Keto Diet Chart In Hindi | कीटो डाइट चार्ट हिंदी में | Keto diet plan

keto diet chart in hindi

Keto diet chart in hindi : आज दुनिया में लगभग 7 अरब लोग निवास करते हैं और यह जनसंख्या बड़े तेजी से बढ़ रही है। इतनी बड़ी जनसंख्या को और यह जनसंख्या बड़े तेजी से बढ़ रही है। इसको भरण पोषण तथा अन्य आवश्यक सामग्री की आवश्यकता होती है परंतु सही समय में सामग्रियों का प्रबंधन नहीं किया गया तो हमारे लिए यह समस्या बन जाती है, इसलिए लोग प्रतिदिन अपने लिए कार्य ढूंढते हैं और उससे जो भी कमाई प्राप्त होती है उसका उपयोग अपने परिवार और अपने लिए करते हैं।

हम लोग इस दौड़ा भागी के जीवन में अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाते जिस वजह से हमारा शरीर कमजोर और सुस्त हो जाता है। हमारा उद्देश्य पैसा ही कमाना नहीं होना चाहिए अपितु अपने शरीर के साथ साथ हमारे परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। आजकल दुनिया में ऐसे ऐसे व्यंजन बनाना चालू हो गया है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। जिनकी वजह से शरीर को काफी नुकसान होता है। जो कई प्रकार की बीमारियों का घर बन जाता है। इसी में एक मोटापा भी बीमारी है, जो मनुष्य के शरीर के लिए घातक है।

आज भारत ही नहीं बल्कि विश्व के हर देश कि यह बड़ी समस्या बन चुकी है मोटापे के वजह से कई प्रकार की बीमारियां जैसे डायबिटीज, हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, हड्डी के रोग आदि के शिकार होने लगे हैं परंतु इसको रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की निरंतर कार्य करते रहता है। मोटापे को रोकने के लिए कीटो डाइट प्लान बनाया गया है जो बहुत ही कारगर साबित हुआ है।

आज हम इस लेख में आपको कीटो डाइट प्लान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे तथा हम यह भी बताएंगे कि इस डाइट प्लान का इस्तेमाल करने से हमारे शरीर में किन किन बीमारियों को पनपने से रोका जा सकता है कथा इस डाइट प्लान को मनुष्य कैसे फॉलो करें।

कीटो डाइट क्या है (What is Keto diet)

यह एक प्रकार का खानपान से संबंधित प्लान होता है जिसको फॉलो करने से मोटापा कम हो जाता है इसके अंतर्गत आहार में कम कार्बोहाइड्रेट दिया जाता है। कम कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर में कि उसकी स्थिति पैदा हो जाती है। किसी से एक ऐसी प्रक्रिया है जो भोजन की मात्रा कम होने पर मनुष्य को जीवित रहने में मदद करता है। इसमें भोजन की मात्रा कम होने से जो लीवर में फैट मदद करता है।

इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने से जो लीवर में से चर्बी बर्न होती है। उसका इस्तमाल एनर्जी के रूप में किया जाता है। यह एक कीटोसिस प्रक्रिया है जो प्राकृतिक होती है इसमें मोटे व्यक्ति को कम कार्बोहाइड्रेट तथा ज्यादा फैट वाली डाइट दी जाती है जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है और वसा की मात्रा ज्यादा होती है।
इसकी सबसे अच्छी खासियत यह है कि कार्बोहाइड्रेट की कमी से मेटाबॉलिज स्तर बढ़ जाता है। जिससे वजन तेजी से कम होता है। जब शरीर में इन्सुलिन लेवल गिर जाता है, तो फैट बर्निंग की स्थिति पैदा हो जाती है। जिस वजह से भूख कम लगती है क्योंकि शरीर में ऊर्जा बनी रहती हैं और भूख लगने का एहसास भी नहीं होता है।

कीटो डाइट में क्या खाएं (What to eat in keto diet chart in hindi)

