Home अनुच्छेद Precautions should be taken during rainy days paragraph in Hindi

Precautions should be taken during rainy days paragraph in Hindi

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

Precautions should be taken during rainy days paragraph in Hindi: बारिश का मौसम बहुत ही सुहावना होता है। ऐसे तो बारिश की ऋतु हर किसी व्यक्ति को पसंद है। लेकिन बारिश खूबसूरती लाने के साथ-साथ कई बीमारियां भी लाती है। बारिश होने पर किसान बहुत खुश होते हैं। बारिश की ऋतु भारत में जुलाई से लेकर सितंबर – अक्टूबर तक चलती हैं। बारिश की ऋतु में आपको मुख्य द्वार पर ध्यान में रखना जरूरी है। इस समय वायरस और जीवाणु शरीर पर अटैक करके आपको बीमार बना सकते हैं।

बारिश में आम तौर पर कई मुख्य बीमारियां जैसे निमोनिया, मलेरिया इत्यादि देखने को मिलती है। इसके अलावा भी कई प्रकार की अन्य बीमारियां बारिश के कारण ज्यादा फैलती है। आज हम एक आर्टिकल में बारिश के समय किन-किन सावधानियों को बरतना चाहिए इसके बारे में बात करेंगे।

बारिश में कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए

1. पानी इकट्ठा ना होने दें :-

बारिश के पानी को अपने घरों में या कहीं गड्ढों में इक्कठा ना होने दें। घर के आसपास बारिश का पानी इकट्ठा होने पर इस पानी में कई प्रकार के फंगल और जीवाणु पैदा हो जाएंगे। जो आपके शरीर के संपर्क में आने से आपको फंगल इनफेक्शन,खुजली, दाद जैसी समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। इनके अलावा बारिश के समय घर में कूलर में ज्यादा लंबे समय तक पानी ना रखें। पानी में हर प्रकार का जीवाणु और विषाणु लंबे समय तक जीवित रह सकता है। पानी में कोरोनावायरस करीब 20 घंटे तक जीवित रहता है और पानी के जरिए इस वायरस के फैलने की संभावना भी अधिक है।

2. एकत्रित पानी में पेट्रोल और केरोसिन डालें :-

बारिश के समय आप को ऐसा लग रहा है, कि पानी को जमा होने से रोकना संभव नहीं है। हर हाल में पानी जमा हो रहा है। तो ऐसे में आप उस जमा हुए पानी में पेट्रोल व केरोसिन डाल दे। पेट्रोल व केरोसिन डालने से एकत्रित पानी में खतरनाक सुख में जीवाणु उत्पन्न नहीं होंगे।

3. पानी की टंकी को बंद रखें :-

बारिश की ऋतु में ज्यादातर खतरनाक वायरस गंदे पानी में फेलते हैं। लेकिन डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। इसीलिए आपको अपने घरों में लगी पानी की टंकी को पूरी तरह से बंद रखें। अगर आपके घर में प्लास्टिक की टंकी लगी है, तो उसके ढक्कन को बंद कर दें। अन्यथा किसी अन्य चीजों से टंकी को पूरी तरह से पैक कर लें।

4. खिड़कियों में मच्छर जाली लगाए :-

घर की आस-पास की गंदगी से कई प्रकार के रोग फैलाने वाले मच्छर घर में प्रवेश करके घर के किसी भी सदस्य को रोगी बना सकते हैं। ऐसे में आप अपने घरों की खिड़कियों में मच्छर जाली लगा दें। ताकि आसपास के मच्छर आपके घर में प्रवेश ना करें।

5. घर में साफ सफाई रखें :-

बारिश के मौसम में मुख्य तौर पर घर में साफ सफाई रखना बहुत ही जरूरी है। घर में लगे गमलों और टूटे-फूटे डिब्बे, टायर,बर्तन,बोतल इत्यादि में पानी एकत्रित होने ना दें। उन्हें उल्टा करके रख दें। इसके अलावा घर में रसोई के साथ-साथ अन्य कमरों को भी पूरी तरीके से साफ रखें।

6. मच्छरों को मारने के लिए नियमित उपाय करें :-

बारिश के मौसम में मच्छरों की समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है और इन्हें मच्छरों के काटने से आदमी बीमार हो जाता है। बारिश के मौसम में आपको घर के बाहर खुले में नहीं सोना चाहिए खुले में मच्छर अत्यधिक होते हैं। जिनसे आप बीमार भी पड़ सकते है। घर में उनका या कूलर चला कर आप सो सकते हैं। मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छर नाशक क्रीम, मच्छर नाशक स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि पदार्थों का नियमित रूप से प्रयोग करें। अगर घर के आस-पास अत्यधिक मात्रा में मच्छर है। तो नीम के पेड़ की कुछ पत्तियां इकट्ठा करके उनको जलाएं या घर में पड़े बेकार के टायरों को जलाएं, ताकि मच्छर आसानी से भाग सके।

