉकडाउन जारी कर दिया गया था। जिससे सभी स्कूले-कॉलेज, ऑफिस, सिनेमा, शॉपिंग हाउस पूर्ण रुप से बंद थी। यहां तक की सारी सरकारी सेवाएं बंद कर दी गई थी। इसका फायदा हुआ कि जो लोग घर से बाहर रहते थे वह विशेष रूप से अपने परिवार को ध्यान देने लग गए। चलिए कुछ लॉकडाउन की विशेष बातों को ध्यान देते हैं। जो हमारे आस पास हुई।

  • जो अपने काम से थोड़ा राहत लेना चाहते थे, और अपने परिवार को समय देना चाहते थे। वे अपनी सारी शिकायत भूल कर के अपनों के साथ समय बिताना सीख गए। इस दौरान लोगों ने अपनी काफी हसीन यादें सहेज कर रख ली है। 
  • उन माता-पिता बच्चों और पत्नी को भी शिकायत दूर हो गई, जिनके बेटे पति और पिता काम के सिलसिले से घर से बाहर रहते थे और अपने परिवार को समय ना दे पाते थे।
  • लॉकडाउन के समय बच्चों को अपने माता पिता के साथ समय बिताने का मौका मिल गया। तो वहीं कुछ लोग जो खाना बनाने की शौकीन थे, उन्होंने अपनी इच्छा पूरी की।  और वह यूट्यूब के माध्यम से वीडियो देख कर के सीख रही हैं। 
  • सभी परिवार मिलकर के कई तरह के छोटे-मोटे गेम खेलें जैसे कैरम, लूडो और कई तरह के वीडियो गेम्स। इसी प्रकार से सभी ने अपनी इच्छा के अनुसार काम किया।
  • लॉकडाउन के दौरान सभी शिक्षक और बच्चों ने घर में रह करके ही ऑनलाइन क्लासेस अटेंड की। ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई तकलीफ न हो। इससे ऑनलाइन शिक्षा का महत्व काफी अधिक बढ़ गया। 
  • लॉकडाउन के दौरान जिन लोगों ने अपने कई सारी इच्छाएं पूरी की जो पहले कभी ना कर पाए थे कईयों ने अपने डांस, गाना गाना, खाना पकाना, पेंटिंग करना ऐसे तरह-तरह की कार्यविधि सीखी और अपने मनोरंजन को बढ़ाया। 

इस समय कई तरह की परेशानियां भी झेलनी पड़ी तो  कई तरह के लाभ हुआ। विशेष रूप से शायद इससे मजदूरों को पीटा की समस्याएं उठानी पड़ी जिसमें काफी बड़ी संख्या में पलायन शामिल है। तो वहीं पूर्ण रूप से लॉकडाउन (Corona Virus teach me in Hindi) रहने पर सारी फैक्ट्रियां बंद थी जिसके कारण प्रदूषण का दर बहुत कम हो गया।

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