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Fiber Rich Foods For Weight Loss In Hindi | वजन घटाने के उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ हिंदी में

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Fiber Rich Foods For Weight Loss In Hindi | वजन घटाने के उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ हिंदी में

फाइबर (Fiber rich foods for weight loss in hindi) फ़ूड एक तरह के कार्बोहाइड्रेट ही होते है जो हमे पेड़पौधों से प्राप्त होते है फाइबर फ़ूड आपके पाचनतंत्र को भी ठीक करता है जिससे आपको कब्ज से सम्बंधित परेशानी भी खत्म हो जाती है फाइबर फ़ूड उन लोगो के लिए भी लाभकारी है जो डाइबिटीज के रोगी है फाइबर फ़ूड आपकी सुगर को संतुलित करता है।

आप जानेंगे कि फाइबर फ़ूड अधिक मात्रा में लेने से क्या होता है और अगर फाइबर फ़ूड आपके बजन को कम करता है तो कैसे,हार्ट डिजीज के लोग फाइबर फ़ूड से कैसे हो रहे है ठीक,

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क्या हमें रोज फाइबर फ़ूड लेना चाहिए और कितनी मात्रा में लेना चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखे क्योंकि अधिक मात्रा में लेने से ये आपके स्वास्थ्य को प्रभावित भी कर सकता है।

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आजकल की ब्यस्त जीवनशैली में लोग अपने गलत खानपान के चलते अपनी सेहत को बिगाड़ बैठते है,

अब अगर हम मोटापे को ही देख ले तो फिलहाल बच्चो से लेकर बड़ी उम्र के लोगो मे मोटापा पाया जाने लगा है और मोटापा कोई अच्छे खानपान की निशानी नही बल्कि कई रोगों के आने की सम्भावनाएं बढ़ा देता है जो बेहतर भविष्य को खतरे में डाल देता है, आज हम यहां आपको बताएंगे कि कैसे आप फाइबर रिच फ़ूड का इस्तेमाल कर अपने मोटापे को कन्ट्रोल ही नही बल्कि आप अपने बढ़े हुए बजन को कम भी कर सकते है, आपको जानकर हैरानी होगी कि कैसे अपनी रेगुलर डाइट से ही आप अपने मोटापे,हार्ट डिसीज,डायबिटीज के साथ इनके द्वारा होने वाली कई विमारियों से दूर रह कर अपनी इम्युनिटी पावर को भी बढा सकते है।

क्या है फाइबर – (Fiber rich foods for weight loss in hindi)

फाइबर हमे पेड़पौधों से अलगअलग तरीको से की चीजो के सेवन से हमे मिलता है ये प्रायः एक प्रकार के कार्बोहाइड्रेट ही होते है जो हमे अनाजो,दालों, सूखे फलों से मिलता है,मुख्यता फाइबर दो प्रकार के होते है एक जल में घुलनशील और दूसरा जल में अघुलनशील।

फाइबर को खाने प्रयोग करने से होने वाले लाभ

  • फाइबर हमारे शरीर मे ह्रदय,त्वचा,बाल,के लिए फायदेमंद होते है।
  • हमारी पाचनशक्ति मजबूत होती है।
  • हमारे शरीर को कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है।

फाइबर प्राप्त स्रोत

फाइबर हमे पेड़ो के माध्यम से मिलता है मगर ये हमे सीधे तौर पर नही मिलता बल्कि ये हमे इनडाइरेक्ट मिलता है जिसके स्त्रोत निम्न है

दालेंदालों में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो लगभग एक कप बनी हुई दाल में 13 ग्राम से लेकर 16 ग्राम तक होता है।

अनाजअनाज जैसे गेंहू, जौं, मक्का आदि में फाइबर पाया जाता है जो हमे हर रोज गेंहू के माध्यम से मिलता है।

फलियां फलियों में भी फाइबर की मात्रा बढ़िया होती है एक कप फलियों में लगभग 8 ग्राम से 11 ग्राम तक फाइबर पाया जाता है

फलफलों में मुख्यता अनार में फाइबर ज्यादा पाया जाता है,जो हमे सीधे तौर पर मिल जाता है।

fiber rich foods for weight loss in hindi

* जल में घुलनशील फाइबर

फाइबर जो पानी में घुलनशील होते है वो पानी मे मिलकर एक गाड़ा पदार्थ तैयार करते है जो भोजन को पचाने में बहुत सहायक होता है यह शरीर मे ग्लूकोज की स्थिति को नियंत्रित करता है और मल के द्वारा हमारे द्वारा लिए गए भोजन में अनुचित पदार्थो को जल्द से निकाल देता है।

जैसेनींबू,जौं, मटर,गाजर,सेम etc

*जल में अघुलनशील फाइबर

चूंकि ये जल में अघुलनशील होता है तो यह स्वमं ही पेट मे जाकर पाचनतंत्र में चिपक जाते है जो हमे हमारे पेट भरे होने का बोध कराते है जो न तो पाचन में जल्दी जाते है न ही मल में वो कुछ देर के लिए चिपक जाते है और एक निश्चित समय के बाद मल के द्वारा निकल जाते है।

जैसेआलू,हरि सब्जी,फलियां,गेंहू etc.

