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Essay on Pollution Due to Urbanization | Urbanization Contributing to Pollution

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Essay on pollution due to Urbanization: Urbanisation के कारण लोगों में विचार में बदलाव आ रहा है। वह केवल एक चकाचोंध दुनिया की कल्पना में जी रहे है। इस Urbanisation के कारण लोग आपने वातावरण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण लगातार pollution का स्तर बढ़ रहा है।

Urbanisation  विकास का एक हिस्सा है। किसी भी देश के विकास को urbanisation से नापा जाता है। Urbanisation का अर्थ है शहरीकरण अथवा: शहरों का विस्तार। Urbanisation विकास के साथ-साथ प्रदूषण का भी एक कारण है। प्रदूषण के कई कारण हो सकते हैं जैसे गाड़ियों का धुंआ, पॉलीथिन का कचरा, मिट्टी का प्रदूषण, जल का प्रदूषण इत्यादि। इस बात में कोई शक नहीं है कि शहरीकरण होने के साथ लोगों की मांग बढ़ रही है जिसके कारण प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है।

Urbanisation  होने पर हम आधुनिकता  की तरफ बढ़ते हैं। गाड़िया,बस,कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक के समान इत्यादि सभी चीज़ें प्रदुषण को बढ़ावा देती है।

शहरीकरण के कारण प्रदूषण क्या है? (What is pollution due to urbanisation): 

प्रदूषण के बारे में तो हम सभी लोग जानते हैं, पर्यावरण में अवांछनीय तत्व मिलकर जलवायु को दूषित करते हैं वही प्रदूषण कहलाता है। प्रदूषण से प्राकृतिक असंतुलन पैदा होता है | प्रदूषण के कई कारक है जैसे दूषित जल, प्लास्टिक, वायु। लेकिन इन सभी का मुख्य स्रोत फैक्टरियां है। जिनकी उत्पति आबादी बढ़ने के कारण होती है। जनसंख्या बढ़ने के कारण ही गांव शहर में तब्दील हो रहा है। जिसके कारण आज लगातार urbanisation होने की प्रक्रिया प्रदूषण का मुख्य कारक बन चुकी है।

Essay on pollution due to urbanisation के कारण पेड़ पौधों का कटाव होता है और इमारतों का निर्माण कार्य होता है जिसके कारण सीमेंट बालू इत्यादि के लिये तेजी से जमीन कटाव हो रहा है। इसके जगह पर अपशिस्ट बढ़ा जा रहा है। यही कारण है कि मिट्टी प्रदूषण भी हो रहा है। 

जो लोग गांव में रहते हैं वह ज्यादा स्वस्थ रहते हैं, क्योंकि वहां की वातावरण शुद्ध होती है। एक बड़ी आबादी के साथ कड़े नियम कानून भी मानने पड़ते है लेकिन लोगों को आज बहुत गलत लत लग गई है। वह जहाँ रहते वहीं पर गंदगी फैलाते है। बाज़ार के कारण, बड़ी बड़ी फैक्टरी के कारण ही प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। Urbanisation आधुनिकता को बढ़ावा देता है जिसके कारण ई कॉमर्स कचरा भी मुख्य रूप से urbanisation के कारण उतपन्न हो रहा है। 

Urban environment essay (Essay on Pollution Due to Urbanization)

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि urban enviorment बहुत अच्छा नहीं होता है | शहरों के अंदर लोगों की जरूरत है आधुनिकरण जो कि पर्यावरण को दूषित करता है | बात चाहे air conditionor की हो या गाड़ियों की हो। अगर हम शहर के ऊपर इन्वायरमेंट की बात करें तो उसके अंदर सबसे बड़ा कारक है गाड़ियां। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है सड़क पर गाड़ियों की तादाद भी बढ़ती जा रही है। भारत के अंदर शहरों का विकास काफी तेजी से हो रहा है। 

