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Paragraph on Delhi Poshak in Hindi | दिल्ली पॉशक पर अनुच्छेद हिंदी में

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Paragraph on Delhi Poshak in Hindi: दिल्ली केवल भारत की राजधानी ही नहीं बल्कि एक केंद्र शासित क्षेत्र भी है। यह यमुना नदी के किनारे बसा हुआ विकसित एवं काफी अधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है। दिल्ली में हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी आदि भाषाएं बोली जाती हैं और ऐतिहासिक दृष्टि से यह भारत का अति प्राचीन नगर है, जो सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है।

दिल्ली पर्यटन का बहुत बड़ा केंद्र है, जहां पर देश विदेश के लोग घूमने के उद्देश्य से आते हैं और यहां के ऐतिहासिक एवं आकर्षित स्थानों का लुफ्त उठाते हैं। यह एक ऐसा पर्यटन क्षेत्र है जहां पर्यटन के लिए इंडिया गेट, लोटस टेंपल, क़ुतुब मीनार, राष्ट्रपति भवन, लाल किला आदि विद्यमान हैं। यह प्रदेश इतना आकर्षित एवं मनोरंजक है कि यहां विभिन्न स्थानों के भ्रमण से लोग काफी आनंद लेते हैं। 

क्षेत्रफल की दृष्टि से दिल्ली भारत का तीसरा सबसे बड़ा प्रदेश है, जो 1483 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका के मुख्यालय नई दिल्ली में ही स्थापित है। दिल्ली में अधिक जनसंख्या विस्तार होने के कारण लोग व्यापार करने के उद्देश्य से भी आते हैं और यहां रहकर अनेक प्रकार के उद्योग धंधे से भी जुड़े रहते हैं।

दिल्ली में पोशाक का एक विस्तृत व्यापार (A wide trade of dress in Delhi):

दिल्ली में वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में एक बड़ा व्यापार विकसित हुआ है एवं बड़े-बड़े त्योहारों के साथ साथ शादी ब्याह के मौके पर दूर-दूर से कपड़ों की खरीदारी करने के लिए लोग आया करते हैं। दिल्ली में पोशाक के व्यापार से लोग ऐसे प्रदेश में अच्छी खासी कमाई करते हैं और अपनी जीविका चलाते हैं।

दिल्ली की पोशाक में भारतीय संस्कृति की झलक (Glimpses of Indian culture in the dress of Delhi):

भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्म और संस्कृति (Paragraph on Delhi Poshak in Hindi) के लोग रहते हैं। इसलिए यहां के लोगों में उनके धर्म एवं संस्कृति के अनुसार कपड़ों में भी विभिन्नताएं देखी जाती है। ऐसे में दिल्ली जैसे क्षेत्र के बारे में कहा जाए तो यहां बेहतरीन किस्म में एवं डिजाइनर कपड़ों की बाजार लगती है।

यहां के बाजारों में बिकने वाले कपड़े सस्ते एवं किफायती दोनों तरह के होते हैं, जिसके कारण लोग अपने बचत के आधार पर अपने पसंद से कपड़े खरीद सकते हैं और उन्हें कोई परेशानी भी नहीं होती है। दिल्ली की पोशाक से विस्तृत व्यापार एवं यहां के बड़े-बड़े दुकानों में खरीदारी करने के कारण प्रतिदिन लोगों की भीड़ हजारों की संख्या में भी लगी रहती है।

धर्म एवं संस्कृति से जुड़ी दिल्ली की पोशाक (Dress of Delhi related to religion and culture):

यदि हम दिल्ली जैसे क्षेत्र में पोशाक की बातें करें तो हर धर्म एवं संस्कृति के लोगों में अलग-अलग तरह के वेशभूषा देखे जाते हैं और दिल्ली में विभिन्न स्थानों से आकर लोग बसे होते हैं जिसके कारण दिल्ली के पोशाक में भी काफी भिन्नताएं दिखाई देती है।

दिल्ली में पुरुषों एवं महिलाओं के आभूषण और पोशाक (Paragraph on Delhi Poshak in Hindi) की बातें की जाए तो इसके कारण यहां व्यापार के क्षेत्र में लोग अपना अच्छा खासा समय देते हैं और उसी के अनुसार कमाई भी करते हैं। यहां पोशाक के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण, आभूषण की दुकानें हैं। त्योहारों एवं शादी विवाह के मौके पर पुरुष एवं महिलाएं विभिन्न तरह के परंपरागत वस्त्रों को भी पहनते हैं।

वर्तमान समय में दिल्ली की पोशाक (Present day dress of delhi):

आज के दौर में जिस तरह से नए नए एवं डिजाइनर कपड़े बनाए जा रहे हैं और उनकी मांगे भी बढ़ती जा रही है लेकिन वहीं दूसरी ओर दिल्ली में पारंपरिक वस्त्रों का भी विशेष महत्व है। 

महिलाओं के लिये:

विभिन्न समारोह के मौके पर महिलाएं साड़ी, सलवार कमीज एवं पुरुष कुर्ता पायजामा, शेरवानी और चूड़ीदार आदि पहनते हैं। इसके अलावा वहां बच्चे भी विभिन्न तरह के पोशाक में नजर आते हैं। ऐसे में महिलाओं द्वारा निम्नलिखित पोशाक तैयार किए गए हैं, जो दिल्ली की पोशाक के रूप में काफी प्रसिद्ध है- 