कीटो डाइट प्लान का ज्यादातर उपयोग फिल्म अभिनेता तथा अभिनेत्रियां करती है फिल्मी जगत में सबसे ज्यादा इस प्लान का उपयोग किया जाता है क्योंकि उन्हें स्लिम और फिट दिखना होता है। इस वजह से फिल्मी लोग खूबसूरत दिखाई देते हैं। वहां अपने खानपान पर बहुत ध्यान देते हैं कीटो डाइट प्लान के अंतर्गत जो व्यक्ति मांसाहारी है उन्हें चिकन, अंडा, मछली या मटन खा सकते हैं परंतु जो व्यक्ति शाकाहारी है वह पनीर, मक्खन, मलाई आदि का सेवन भी कर सकते हैं। इसके अंतर्गत दही, मक्खन, नारियल तेल आदि का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए क्योंकि इनमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जो मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को कम बनाए रखती है जिससे भूख कम लगती है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

कीटो डाइट प्लान के दौरान क्या नहीं खाए (What not to eat during keto diet plan)

जब हम इस डाइट प्लान का नियमित रूप से पालन करते हैं तो हमें कुछ चीजें हैं जिनका सेवन नहीं करना चाहिए जो हमारे शरीर में मोटापा बढ़ा सकें। हमें कार्बोहाइड्रेट प्रदान करने वाले खाद्यान्न तथा आहार से दूर रहना चाहिए। इस डाइट प्लान के दौरान अनाज, गेहूं, केला, संतरा आदि वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। जब हम अपने खाने में सब्जियां शामिल करते हैं तब आलू से बचना चाहिए क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है जिन व्यक्तियों को कॉपी तथा चाय पीने का शौक रहता है उन्हें कम चीनी वाली चीजों का सेवन करना चाहिए। इस समय मिठाई आदि से भी बचना चाहिए नहीं तो आपका मोटापा बढ़ सकता है।

कीटो डाइट के लाभ (Benefits of keto diet chart in hindi)

मानसिक एकाग्रता:- जो व्यक्ति ध्यान तथा अन्य एकाग्र चित्त वाले कार्य करता है उनके लिए यह डाइट प्लान अति महत्वपूर्ण है। इस डाइट से इंसान के मस्तिष्क को ऊर्जा निरंतर प्राप्त होती रहती है। यह एक ऊर्जा का बड़ा स्रोत है जब हम कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम लेते हैं तो शरीर में शुगर की मात्रा भी कम रहती है जिससे शरीर की मेटाबॉलिज्म तथा अन्य रासायनिक क्रियाएं नियंत्रित रहती है।

इस प्लान में शामिल फैट तथा प्रोटीन वाले अधिक आहार हो लिया जाता है जिनसे एसिड की मात्रा अधिक प्राप्त होती है जो हमारे शरीर तथा मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखते हैं इस वजह से शरीर को बार बार भूख लगने का एहसास नहीं होता है।

वजन घटाने में:- जैसा कि हम सब जानते हैं ज्यादा कैलोरी वाले खाने से हमारा शरीर में कई प्रकार की बीमारी उत्पन्न हो जाती है और धीरे-धीरे हम मोटापे का शिकार हो जाते हैं लेकिन इस कीटो डाइट के माध्यम से शरीर को एक नियंत्रित तरीके से ऊर्जा प्राप्त होती रहती है और अनावश्यक चर्बी बर्न हो जाती है। जिससे शरीर में इंसुलिन का स्तर बहुत कम होने लगता है और हमारा शरीर का वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है। कीटो डाइट के माध्यम से हम बड़े आसानी से अपना शरीर का वजन कम कर सकते हैं इसको नियंत्रित और नियमित रखने से कुछ ही दिनों में इस डाइट प्लान का असर दिखाई देता है।

मिर्गी का इलाज:- आज भी बहुत से लोग मिर्गी से पीड़ित है मिर्गी किसी भी उम्र के व्यक्ति को आसानी से हो जाती है मिर्गी होने का कारण अनियमित खानपान तथा अधिक मात्रा में शुगर ग्रहण करना। जिस वजह से शरीर के कुछ अंगों में एक अजीब तरीके का रुकावट पैदा हो जाती है। जिससे कुछ अंश काम नहीं कर पाते हैं। इसका असर हमारे सीधे दिमाग पर होता है और मिर्गी चालू हो जाती है।