यदि हम देखें तो पिछले 10 सालों में ऑर्गेनाइजेशन काफी तेजी से बढ़ा है। इसके साथ-साथ जनसंख्या वृद्धि भी काफी अधिक मात्रा में हुई है जिसके कारण आज अगर घर में चार लोग हैं तो चारों ही लोग अपनी अपनी गाड़ियों से चलना पसंद करते हैं। इसी से पेट्रोल के कारण प्रदूषण में काफी इजाफा होता है।

सही नीतियों को लागू न करने के कारण Urbanisation काफी बेतरतीब तरीके से बढ़ रहा है। घर में एयर कंडीशनर लगाना आप सभी का शौक बन चुका है जिसकी वजह से  वातावरण गर्म हो रहा है। आज कोई भी व्यक्ति हर काम के लिये पैदल चलना है या साइकिल से चलना पसंद नहीं करता है, हर व्यक्ति को अपनी खुद की गाड़ी चाहिए और वह उसी गाड़ी से हर जगह का सफर तय करता है जिसके कारण पेट्रोल का काफी उपयोग होता है। यह पेट्रोल के छोटे-छोटे कार्बन वायु में मिलकर काफी बड़ा प्रदूषण का कारण बन जाते हैं।

Urbanisation solutions essay:

Urbanisation और विकास दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं। अर्बन आई सेशन मानव को एकत्रित करता है, वह मानवीय की गतिविधियों से विशेषता उत्पन्न होती है इससे उत्पादकता बढ़ती है जिसके कारण रोजगार के भी कई मौके पैदा होते हैं। अपने आप को नगरों में समाहित कर लेते हैं। गांव से शहरों की तरफ जनसंख्या का गतिशील होना urbanisation है। खनिजों की प्राप्ति व्यापार आजीविका कई ऐसे कारक हैं जिसके कारण अर्बनाइजेशन को काफी सपोर्ट मिला है। 

दक्षिण पश्चिमी जोन के राज्य देश के औसत शहरीकरण के 31% के स्तर से ज्यादा शहरी कृत हुए हैं। urbanisation एक अच्छा पहलू है क्योंकि यह विकास को बढ़ावा देता है और जब आंतरिक विकास होता है तभी एक देश का भी विकास होता है। urbanisation का समाधान यही है कि हम खुद अपने अंदर बदलाव लाएं जरूरी ना होने पर साइकिल का ही प्रयोग करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें, आस पास जाने के लिए कम से कम मोटर वाहनों इत्यादि का प्रयोग करें और सघन प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें। 

औद्योगिक और उद्योगों से निकले अपशिष्ट का सही तरीके से इस्तेमाल करें, उनको कहीं पर भी इधर-उधर जमा ना करें, जिसके कारण के प्रदूषण हो या हो जलवायु दूषित हो। 

कृषि को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिले जिसके कारण लोगों को आजीविका के लिए गांव ना छोड़ना पड़े। समय-समय पर विद्यालय सरकारी महकमा इत्यादि में वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम करवानी चाहिए। बच्चों के अंदर यह आदत डालनी चाहिए कि वह पेड़ पौधों को अधिक से अधिक महत्व दें।

Visit to a local polluted site urban:

अभी हाल ही में, मैं अपने गांव से शहर गया लेकिन मैंने यह देखा की चारो तरफ गंदगी फैली हुई है। वहां पर कूड़े के बहुत बड़े बड़े पहाड़ से बने हुए हैं। वह शहर का एक ऐसा इलाका है, जहां पर लोगों की आवाजाही निरंतर रहती है। वहां पर उद्योगों का, हॉस्पिटल का, घर का, सभी तरह का कूड़ा पड़ा हुआ था। उसके आसपास से निकलने पर ही काफी तेज दुर्गंध का एहसास हो रहा था। 

