Paragraph On Wastage Of Water In Hindi | पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में

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Paragraph On Wastage Of Water In Hindi | पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में

Paragraph On Wastage Of Water In Hindi : कहा जाता है कि यदि तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो वह पानी के लिए हो सकता है। भविष्य में गर्त में क्या छुपा यह कोई नही जानता, लेकिन पानी के महत्व से इनकार नही किया जा सकता है।

हमारे रोजमर्रा के जीवन मे कई ऐसे कार्य हायन जो पानी के बिना पूरे ही नही हो सकते। जैसे कि पानी की आवश्यकता कई उद्योगों में होती है, जानवरों को नहलाने के लिए, कपड़े साफ करने के लिए,पीने के लिए, कृषि के लिए पानी बहुत जरूरी होता है।

इन सब के अलावा सफाई के कामों में पानी जरूरी होता है, कई मशीनरी में पानी उपयोग किया जाता है। पेड़ पौधे के विकास के लिए पानी बहुत जरूरी है। पानी इस धरा की बहुमूल्य संपदा है, जो हमे प्रकृति से मिला है।

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पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (100 Words)

पृथ्वी पर जीवन है इसकी एक बड़ी वजह पानी की मौजूदगी है। सभी जीव-जंतु, इंसान अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी पर ही आश्रित रहते हैं। इसके अभाव में वो कुछ दिन तक ही जीवित रह पाएंगे।

सभी पेड़-पौधे, वनस्परियाँ आदि पानी के बिना मुरझा जाएगी और धीरे धीरे धरती से हरियाली गायब हो जाएगी। पानी की वजह से पृथ्वी का तापमान भी संतुलित रहता है।

कई तरह के जीव सागर, महासागर, नदियों में रहते हैं, जो कि पानी के बिना एक पल भी जीवित नही रह2 सकते हैं। कई तरह की वनस्परियाँ पानी के अंदर ही जन्म लेती है।

लेकिन यदि पानी की कमी पृथ्वी पर हो गई तो सभी को अभी जरूरत के अनुसार पानी नही मिल पाएगा और जीवन खतरे में आ जाएगा, इसलिए पानी का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (150 Words)

पानी के बिना जीवन असंभव है, यह बात हम सब कोई जानते हैं लेकिन पानी का अनुचित उपयोग करने से खुद को नही रोक पाते हैं, जबकि पानी को इस तरह से व्यय करना हमें मुश्किल में डाल सकता है।

हम हर छोटे कामो में पानी का व्यय करते हैं, जहाँ एक मग पानी से ब्रश हो सकता है, वहाँ पर आधा बाल्टी पानी इस्तेमाल करते हैं। इसलिए हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि पानी बचा सकें।

यदि पानी गंदा है तो उसे फेकना नही चाहिए बल्कि बाथरूम में या पेड़ो में डाल देना चाहिए। नहाते वक्त शावर के जगह बाल्टी में पानी लेकर नहाना चाहिए। बारिश के मौसम में पानी को संग्रहित करना चाहिए।

यदि किसी नल से पानी टपक रहा है तो उसे तुरंत सुधरवाने की कोशिश करना चाहिए। वाहनों को धोते वक़्त कम से कम पानी का उपयोग करना चाहिए।

इन तरीकों को अपनाकर पानी को बचाया जा सकता है,और भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (200 Words)

पानी के बिना कोई भी जीवन असंभव है, इसलिए हम सबको प्रकृति की इस अनमोल धरोहर को बचाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि जिस दिन जल नही रहेगा,उस दिन जीवन की कल्पना करना भी संभव नही होगा। इसलिए हमें हर वक़्त इस बात कह खयाल रखना चाहिए कि किसी भी तरह से पानी का अपव्यय न हो।

पानी को कैसे बचाया जा सकता है?

हमें जल को प्रदूषित होने से इसे बचाना चाहिए। हम आजकल देखते हैं कि औद्योगिक कचरा नदी के पानी या सागरों में छोड़ दिया जाता है जिससे कि वहां का पानी पीने लायक नही रह जाता है।

इसलिए सबसे पहला इस कचरे को नदियों के पानी मे मिलने से रोका जाना चाहिए। कई जगहों में आज भी पशुओं को नदी के पानी मे नहलाया जाता है, इससे भी जल प्रदूषित होता है।

भूमिगत का जल का व्यय भी बहुत अधिक होता है। इस अपव्यय को रोकने के लिए के नीचे से जल निकालने के एक सीमा तय कर देना चाहिए।

जल का सबसे ज्यादा अपव्यय घरों में होता है। किसी भी काम मे जरूरत से ज्यादा जल का उपयोग नही करना चाहिए। जो जल अतिरिक्त है और किसी काम का नही बचा है उसे बगीचों में डाल देना चाहिए।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (250 Words)

जल ही जीवन है, यह स्लोगन हम कई बार सुनते तो जरूर है पर इसका अर्थ महसूस नही कर पाते हैं। हम सभी इस बात से भली भांति परिचित है कि जल है तो ही जीवन है। जल के बिना सब सूना है। लेकिन फिर भी अपनी जिम्मेदारी को सही तरह से नही निभाते हैं और प्रकृति के द्वारा दिये गए इस अमृत का अपव्यय करते हैं।

इसलिए हमें समय रहते जल के महत्व को समझ जाना चाहिए, नही तो एक दिन हम बहुत बड़े जल संकट में घिर जाएंगे।

जल प्रदूषण के कारण.