सन 1900 में कीटो डाइट प्लान के माध्यम से इसका सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया और आज कीटो डाइट मिर्गी के लिए रामबाण साबित हुआ है। बहुत ही कम खर्चे में मिर्गी से लोगों को बचाया जा सकता है जोकि बहुत बड़ा लाभ है इससे हमारे शरीर की सभी रासायनिक क्रियाएं नियंत्रित रहती है।

ब्लड प्रेशर तथा कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में:- आजकल हम ऐसे खाने की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं जो देखने में सुंदर होते हैं परंतु हम उसके पीछे की सच्चाई नहीं जानते है बड़े-बड़े रेस्टोरेंट तथा होटल में आम नागरिक को बिना किसी डर के ज्यादा कोलेस्ट्रॉल वाला खाना खिला दिया जाता है, जो उनके शरीर के लिए हानिकारक होता है परंतु लोग उसे बड़े चाव से खाते हैं।

यदि शरीर में कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राइग्लिसराइड की मात्रा बढ़ने लगेगी तो इसका असर धमनियों पर पड़ता है खून का बहाव अच्छे से नहीं होता है। इसका स्तर कम करने के लिए हमें कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाने का इस्तेमाल अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए इसीलिए यह कीटो डाइट प्लान कोलेस्ट्रोल कम करने का सबसे अच्छा तरीका है यदि कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में नियंत्रित बढ़ते जाता है तो ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती है।

इंसुलिन को रोकने में:- जिसकी व्यक्ति को डायबिटीज है उसके लिए यह जरूरी है कि उसके शरीर में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रखें प्लान एक ऐसा माध्यम है जिससे इंसुलिन के स्तर को कम किया जा सकता है क्योंकि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है। जिस वजह से हमारे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और डायबिटीज होने के ज्यादा मौके रहते हैं यदि हम कीटो डाइट के हिसाब से खाना खाते हैं तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।

मुहांसों से छुटकारा:- एक अध्ययन से पता चला है कि कम कार्बोहाइड्रेट वाले डाइट में घाव तथा त्वचा से संबंधित सूजन में जल्दी सुधार होता है वहीं दूसरी तरफ देखा जाए तो मुहासे तथा पिंपल्स अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन खाने से बड़े तेजी से बढ़ते हैं, जो हमारी सुंदरता को प्रभावित करते हैं इसलिए फिल्मी जगत के लोग कम कार्बोहाइड्रेट वाला ही खाना खाते हैं ताकि वह हमेशा सुंदर दिखे।

कीटो डाइट से हानि (Loss from keto diet chart in hindi)

शारीरिक क्षमता का कम होना:- जब भी हम इस डाइट का नियमित रूप से पालन करते हैं तो हमारे कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि आर्य करने के लिए बहुत ज्यादा एनर्जी की आवश्यकता होती है। इस डाइट के माध्यम से कार्य करने के लिए उतनी एनर्जी नहीं मिलती है जितनी हमें चाहिए होती है इसीलिए जो व्यक्ति नियमित रूप से शारीरिक कार्य करता है वह इस प्लान को नहीं अपना सकता है।

शरीर में ऐंठन:- शरीर में आमतौर पर सुबह और शाम में ऐठन चालू हो जाते हैं कीटो डाइट लेने से पैरों में यहां समस्या अधिक होती है। इसका मतलब यह होता है कि हमारे शरीर में आवश्यक खनिज तत्वों की कमी हो रही है जो शरीर के लिए घातक साबित हो सकती है यह समस्या ज्यादातर मैग्नीशियम की कमी के कारण होती है।

कब्ज की समस्या:- यह समस्या वैसे तो आप बात है यह पानी की कमी के कारण पैदा होती है इसका यह उपाय है कि आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए साथ ही ऐसे खानपान का अपने भोजन में इस्तेमाल करना चाहिए। जिनमें फाइबर और सब्जियां हो जब हम इस डाइट प्लान को शुरू करते हैं तब हमारे शरीर को इस प्लान की

आदत नहीं होती इसीलिए यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

1 दिन का कीटो डाइट प्लान चार्ट (One day of keto diet plan chart in hindi)