इस Urbanisation का लोग गलत उपयोग कर रहे हैं जिसके कारण आसपास के सभी शहर व गांवों को दूषित करता है। आम जनसंख्या ही इस प्रदूषण का सबसे बड़ा कारक है। वह शहरी कचरा पर्यावरण को बहुत बड़ी चुनौती है।

Speech of urbanisation:

urbanisation का अर्थ है शहरीकरण या नगरीकरण। नगरीकरण ग्रामीण क्षेत्र से लोगों का शहरों की तरफ बढ़ना urbanisation कहलाता है। वहां पर लोग कृषि व्यवसाय को छोड़कर अन्य आजीविका के लिए अन्य व्यवसायियों को अपनाने लगते हैं। इससे शहरों का विकास होता है और शहरों का विस्तार भी होता है वैसे तो हर बनाई सेशन की कोई भी सटीक परिभाषा नहीं है। 

एक अर्थशास्त्री की नजर से देखें तो अर्थव्यवस्था से उद्योगों का जुड़ाव या उद्योगों का अर्थव्यवस्था की तरफ कदम बढ़ाना ही urbanisation है। 

एक समाजशास्त्री की नजर से देखें तो गांव के समाज का शहरों के समाज में समाहित होना वह उस समाज का बढ़ावा देना या विस्तार होना ही urbanisation है। 

यदि हम इतिहास की तरफ देखें तो हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे सभ्यता भी नगरीकरण थी।

मध्य शताब्दी में यूरोपियों ने नगरों की तरफ काफी बढ़ावा दिया urbanisation से जब कोई भी राष्ट्र 1 शहरों की तरफ बढ़ता है इसके कारण आजीविका की भी काफी वृद्धि होती है। भारत के अंदर urbanisation काफी तेजी से बढ़ रहा है जो कि एक अच्छे राष्ट्र का सूचक है। देश के विकास में urbanisation का काफी अधिक महत्व होता है।

Benefits of urbanization (Essay on Pollution Due to Urbanization)

Benefits of urbanisation विकास का पहिया है। अर्बनाइजेशन के अंतर्गत लोगों का विकास होता है। यदि हम किसी भी जगह को शहर में बदल रहे हैं तो वहां पर बहुत सारे ऑफिसेज, उद्योग व्यवसाय का भी समीकरण बनता है। उस समीकरण से बहुत सारे लोगों की आजीविका के साधन बनते हैं। यहां तक कि यदि रेल परिवहन, बस परिवहन, एरोप्लेन यह सारी चीजें उसके अंदर समाहित हैं।

अगर हम देखें तो जब किसी भी जगह पर जनसंख्या बढ़ती है तो वहां पर लोगों की आवाजाही काफी विचरण हो जाती हैं। उदाहरण के तौर पर यदि हमें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना है तो उसके लिए हम बस या ऑटो इत्यादि का प्रयोग करते हैं, जिससे जो भी बदलाव ऑटो ड्राइवर होता है उसको पैसे मिलते हैं। यह एक अजीब सा साधन है। अर्बन से काफी चीजों को फायदा मिलता है। इसके अंदर बहुत सी ऐसी चीजें भी होती हैं जिनको हम पूर्ण रूप से नहीं देख पाते हैं जैसे रेस्टोरेंट्स, छोटे-छोटे चाय वाले सभी लोगों का कहीं ना कहीं आजीविका का साधन बढ़ता है। क्योंकि जब लोग होंगे तभी सुविधाओं का उपभोग होगा और जब सुविधाओं का उपभोग होगा तभी वहां पर  आमदनी बढ़ेगी। 

Effects of urban pollution :

Effects of Urban pollution का परिणाम यह है कि जब भी किसी शहर का विकास होता है तो उसके अंतर्गत सबसे पहले व्यवसाय और उद्योगों का निर्माण कराया जाता है। क्योंकि वह आजीविका का साधन होते हैं कोई भी उद्योग या फैक्ट्री जब चलती है तो उसके अंदर से काफी सारे धुआं और अपशिष्ट का वितरण होता है जिसके कारण तेजी से प्रदूषण में वृद्धि होती है।

