Mustard oil advantages and disadvantages | सरसों के तेल के फायदे एवं इसके नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

Mustard oil advantages and disadvantages

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सरसों के तेल के फायदे एवं इसके नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं (What are the advantages and disadvanatages of Mustard OIL)

Mustard oil advantages and disadvantages: वास्तव में प्राचीन काल से ही हमारे भारतीय इतिहास में सरसों के तेल को काफी ज्यादा लाभदायक और भोजन को पकाने में इस्तेमाल में लिए जाने वाला तेल माना जाता है। पहले के जमाने में ही लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल कई बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने के लिए किया करते थे। सरसों के तेल को हमारे भारतीय प्राचीन काल की चिकित्सा पद्धति में औषधि का रूप दिया गया है। अक्सर लोग सरसों के तेल में बने हुए ही भोजन को खाना बेहद पसंद करते हैं। चलिए आज अपने इस लेख के माध्यम से हम आप सभी लोगों को सरसों के तेल के अनेकों लाभ और इससे जुड़े हुए कुछ आने के बारे में भी जानकारी देते हैं। सरसों के तेल के लाभ तो स्वास्थ्य संबंधित अनेकों हैं परंतु कोई भी सटीक इलाज इस तेल के माध्यम से नहीं किया जा सकता हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करने पर किसी बड़े और विशेषज्ञ चिकित्सक से अवश्य परामर्श लें। चलिए आगे बढ़ते हैं, आज के हमारे इस महत्वपूर्ण लेख में।

सरसों का तेल क्या है और इसकी पहचान कैसे करें? (Information about mustard oil and how to identify pure mustard oil in Hindi )

How to identify pure mustard oil information in Hindi: हमारे देश में सरसों की खेती को नवंबर यानी कि सर्दी के महीने में किसान भाई करते हैं। हमारे देश में सरसों की खेती बड़ी मात्रा में की जाती है और सरसों के तेल को बाहर देशों में भी आयात क्या जाता है, क्योंकि यह खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ उसे पौष्टिक भी बनाता है। हमारे देश में इसे अनेकों नामों से जाना जाता है और इसकी पहचान छोटे-छोटे दानों में भूरे, लाल और पीले रंग के होते हैं। प्राचीन काल से ही सरसों का उत्पादन किया जा रहा है और इसीलिए इसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कम्प्रेसटिस हैं। सरसों के छोटे-छोटे दानों को मशीन की सहायता से पीसकर उसमें से तेल निकाला जाता है और फिर उसे खाने के योग्य बना कर भोजन में इस्तेमाल किया जाता है।

सरसों के तेल कितने प्रकार की होती हैं ? ( Types of mustard oil information in Hindi )

जिस प्रकार से हमारे देश में सरसों के तेल की अनेकों महत्वता और स्वास्थ्य संबंधित अन्य को लाभ हैं, इसी प्रकार से इस के अनेकों रूप भी हैं। हमारे देश में मूल रूप से सरसों के तेल के तीन प्रकार की उत्पादन किए जाते हैं, जिनका वर्णन इस प्रकार से निम्नलिखित हमने किया है।

  • रिफाइंड सरसों का तेल :

    जैसा कि सरसों के तेल को मशीनों की सहायता से निकाला जाता है और इस प्रकार के सरसों के तेल का स्वाद थोड़ा सा कड़वा होता है। रिफाइंड सरसों के तेल को खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है, यह काले, भूरे या फिर सफेद रंग के सरसों के दानों में से तेल को निकाला जाता है।

  • कच्ची धानी यानी ग्रेड-1 :

    हमारे देश में सबसे अधिक मात्रा में भोजन में कच्ची घानी के तेल का ही इस्तेमाल किया जाता है। यह सरसों के तेल का वास्तविक और पौष्टिक रूप होता है। अक्सर हमारे देश में भारतीय ग्रहणी इसी कच्ची घानी सरसों के तेल का इस्तेमाल भोजन को बनाने और स्वास्थ्य संबंधित लाभों को प्राप्त करने के लिए किया करती हैं।