पृथ्वी में पानी 71 प्रतिशत है, जिसमें से पीने योग्य पानी मात्र 1% है। लेकिन हमारे क्रियाकलापों के कारण वह पीने योग्य पानी भी प्रदूषित होता जा रहा है। प्रदूषण के कई कारण है।

जैसे कि उद्योगों का कचरा जब पानी मे मिलता है तो दूषित कर देता है। शहरी जनजीवन में कचरे की मात्रा भी काफी अधिक होती है, जिसमें जहरीले रसायन, मल, मूत्र के अलावा पन्नी जैसे कई अवांछनीय चीज़े होती हैं जो इसे दूषित कर देती हैं।

पानी बचाने की आवश्यकता.

आज के वक़्त को देखते हुए इस बात को कहने में जरा भी शर्म महसूस नही होनी चाहिए कि आज हम जिस स्थिति में हैं, उसके कारण हम खुद है। आज पानी बचाने की आवश्यकता है। पहले जो नदियाँ हर मौसम में बहा करती थी, आज बरसाती नदियाँ बनती जा रही हैं।

नदियों का दायरा कम होता जा रही है जिसका मतलब है पीने योग्य पानी की कमी हो रही है क्योंकि नदियों का पानी ही हमारे पीने के पानी का स्रोत है।

इसलिए हम सबको मिलकर पानी को बचाने की कोशिश करना चाहिए।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (300 Words)

पृथ्वी पर जीवन इसी तरह चलता रहे हैं इसके लिए पानी का होना बहुत जरूरी है। पानी के बिना पृथ्वी पर जीवन कायम नही रह सकता है। वैज्ञानिक जब भी किसी नए ग्रह पर जीवन की खोज करने की कोशिश करते हैं तो सबसे पहले यह देखते हैं कि किस ग्रह में पानी है।

यानी पानी से बहुमूल्य कुछ भी नही है। लेकिन पूरा विश्व स्वच्छ पानी की समस्या से जूझ रहा है। विश्व की एक बड़ी आबादी को पीने योग्य पानी नही मिल पाता है।

पानी की कमी का प्रभाव

पानी की कमी का प्रभाव हर जगह देखने को मिलता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के सर्वेक्षण में यह देखने को मिला कि देश के करीब 14.4%किसान सिर्फ सूखे के चलते आत्महत्या कर रहे हैं।

पानी की कमी के कारण देश के राजस्थान जैसे प्रान्तों में ग्रामीण लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि पीने का साफ पानी उपलब्ध ही नही हैं।

पानी के कमी के कारण कई वन्य जीवों को पानी नही मिल पाता है, जिसकी वजह से वह किसी दूसरी जगह पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं।

पानी बचाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

पानी को सिर्फ हम इंसान ही बचा सकते हैं। इसलिए हमें कोशिश करनी चाहिए। हमें सबसे यह संकल्प लेना होगा कि यदि हम एक बूंद पानी बचा पाते हैं तो हमें वह भी बचाना है।

पानी बचाने के लिए सभी नलों को हमेशा कसकर बंद करना चाहिए, किसी नल का पानी टपक रहा है तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए।

पाइप लगाकर फर्श धोने बहुत पानी व्यय होता है इसलिए मग और बाल्टी से फर्श धोना चाहिए।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (350 Words)

आज पीने योग्य पानी की बहुत कमी महसूस हो रही है, इस वजह से आज हम समझ पा रहे हैं कि पानी कितना अनमोल है और इसके बिना हमारी सारी तरक्की व्यर्थ है। पानी ही जीवन का आधार है। इसलिए जल को बचाना जीवन बचाने के समान है।

जल है एक अनमोल संपदा.