दूसरी तरफ हम देखें तो परिवहन भी प्रदूषण का एक बहुत बड़ा कारण है क्योंकि जब कोई नया शहर बनता है तो एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए हमें किसी ना किसी परिवहन की आवश्यकता पड़ती है। उस परिवहन से हमेशा ईंधन या पेट्रोल इत्यादि का गैस और धुआँ हमारे सेहत के लिये खतरा बन कर साबित होता है। 

Urban pollution के कारण काफी सारी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं जैसे अस्थमा, कैंसर , त्वचा सम्बंधित रोग,  सांस लेने में तकलीफ आदि बीमारियां।

Water pollution in urban areas: 

Water pollution अर्थात जल प्रदूषण के मुख्य कारण जल का संक्रमण या जल के भौतिक रासायनिक और जैविक गुणों में परिवर्तन जल प्रदूषण कहलाता है। जल प्रदूषण से काफी तरह की बीमारियां होती हैं क्योंकि हमारे शरीर में सबसे अधिक मात्रा पानी की है। हम कह सकते हैं कि हमारा शरीर 70% पानी से बना हुआ है तो उसके अंदर हमें पानी की सबसे अधिक आवश्यकता भी होती है। दूषित जल होने से या दूषित जल का प्रयोग करने से हैजा, कालरा इस तरह की परेशानियां काफी तेजी से बढ़ती है। 

शहरों में जल प्रदूषण होने का सबसे बड़ा कारण है उद्योग। सभी फैक्ट्री जल या नदी के किनारे होती हैं। फैक्ट्रियां(Essay on Pollution Due to Urbanization) अपना सभी अपशिष्ट उसी जल में बहा देती हैं और शहरों में कोई  नहर न होने के कारण उन्हें नदियों से जल की आपूर्ति को पूरा किया जाता है। वही जब लोग उस जल को पीते हैं तो वह बीमार पड़ जाते हैं। यह एक बहुत बड़ी चुनौती है क्योंकि हम बिना पानी के जिंदा नहीं रह सकते हैं। जल प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है। पदार्थों का विषय व मृदा अपरदन होने के कारण भी जल प्रदूषण का विस्तार होता है। जीवन को भी बुरी तरह से प्रभावित करते हैं।

Air pollution in Indian cities : 

Air pollution अर्थात वायु प्रदूषण, यह भी प्रदूषण का एक प्रकार है। देखा जाए तो यह सबसे अधिक हानिकारक प्रदूषण है क्योंकि यह जब हवा के अंदर कोई भी अवांछनीय अवयव मिलते हैं तो वायु प्रदूषण होता है। वायु एक ऐसी चीज है कि जो हम हर समय इसका उपयोग करते हैं। यदि हम सांस भी ले रहे हैं तो उस समय भी हम वायु का ही प्रयोग करते हैं जब हम वायु प्रदूषण के अंदर रहते हैं अर्थात हम जब भी साँस लेते हैं तो वह एक प्रदूषित वायु होती है तो हमारे शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।

वायु प्रदूषण का मुख्य कारण उद्योग परिवहन और कल कारखानो से निकलने वाले हानिकारक गैस है। वायु प्रदूषण(Essay on Pollution Due to Urbanization) का अत्यधिक प्रभाव शहरी क्षेत्रों में देखने को मिलता है क्योंकि वहां पर बड़े-बड़े उद्योग धंधों, मोटर वाहनों इत्यादि से जहरीली गैसें निकलती है। वायु प्रदूषण प्राकृतिक और मानव जनित कार्यों से उत्पन्न होता है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हमें पेड़ पौधे लगाने चाहिए।