सुबह का नाश्ता

सुबह के नाश्ते में हमें गोभी, मशरूम, टमाटर, खीरा, पालक आदि का सेवन करना चाहिए चाहे तो आप दही का भी इस्तेमाल कर सकते हैं सभी को लगता सुबह चाय पीने की आदत होती है तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि सुबह के समय कम दूध वाली चाय पिए तथा उसमें शक्कर की मात्रा भी कम डालें।

दिन का खाना

दिन के खाने में हम चने की दाल या राजमा का सेवन कर सकते हैं क्योंकि दाल में विटामिन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और दाल खाने से पेट भरा रहता है दिन के खाने में अंडा आदि शामिल कर सकते हैं। इसे अच्छे से पका कर खाएं। यदि कोई व्यक्ति शाकाहारी है तो वहां पनीर, दाल आदि का सेवन कर सकता है क्योंकि इनमें वसा तथा प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।

शाम का समय

आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि शाम में आप खरबूज, तरबूज आदि का सेवन करें या आप इसके अलावा एक कप दूध भी पी सकते हैं तथा साथ ही यह भी ध्यान रखें कि मीठा से आप थोड़ा दूर ही रहे, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है और मोटापा शुगर से ही पैदा होता है।

रात का खाना

आप रात के खाने में मछली, अंडा, मटन, चिकन आदि खा सकते हैं क्योंकि इन में वसा की मात्रा तथा प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है यदि कोई शाकाहारी व्यक्ति है तो उन्हें ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए। जिनमें वसा तथा प्रोटीन दोनों की मात्रा अधिक हो इस बात का आप को नियमित रूप से ध्यान रखना होगा कि उन सारी चीजों से आप दूर रहे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है।

4 हफ्ते का कीटो डाइट प्लान (Four Weeks of Keto diet plan chart in hindi)

पहला सप्ताह

आपको नाश्ते के समय पनीर पकोड़े, आमलेट, अंडे की भुर्जी आदि का सेवन करना चाहिए तथा 1 हफ्ते तक नियमित रूप से सलाद के रूप में शिमला मिर्च, मछली, पालक आदि का सेवन करें तथा खाने में चिकन मुरब्बा, पनीर क्रीम आदि का इस्तेमाल करें।

दूसरा सप्ताह

जब इस डाइट प्लान का दूसरा सप्ताह शुरू होता है तो आप क्रीम बटर आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने नाश्ते में कॉफी तथा बटर नियुक्त नाश्ता बना सकते हैं सलाद में नियमित रूप से दूसरे सप्ताह में भी शिमला मिर्च पालक, मशरूम, मक्खन आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं तथा खाने में निंबू चिकन, सोयाबीन करी, भिंडी, पनीर पकोड़ा आदि भी खा सकते हैं।

तीसरा सप्ताह

अब इसमें कीटो डाइट प्लान आपके लिए मुश्किल होता जाएगा, इसे हम उपवास चरण भी कहते हैं। इसमें नाश्ते में केवल आपको एक कॉफी ही पीना है। जिसमें शक्कर की मात्रा कम हो तथा दोपहर के खाने में ग्रीन टी, नींबू पानी, पीना होता है तथा रात के खाने में 6 से 8 बादाम रोज भिगोकर खाए तथा कुछ मात्रा में आप चिकन तथा पालक पनीर का भी सेवन कर सकते हैं।

चौथा सप्ताह

जैसे जैसे हम इस कीटो डाइट प्लान को फॉलो करते हैं वैसे वैसे हमारे लिए कठिन होते जाता है इसमें आपको नाश्ते में केवल काली चाय या नींबू चाय का सेवन करना है जो बिना शक्कर की होगी तथा दोपहर के खाने में ग्रीन टी और अधिक से अधिक पानी पिए और रात के खाने में पनीर क्रीम और दूध का सेवन करें तथा कुछ मात्रा में चिकन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे। इस लेख का उद्देश्य कीटो डाइट प्लान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करना है ताकि जो लोग मोटापे जैसी बीमारि से घिरे हैं उस से उनको छुटकारा मिल सके।