  • ग्रेड-2 :

    इस प्रकार के सरसों के तेल का इस्तेमाल खाने की योग्य में नहीं लिया जाता अपितु इस थेरेपी आदि के कार्यों में लिया जाता है।

सरसों के तेल के फायदे एवं नुकसान किस प्रकार हो सकते हैं ? (Mustard oil advantages and disadvantages)

सरसों के तेल के इस्तेमाल के साथ-साथ एक के अनेकों लाभ हैं और कुछ इसके इस्तेमाल से हानियां भी है। आइए अब आगे जानते हैं, सरसों के तेल के कुछ लाभ एवं इसके हानियों के बारे में विस्तार पूर्वक से।

  • सरसों के तेल के फायदे? (Benefits information about mustard oil in Hindi)

    आइए जानते हैं, सरसों के तेल के कुछ प्रमुख फायदे जो इस प्रकार से निम्नलिखित वर्णित किए गए हैं।

  • पाचन शक्ति को बढ़ाने में हैं सहायक :-

    यदि आप अपने पाचन शक्ति से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं और इसका कोई सटीक एवं घरेलू नुक्सा ढूंढ रहे हैं, तो सरसों एकमात्र आपके लिए पाचन तंत्र में सहायक हो सकता है। एक चम्मच सरसों के तेल का सेवन करने से हमारे शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है। सरसों का तेल हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और खाने को पचाने में भी काफी सहायक होता है। यह हमारे शरीर में जरूरी आहार के बैलेंस को मेंटेन रखने में भी काफी सहायक होता है।इसीलिए यह पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर रखता है।
  • मांस पेशियों के दर्द में है सरसों का तेल सहायक :-

    प्राचीन काल में जब दवाइयां और अन्य चीजें मौजूद नहीं थे, तब मांसपेशियों के दर्द में सरसों का तेल ही इस्तेमाल किया जाता था। यदि आप भी मांस पेशियों के दर्द से जूझ रहे हैं और इसका कोई घरेलू उपचार तलाश कर रहे हैं तो आप सरसों के तेल से अपनी मांसपेशियों की मसाज कर सकते हैं। सरसों के तेल से मांस पेशियों में मसाज करने से हमारे मांस पेशियों के दर्द में काफी हद तक राहत मिल जाती है।
  • लंबे एवं घने बालों केलिए है सरसों का तेल सहायक :-

    आज के समय में हम देखते हैं, कि महिलाएं अपने बालों को घना एवं लंबा बनाने के लिए अनेकों प्रकार के रसायनिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे प्रोडक्ट लाभ पहुंचाने के बजाय आपके बालों को काफी ज्यादा हानि पहुंचा देते हैं और आपका बाल हल्का एवं बेजान सा होने लगता है। ऐसे में यदि आप सरसों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके बालों के लिए काफी सहायक हो सकता है।सरसों के तेल के अंदर विटामिन ई की मात्रा पाई जाती है, जो बालों को मजबूत, घना एवं लंबे करने में भी सहायक होती है। इसीलिए आप चाहें तो अपने बालों में सरसों का तेल हफ्ते में दो या तीन बार इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • स्वस्थ हृदय के लिए सरसों का तेल हैं सहायक :-

    सरसों के तेल के अंदर अनेकों प्रकार के ऐसे फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में बहुत सहायक होता है। सरसों के तेल में हमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड के अलावा ओमेगा-3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड भी पाया जाता है। यह सभी आवश्यक फैटी एसिड हमारे हृदय संबंधित समस्या को 50% तक कम करता है। हमारे शरीर में सरसों का तेल अच्छे कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करता है और यह हृदय रोग के जोखिमों को भी कम करता है।
  • कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में सहायक :-