वायु प्रदूषण दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है। इसके कारण हमारे देश में प्रतिवर्ष हजारों लोगों की मृत्यु हो रही है। यह प्रतिवर्ष दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है वायु प्रदूषण को लेकर ना तो सरकार की तरफ से कोई पुख्ता कदम उठाई जा रहे हैं और ना ही आम आदमी इसके बारे में कोई चिंता कर रहा है।

पृथ्वी पर रहने वाला एक जीव या मानव भोजन और जल के बिना तो कुछ दिन तक जिंदा रह सकता है लेकिन वायु के बिना एक क्षण भी जीवित नहीं रह सकता है इसलिए हमें प्राण दाई ऑक्सीजन को प्रदूषित नहीं करना चाहिए।

वायु प्रदूषण के कारण हमारी पृथ्वी पर भी बदलाव आ रहा है जिसके कारण हमारी पृथ्वी का वातावरण बहुत तेजी से गरम हो रहा है जिसके कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। वायु प्रदूषण हमारी पूरी पृथ्वी के वातावरण को नष्ट कर रहा है।

Pollution crises in urban areas : 

बढ़ते urbanisation(Essay on Pollution Due to Urbanization) और औद्योगीकरण से भारत की वायु गुणवत्ता में अत्यधिक कमी आई है। दुनियाभर में घर और बाहर के वायु प्रदूषण से प्रतिवर्ष 30 लाख मौतें होती हैं। इनमें से सबसे ज्यादा भारत में होती हैं। देश की राजधानी दिल्ली तो दुनिया के 10 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से एक है और वायु प्रदूषण के मामले में उसने चीन की राजधानी बीजिंग को भी पीछे छोड़ दिया है। वायु प्रदूषण के मामले में भारत की स्थिति कई देशों में सबसे खस्ताहाल है। प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के मामले में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं है। गाड़ियों की भारी संख्या और औद्योगिक उत्सर्जन से हवा में पीएम-25 कणों की बढ़ती मात्रा घनी धुंध का कारण बन रही है।

पिछले कुछ सालों में दिल्ली में धुंध की समस्या बढ़ती ही जा रही है। इसके बावजूद जहां धुंध के मामले में दिल्लीवासी श्वसन संबंधी बीमारी से ग्रस्त हैं।

अध्ययन में दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आकर हर वर्ष 6.2 लाख लोगों की मौत हो जाती है। वर्ष 2000 के मुकाबले इस संख्या में 6 गुना इजाफा हुआ है। 

अध्ययन के अनुसार उच्च रक्तचाप, घरेलू वायु प्रदूषण, तम्बाकू, धूम्रपान और कुपोषण के बाद हत्यारों की सूची में वायु प्रदूषण का नाम लिया जा सकता है। 

राजधानी की सड़कों पर गंदगी का आलम भी जगजाहिर है और वायु प्रदूषण बढ़ते जाने का अनुभव तो यहां के लोगों को रोज ही होता है। दिल्ली के वायु प्रदूषण के बारे में येल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अलावा भी कई देशी-विदेशी संस्थानों के अध्ययनों से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि दिल्ली का वायुमंडल बुरी तरह प्रदूषित हो चुका है। 

वायु प्रदूषण के दिनोदिन खतरनाक रूप लेते जाने की जगजाहिर हकीकत के बावजूद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेकर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति तक सभी हाथ-पर-हाथ धरे बैठे रहे हैं। 

हालांकि बसों, कारों और ऑटो रिक्शाओं में सीएनजी का उपयोग शुरू होने के बाद वायु प्रदूषण की स्थिति में काफी हद सुधार के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन अब एक बार फिर हालात खराब होते जा रहे हैं। इसके पीछे जगह-जगह लगे मोबाइल फोन के टॉवर भी एक बड़ी वजह माने जा सकते हैं।

Does urbanization causes pollution(Essay on Pollution Due to Urbanization)