पृथ्वी पर मौजूद सभी सजीव निकायों के जल किसी अमृत से कम नही है क्योंकि जल के बिना ये सभी निकाय मृत्यु को प्राप्त हो जाएंगे।

जल है तभी हमारी पृथ्वी हरी भरी और फल फूल रही है, वरना जल के बिना तो पृथ्वी एक मरुस्थल और पर्वत का एक पिंड मात्र बचेगी जिसमें जीवन अपने अस्तिव को बचाने की लड़ाई लड़ रहा होगा।

हमारे जो अनाज खाते हैं उसे उगाने के लिए भी पानी जरूरी है। बिना पानी के हम खाने योग्य चीजों को नही उगा पाएंगे और फिर हम उसी प्राचीन युग मे चले जायेंगे जहां इंसान अपना पेट भरने के जानवरों के मांस पर निर्भर रहता था।

हालांकि आज भी पृथ्वी पर पानी की मात्रा कम नही हुई है। आजभी पानी उतना ही है जितना पहले था, लेकिन समुद्री जल और महासागरीय जल किसी उपयोग में नही आता, क्योंकि उसकी लवणता बहुत अधिक होती है।

इस हिसाब से पीने योग्य पानी मात्र 1%है। यदि हमने इसे नही बचाया तो यह भी दूषित हो जाएगा।

जल निकायों को गंदा करने से पारिस्थितिक तंत्र को है खतरा.

जल निकाय से पूरे पृत्वी का अस्तित्व जुड़ा हुआ है। यदि ये प्रदूषित हो गए तो न सिर्फ जलीय जीव इससे पर प्रभावित होंगे बल्कि स्थलीय जीव-जंतु, इंसान, वनस्पतियां सब कुछ प्रभावित होगी।

इसलिए हम इंसानों के ऊपर यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि अपने पृथ्वी पर मौजूद जल निकायों को स्वच्छ बनाएं रखें। इनमे किसी भी तरह के रसायन या सिंथेटिक पदार्थ न मिलाएं क्योंकि इस तरह का दूषित पानी पीने से जीवों पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता है और उनकी मृत्यु भी हो सकती है।

पानी की बर्बादी पर अनुच्छेद हिंदी में (Paragraph On Wastage Of Water In Hindi)  –  (400 Words)

आज जल प्रदूषण एक बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है क्योंकि इसकी वजह से स्वच्छ और पीने योग्य पानी की कमी लगातार होती जा रही है, जिसकी वजह से दुनियाँ की एक बड़ी आबादी आज गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है।

पानी के जल स्रोत दिनोदिन कम होते जा रहे हैं, जो नदियाँ पहले हर वक़्त बहती रहती थी, आज उनका न सिर्फ दायरा कम हो रहा है बल्कि वो सिर्फ बारिश के पानी पर निर्भर रखने वाली नदिया बन गई हैं।

ताजा पानी क्यों कम हो रहा है?

हम सब जानते हैं कि पृथ्वी पर बहुत जल है। इसका 71%भाग पानी से डूबा हुआ है। लेकिन पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत कम है। पीने का पानी मात्र 1% ही है। यह ताजा और पीने योग्य पानी ग्लेशियर की जमी बर्फ से मिलता है।

लेकिन बढ़ती गर्मी और प्रदूषण के कारण ग्लेशियर भी पिघल रहे हैं, जिसकी वजह से पानी जरूरत से ज्यादा व्यय हो रहा है। इसके अलावा पानी का संरक्षण सही तरीके न होने के कारण पीने योग्य पानी भी दूषित हो रहा है, जिस वजह से आज पानी की किल्लत हो रही है।

पानी की बर्बादी को कैसे रोके?

पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सभील
लोगो को पानी का उचित मूल्य समझाना बहुत जरूरी है। लोगो को बताया जाना चाहिए कि जल संरक्षण कितना ज्यादा जरूरी है।

पानी की बर्बादी कम से कम हो, इसका समुचित प्रयास करना चाहिए। कल-कारखानों से जो कचरा निकलता है, उसे पानी मे कभी भी नही डालना चाहिए। गंदे पानी को भी सही तरीके से इस्तेमाल करने पर विचार करना चाहिए।

पानी को बचाने के क्या तरीके हैं?

आप निम्नलिखित तरीको को अपनाकर पानी को बचा सकते हैं:-

  • अपने बगीचों में पानी तभी डालें जब पौधों को पानी की जरूरत हो।
  • सिंचाई के लिए पाइप के माध्यम से पानी देने से अच्छा विकल्प छिड़काव के द्वारा सिंचाई करना है।
  • ऐसे पेड़ पौधों को लगाना चाहिए जो कम पानी का उपयोग करते हो।
  • घर-ऑफिस कही भी यदि नल से पानी टपक रहा है तो इसे तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए। यदि एक एक बूंद पानी दिनभर टपकता रहता है तो करीब 20 गैलन पानी व्यर्थ हो जाता है।
  • पाइप से कार धोने की वजाय बाल्टी और मग का उपयोग करने धोना चाहिए, इससे काफी ज्यादा पानी की बचत होती है।
  • बहते पानी से बर्तन नही धोना चाहिए बल्कि किसी बर्तन में भरकर पानी पहले से रखना चाहिए।

पानी एक बहुमूल्य संपदा है, जिसे हर कीमत पर बचाया जाना चाहिए।