    आज तक कैंसर का कोई भी सटीक और सस्ता उपचार नहीं बन पाया है। लगभग पूरे विश्व में कैंसर से 80 लाख़ से लेकर 95 लाख लोग प्रतिवर्ष मरते हैं। कैंसर भी एक महामारी के रूप में विश्व विख्यात हो चुका है और इसके चपेट में अब लोग बहुत ही बड़ी मात्रा में आ रहे हैं।यदि आप भी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचना चाहते हैं, तो आप सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरसों के तेल में कैंसर से लड़ने के लिए बहुत अच्छे एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं। यह ऐसे गुण होते हैं, जो कैंसर के सेल को नष्ट करते हैं और उनके विकास की गति को धीमा कर देते हैं। इस विषय पर कई बड़े वैज्ञानिकों ने भी शोध किया है और आप चाहे तो इस विषय पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के लिए गूगल पर सर्च कर सकते हैं।
  • दांतो के संबंधित समस्या में सरसों का तेल है सहायक :-

    आजकल लोग ऐसे ऐसे खाना आने लगे हैं, कि उनके खाने की वजह से दातों पर भी काफी ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। यदि आप दांतो से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं तो इस परिस्थिति में आप सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं और दांतों संबंधी समस्याओं को हल करने में भी सरसों काफी ज्यादा सहायक रूप में माना जाता है।यदि आप के मसूड़ों में सूजन और मसूड़ों में संक्रमण आदि जैसे खतरे होते रहते हैं, तो आप ऐसी परिस्थिति में सरसों के तेल को हल्दी के साथ मिलाकर अपने दांतों में इसका लेप लगा सकते हैं। वहीं पर आप चाहे तो सरसों का तेल और नमक का भी इस्तेमाल करके अपने दांतो एवं अपने मुख की स्वच्छता भी कर सकते हैं। दांतो से संबंधित किसी भी समस्या का हल प्राप्त करने के लिए आपको एक या फिर आधा चम्मच सरसों का तेल, एक चम्मच हल्दी और नमक को मिलाकर इसका पेस्ट तैयार कर लेना है। अब इस पेस्ट को आप दो-तीन बार अपने अनुसार अपने दांतों में इस्तेमाल करें आपको अनेकों लाभ इस घरेलू नुक्से से मिल सकते हैं।
  • अस्थमा के मरीजों के लिए सरसों का तेल है सहायक :-

    सरसों के तेल में सेलेनियम पाया जाता है और यही सेलेनियम अस्थमा के लोग को कम करने में सहायक होता है। कई सारे वैज्ञानिक शोध के बाद पता चला है, कि सरसों के तेल का इस्तेमाल करने से अस्थमा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। अस्थमा संबंधित समस्याओं का हल प्राप्त करने के लिए आपको पीली सरसों के तेल का इस्तेमाल करना है।
  • त्वचा संबंधित समस्याओं का निवारण करने में सरसों का तेल सहायक :-

    त्वचा के संबंधित किसी भी समस्या का निवारण करने के लिए आपको सरसों के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। सरसों के तेल में बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए भी काफी सारे गुण पाए जाते हैं और यह सारे शोध वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किए गए हैं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में सरसों का तेल काफी हद तक सहायक होता है।
  • बालों को सफेद होने से रोकने में है सरसों का तेल सहायक :-

    जो लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल बालों में करते हैं, उनका बाल बहुत लंबे समय तक धना, काला बना रहता है। सरसों के तेल में बालों के लिए विटामिन सी और मिनरल्स पाए जाते हैं और यही सभी बालों को पोषण पहुंचाते हैं और आपके बालों को स्वस्थ रखे हैं।यदि आप सरसों के तेल का फायदा बालों को काले करने के लिए करना चाहते हैं, तो आपको इसे अपने बालों के जड़ों तक लगाना होगा। सरसों का तेल आपके बालों में मौजूद डेड सेल को निकालता है और आवश्यक पोषक पहुंचाता है।यदि हमारे बालों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहेंगे , तो वह लंबे समय तक काले घने बने रहेंगे।
  • दिमाग को तेज करने और दिमाग की बीमारियों को दूर करने में है सरसों का तेल सहायक :-