Urbanisation  प्रदूषण का बहुत बड़ा कारण है क्योंकि जब किसी भी शहर का विकास होता है तो उसके अंदर परिवहन उद्योग आदि सारी चीजों का समावेश आता है। जलवायु पेड़ पौधों का कटना जलवायु को और अधिक प्रदूषित करता है जैसे जैसे शहरों का विकास होता है तो आधुनिकता की बढ़ोतरी होती है और इस आधुनिकता के कारण ही प्रदूषण का सबसे ज्यादा विस्तरण होता है। urbanization  से विकास तो होता है लेकिन विकास से ज्यादा दुष्प्रभाव अ होते हैं।

Disadvantages of urbanization (Essay on Pollution Due to Urbanization):

Urbanisation शहरों में ग्रामीण प्रवास और यहां तक ​​कि उपनगरीय सांद्रता के परिणामस्वरूप शहरी क्षेत्रों की भौतिक वृद्धि है, विशेष रूप से बहुत बड़े लोग। urbanisation  एक निर्धारित समय पर एक विशिष्ट स्थिति का वर्णन कर सकता है, अर्थात् शहरों या कस्बों में कुल आबादी या क्षेत्र का अनुपात, या शब्द समय के साथ इस अनुपात की वृद्धि का वर्णन कर सकता है। इसलिए शहरीकरण शब्द समग्र आबादी के सापेक्ष शहरी विकास के स्तर का प्रतिनिधित्व कर सकता है, यह उस दर का प्रतिनिधित्व कर सकता है जिस पर शहरी अनुपात बढ़ रहा है। 

urbanisation  केवल एक आधुनिक घटना नहीं है बल्कि वैश्विक स्तर पर मानव सामाजिक जड़ों का तेजी से और ऐतिहासिक परिवर्तन है, जिससे मुख्यतः ग्रामीण संस्कृति तेजी से मुख्यतः शहरी संस्कृति द्वारा प्रतिस्थापित हो रही है। 

शहरीकरण व्यक्तिगत, वाणिज्यिक और सरकारी प्रयासों के रूप में होता है, जो आवागमन और परिवहन में समय और खर्च को कम करता है और नौकरियों, शिक्षा, आवास और परिवहन के अवसरों में सुधार करता है।

शहरों में रहने से निकटता, विविधता और बाजार की प्रतिस्पर्धा के अवसरों के फायदे मिलते हैं। हालांकि, urbanization(Essay on Pollution Due to Urbanization) के फायदों को अलगाव के मुद्दों, तनाव, दैनिक जीवन की लागत में वृद्धि, और नकारात्मक सामाजिक पहलुओं के खिलाफ तौला जाता है। सबसे बड़ा विकासशील देशों के शहरों में हो रहा है। शहरी जीवन के इन नकारात्मक पहलुओं को संतुलित करने के लिए, जबकि अभी भी बड़ी मात्रा में उपयोग की अनुमति है।

Difference between urbanization and air pollution : 

Urbanisation और एयर पोलूशन दोनों ही एक ही साइकिल के पहिए हैं | urbanisation(Essay on Pollution Due to Urbanization) होता है तो वहां पर सबसे पहला दुष्प्रभाव होता है वनों का घटना। पेड़ पौधे ऐसा संसाधन है जो हमें सबसे ज्यादा ऑक्सीजन प्रदान करते हैं परंतु इमारतों और फैक्टरियों के निर्माण की वजह से तेजी से पेड़ की कटाई हो रही है। जिसके कारण एयर पोलूशन काफी मात्रा में बढ़ता है। उद्योग परिवहन ईंधन इन सभी सभी से जो भी प्रदूषण होता है वह जलवायु में मिल जाता है परंतु और जिसके कारण ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। पेड़ पौधे ना होने के कारण ऑक्सीजन की पूरी तरह से आपूर्ति नहीं हो पाती हैं, जो कि इंसानी सभ्यता को खोखला कर रही है।

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