शुगर लेबल को कम करता है फाइबर

हम कई बार जाने या अनजाने मे स्वाद के लिए कई ऐसी चीजें भी खा लेते है जो हमारी सेहत के लिए ठीक नही होता और कई बार तो हमे पता भी होता है कि इससे हमारा शुगर लेवल बढ़ सकता है मगर फिर भी खा लेते है तो हमे अपनी डाइट में कुछ नए पोषक तत्वों की आवश्यकता है जिसमे से एक है फाइबर।

ऐसे तो फाइबर एक अपाच्य है लेकिन हमारे द्वारा ग्रहण किये गए उन पदार्थो को जिनमे शुगर की मात्रा अधिक होती है उनको जल्दी ही मल के रूप में बाहर निकाल देता है जिससे वो तत्व हमारे शरीर मे पूर्ण रूप से अब्जॉर्ब नही हो पाते और हमारा सुगर लेवल बढ़ता नही है।

फाइबर रिच फ़ूड उन लोगो के लिए भी कारगर है जिनका पहले से ही सुगर लेवल बढ़ चुका है ऐसी स्थित में फाइबर रिच फूड्स शरीर में सुगर की मात्रा को व्यबस्थित करते हैं।

हार्ट डिजीज में फाइबर

फाइबर फूड्स को अपनी रेगुलर डाइट में शामिल करने से आप अपने बढ़ रहे कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम कर सकते है शोध से यह बात सामने आई है कि फाइबर फूड्स से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित किया जा सकता है,लेकिन ध्यान रहे कि आपको 50 ग्राम से कम मात्रा में ही फाइबर फूड्स इस्तेमाल करना है ज्यादा इस्तेमाल करने से यह आपके पाचनतंत्र को प्रभावित कर सकता है।

इसके साथ आप प्रतिदिन योग कर सकते है जो आपको और बेहतर रिजल्ट देगा

डायबिटीज में फाइबर का महत्व

आपके खाने में मौजूद ग्लूकोज जो आपके पाचनतंत्र तक पहुच चुके है और वो आपके शरीर मे अवशोषित होकर आपके डायबिटीज लेवल को कई गुना बढ़ा सकते है लेकिन अगर आपने अपने खाने में फाइबर रिच फूड्स का इस्तेमाल किया है तो ये आपकी भूख को रोक लेगी जिसके कारण आप खाना कुछ समय के अंतराल में खाएंगे जिससे आपके शरीर का ग्लूकोज संतुलित रहेगा और आपका शरीर आपके खाने को कम अबशोषित कर सीधे मल के द्वारा शरीर से बाहर कर देता है जिससे आपके स्वास्थ्य पर कोई भी प्रभाव नही पड़ता और आप अतिरिक्त ग्लूकोज से भी बाख जाते है।

मोटापे को किस तरह कन्ट्रोल करता है फाइबर

आप फाइबर की मदद से अपने बढ़ रहे मोटापे को भी कम कर सकते है,मोटापा कई बीमारियों के शुरू होने की बजह बन जाता है जो आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा देता है चूंकि पहले तो फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करता ही है और साथ मे जल में अघुलनशील फाइबर की बजह से खाना आपके पाचनतंत्र में चिपक जाता है जो आपको बारबार भूख नही लगने देता और उसके साथ ही वो भोजन को सीधे मल के द्वारा निष्काषित कर देता है और आप खाने में गैरजरूरी मिल रहे फैट को भी अबशोषित नही कर पाते।

इसके लिए आपको पहले निश्चित करना पड़ेगा कि आप अपनी डाइट में फाइबर फूड्स ले रहे है या नही और अगर आप नही ले रहे तो आपको लेना चाहिए मगर आपको 60 ग्राम से अधिक फाइबर फूड्स का प्रयोग परेशानी में डाल सकता है तो कृपया उचित मात्रा का प्रयोग करे।

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