    हमारे मस्तिष्क में यदि फैटी एसिड की मात्रा सामान्य रूप से रहेगी तो, हमारा दिमाग तीव्र और स्वस्थ रूप में काम करता है। हमारे मस्तिष्क में एक सेल मेमरेन होता है और यही फैटी एसिड इनको आहार पहुंचाते हैं। इन सभी चीजों के कारण हमारा मस्तिष्क अन्य बीमारियों से लड़ता है और खुद को तीव्र और स्वस्थ रखता है।

सरसों के तेल के कुछ नुकसान ?(Mustard oil advantages and disadvantages)

किसी भी चीज के फायदों के बारे में जानने के बाद उससे होने वाले कुछ मकानों के बारे में भी आवश्यक जानकारी हासिल करनी जरूरी है।जिस प्रकार से सरसों अनेकों लाभों के लिए जाना जाता है, उसी प्रकार से कुछ इसके नुकसान भी होते हैं, जो इस प्रकार के निम्नलिखित रूप में वर्णित किए गए।

  • कुछ लोगों को सरसों के तेल के इस्तेमाल की वजह से अनेकों प्रकार की एलर्जी हो जाती है और यदि आपको ऐसे एलर्जी होती है, तो आपको सरसों के तेल के सेवन से बचना चाहिए।
  • सरसों के तेल में सिरोसिस एसिड पाया जाता है और यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यही कारण है, कि अधिक मात्रा में यदि आप सरसों के तेल का सेवन करें, तो आपको ह्रदय संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • कई बार अत्यधिक मात्रा में सड़कों के सेवन से लोगों को दस्त, एनीमिया और स्वसन से संबंधित समस्याएं भी हो जाती है।

निष्कर्ष :-

यदि हम सरसों के तेल को सही मात्रा में इस्तेमाल करें तो यह हमें अनेकों स्वास्थ्य संबंधित लाभ प्रदान करता है। परंतु आज के समय में सरसों के तेल में अधिक मात्रा में मिलावट की जा रही है और ऐसे में आपको सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि आपका स्वास्थ्य ही आपके लिए सब कुछ है।इसीलिए जब भी आप बाजार से सरसों के तेल को खरीदे तो आपको सबसे पहले उसकी शुद्धता की जांच करनी है और उसके बाद ही इसे अपने इस्तेमाल में लेना है।

FAQs:-

  • प्रश्न: सरसों को किस वैज्ञानिक नाम से जानते हैं ? ( What is the scientific name of mustard? )

    उत्तर :- सरसों का वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कम्प्रेसटिस होता है।

  • प्रश्न: शुद्ध सरसों के तेल की पहचान कैसे करें ? (How to identify pure mustard oil? )

    उत्तर: :- सरसों के तेल का रंग कारण काफी गाढ़ा होता है और यदि यह हल्का और पीले रंग में आपको नजर आया तो समझ लीजिएगा से यह सरसों का तेल बिल्कुल अशुद्ध है, इसे इस्तेमाल में ना लें।

  • प्रश्न: क्या बालों में सरसों के तेल को इस्तेमाल करने से हमारे बाल काले हो सकते हैं ? (Is mustard oil beneficial for darkening hair?)

    उत्तर :- जी हां बिल्कुल यदि हम सही मात्रा में और नियमित रूप सेसरसों के तेल का इस्तेमाल अपने बालों को काला करने के लिए करें, तो यह काफी सहायक होता है।

  • प्रश्न: क्या सरसों का तेल वजन को कम करने में सहायक है ? (Is mustard oil helpful in reducing weight loss? )

    उत्तर :- यदि आप वजन कम करने के लिए डाइट प्लान पर काम कर रहे हैं और आप सरसों के तेल को भी इस डाइट लिस्ट में शामिल करना चाहते हैं, तो आप बेहद कर सकते हैं। यदि आप अपनी डाइट में सरसों के तेल को शामिल करते हैं, तो यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में सहायक होता है, जो वजन को कम करने के लिए काफी लाभदायक है।