  1. साड़ी: आमतौर पर साड़ी एक ऐसा पारंपरिक पोशाक (Paragraph on Delhi Poshak in Hindi) है, जो प्रायः सभी जगह महिलाओं के द्वारा पहने जाते हैं एवं उन्हें एक आकर्षक लुक प्रदान करते हैं। दिल्ली में भी साड़ी महिलाओं द्वारा विवाह एवं अन्य अवसरों पर पहनी जाती है। दिल्ली में महिलाओं के लिए कई प्रकार की डिजाइनर साड़ी बाजार में उपलब्ध होती है, जिसमें शरीर और बॉर्डर पर विशेष प्रकार की पैटर्न एवं डिजाइन बने होते हैं। 
  2. लॉन्ग स्कर्ट: दिल्ली में कई महत्वपूर्ण एवं आकर्षक पोशाकों में लॉन्ग स्कर्ट भी शामिल है, जो एक ओर से पारंपरिक भी है एवं वही दूसरी ओर नए जमाने की अनुसार कारीगरों द्वारा डिजाइन की जाती है। दिल्ली जैसे क्षेत्र में घर में रहने वाली महिलाओं से लेकर ऑफिस जाने वाली महिलाएं भी अपने दिनचर्या में लॉन्ग स्कर्ट का प्रयोग करती है।
  3. सलवार कमीज: साड़ी की तरह सलवार कमीज भी पारंपरिक पोशाक के अंतर्गत आता है। आज के समय में विभिन्न तरह के के कपड़े आने के बाद भी सलवार कमीज का महत्व पहले के समान ही रहा है। भले ही सलवार कमीज का प्रचलन काफी पुराना है लेकिन इसके बाबजूद जमाने के अनुसार नए डिजाइन एवं कारीगरी के द्वारा सलवार कमीज को नए रूप में परिवर्तित किया गया है, जो महिलाओं को एक अलग और आकर्षक लुक प्रदान करता है।

पुरुषों के लिये:

आज के समय में केवल महिलाओं ही नहीं बल्कि पुरुषों के लिए भी कई डिजाइनर कपड़े दिल्ली के बाजार में आ रहे हैं। दिल्ली में महिलाओं के पोशाक के बारे में तो आपने जाना, अब हम बताने वाले हैं कि पुरुषों के लिए भी कई पारंपरिक एवं डिजाइनर कपड़े दिल्ली के बाजार में व्याप्त हैं एवं लगातार इसकी मांग में वृद्धि होती जा रही है। दिल्ली की पोशाक में पुरुषों के लिए विभिन्न प्रकार की पोशाक की सूची निम्नलिखित रुप से देखी जा सकती है-

  1. कुर्ता पायजामा: महिलाओं के साथ साथ पुरुषों के लिए भी विभिन्न पोशाक को शामिल किया गया है जिसमें कुर्ता पायजामा अति महत्वपूर्ण है। एक ओर से देखा जाए तो यह पारंपरिक वेशभूषा के अंतर्गत आता है। विभिन्न त्योहारों एवं अन्य शादी विवाह के मौके पर दिल्ली जैसे क्षेत्र में पुरुष भी कुर्ता पहने दिखाई देते हैं।
  2. चूड़ीदार एवं शेरवानी: चूड़ीदार एवं शेरवानी प्राचीन समय से चली आ रही पुरुषों के लिए एक अच्छा पोशाक माना जाता है। दिल्ली में कई ऐसे बड़े बड़े दुकान एवं बाजार है जहां एक से एक डिजाइनर चूड़ीदार एवं शेरवानी बेचे एवं खरीदे जाते हैं।
  3. जींस और टीशर्ट: केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि अन्य सभी क्षेत्रों में पुरुषों के लिए जींस और टीशर्ट एक आम पोशाक है, जिसे वे किसी भी मौके पर अथवा अपने दिनचर्या में भी शामिल करते हैं। इसे पहन कर वह काफी हल्का और आराम महसूस करते हैं।

बच्चों के लिए पोशाक:

पुरुष एवं महिलाओं के साथ-साथ बच्चों के लिए भी रंग बिरंगी एवं डिजाइनर पोशाक (Paragraph on Delhi Poshak in Hindi) आने लगे हैं। ऐसे में दिल्ली की बात ना की जाए ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि दिल्ली में कई बाजार, बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल के साथ-साथ दुकानें भी हैं जहां केवल पोशाक बेचे ही नहीं जाते बल्कि कारीगरों की मदद से पूर्ण रुप से तैयार भी जाते हैं तथा बच्चों के लिए भी छोटे-छोटे टीशर्ट, पेंट, कमीज, फ्रॉक, पायजामा, जैबलेस, जिप्पी कपड़े और स्लिप सूट आदि मिलते हैं। इसके अलावा अन्य कपड़े भी हैं जो उन्हें आकर्षक रूप देते हैं।

इस प्रकार हम देख सकते हैं कि पोशाक उद्योग के क्षेत्र में दिल्ली अन्य विकसित क्षेत्रों की अपेक्षा काफी आगे है। इसके अतिरिक्त यहां बजट एवं पसंद के आधार पर भी पोशाक खरीदी जा सकती है। यहां प्रकार के पारंपरिक एवं डिजाइनर कपड़े का बाजार विस्तृत है। इतना ही नहीं इसके अलावा दिल्ली में अनेक क्षेत्रों से पोशाक का आयात निर्यात भी होता है जिसके कारण लोगों को कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होती और उन्हें अपने मनचाहे पोशाक मिल जाते हैं।

दिल्ली में बनाए गए पोशाक अलग-अलग डिजाइन एवं नए ढंग से तैयार किए जा रहे हैं जिससे उसने पारंपरिक संस्कृति एवं डिजाइनर कपड़ों की तरह भी दोनों का तालमेल बना है।

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