7. घर में करें मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव :-

बाहर के वातावरण साथ साथ घर में भी बारिश के समय मच्छर के फैलने और पनपने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। इसलिए आप घर में रोजाना पोछा लगाते समय फिनोल का उपयोग करें। यदि आपको लग रहा है, कि फिनोल के उपयोग के बावजूद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। तो घर मैं सभी जगहों पर आते में एक बार मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव करें। इस मच्छर नाशक दवाई का उपयोग घर के सभी कोणों, फोटो फ्रेम, कैलेंडर, कपड़ों के के पीछे सभी जगह पर छिड़के। अत्यधिक मच्छर ऐसे छोटी-छोटी जगहों पर ही पनपते हैं।

8. घर में दवाई का छिड़काव करते समय मुंह और नाक को ढके :-

जब भी आप घर में मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव कर रहे होते हैं। तब अपने मुंह और नाक पर कपड़ा बांध ले। इसके अलावा मच्छर नाशक दवाई को खाने की चीजों से दूर रखें या खाने-पीने की चीजों को ढककर रख दें।

9. पानी में मिला क्लोरीन की गोली :-

क्लोरीन की गोलियां पानी में खेल रहे मच्छरों और जीवाणुओं के लिए जानलेवा होती है। क्लोरीन की गोलियां मिलाने से पानी जीवाणु और विषाणु मुक्त हो जाता है। ताकि आप उसका उपयोग आसानी से कर पाए। इसके अलावा अगर आपके पास क्लोरीन की गोली उपलब्ध नहीं है, तो आप बारिश के मौसम में मुख्य रूप से पानी को उबालकर फिर ठंडा करके पीए। कम साल के बच्चों के लिए और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों के लिए बारिश के मौसम में फैलने वाले मच्छर इन को अत्यधिक रूप से प्रभावित करते हैं। साथ ही साथ गर्भवती महिलाएं भी बारिश से फैलने वाले मच्छरों से सावधानी बरतें।

10. बेहतर कपड़ों का करें उपयोग :-

बारिश के समय आपको अपने शरीर पर बेहतर कपड़ों का उपयोग करना होगा मतलब यह है, कि बारिश के समय आपको ऐसे कपड़े पहने हैं। जिससे आपका शरीर ज्यादा से ज्यादा ढका रहे। खास तौर से बच्चों के लिए यह सावधानी जरूर बरतें। बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाए, ताकि उनका पूरा शरीर उन कपड़ों में ढक जाए। दूसरी तरफ यदि आप बारिश के समय कहीं बाहर जा रहे हैं या बाहर से घर आना चाहते हैं, तो ऐसे में रेनकोट का उपयोग करें।

11. बारिश में ज्यादा लंबे समय तक स्नान ना करें :-

बारिश में स्नान करना सभी लोगों को पसंद है। लेकिन लंबे समय तक बारिश में स्नान करना आपके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। लंबे समय तक बारिश में स्नान करने से सर्दी जुकाम लगने के साथ-साथ हाथ और पैरों में खुजली होना जैसी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

- Advertisement -

Most Popular

Essay on Corona Warriors in Hindi | कोरोना योद्धाओं पर निबंध हिंदी में

आप सब तो जानते ही हैं कि आज के समय में पूरा विश्व कोरोना (Essay on Corona Warriors in Hindi) जैसी वैश्विक महामारी से...

Essay On My Home In Hindi | Mera Ghar Essay in Hindi

हम सब मानव जनजातियों के लिए रहने और आश्रय लेने के लिए एक निवास स्थान की जरूरत होती है जिसे हम सब घर कहते...

Essay on addiction in Hindi and His Causes and Effects of Technology

Essay on addiction in Hindi को सही से परिभाषित किया जाय तो इस का सीधा मतलब है बुरी आदत की लत। जब इंसान को...

Essay on Lord Buddha and Gautam in Hindi and His Full Life Story and Biography in Hindi

Essay on Lord Buddha and Gautam in Hindi: भगवान बुद्ध का जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व में कपिलवस्तु के समीप लुंबिनी वन (आधुनिक रूमिंदाई...

Recent Comments