Essay on Newspaper in Hindi | हिंदी में समाचार पत्र पर निबंध | Samachar Patra Essay

Essay on Newspaper in Hindi

Essay on Newspaper in Hindi: हर किसी के जीवन में समाचार पत्र का एक खास महत्व होता है। वैसे तो दूरसंचार के कई माध्यम आज हमारे बीच मौजूद है लेकिन समाचार पत्र की एक अपनी अलग ही उपयोगिता है।

अधिकतर लोगों के दिन की शुरुआत समाचार पत्र के साथ ही होती है। सुबह की चाय के साथ यदि समाचार पत्र हाथ में ना हो तो दिन अधूरा सा लगता है। समाचार पत्र से ही हमें देश दुनिया में घटित सारी घटनाएँ विस्तार से पता चलती है।

Table of Contents

समाचार पत्र की उपयोगिता – Utility of NewsPaper

समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) की सबसे खास बात यह कि इसमे विविधता होती है। हमें एक ही जगह पर खेल,राजनीति देश-विदेश, साहित्य, स्वास्थ्य आदि चीजों से जुड़ी जानकारी मिल जाती है और जानकारी भी पूरे विस्तार से दी हुई होती है।

हालांकि कुछ समाचार पत्र ऐसे भी होते हैं जो किसी एक खास क्षेत्र की जानकारी देते हैं जैसे रोजगार समाचार पत्र रोजगार से संबंधित सभी जानकारी देते हैं।

भारत का पहला समाचार पत्र – India’s First NewsPaper

भारत का पहला स्वतंत्र समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) 29 जनवरी 1780 को प्रकाशित हुआ था। इसे प्रकाशित करने वाले जेम्स ऑगस्ट हिक्की थे। इस समाचार पत्र का नाम कोलकाता जनरल एडवाइजर था। इसे हिक्की गैजेट भी कहा जाता था। यह समाचार पत्र न सिर्फ भारत का बल्कि एशिया का पहला समाचार पत्र था।

उपसंहार – Conclusion

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश मे समाचार पत्र की आवश्यकता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि हमारा देश अभी प्रगति के पथ पर है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि देश के हर नागरिक के पास सभी सूचनाएँ पहुचें।

समाचार पत्र पर निबंध हिंदी में – Essay on NewsPaper in Hindi (500 Words)

प्रस्तावना – Introduction

मनुष्य जिज्ञासू प्रवृत्ति का होता है। हर कोई यह जानना चाहता है कि हमारे समाज में किस तरह की घटनाएँ घटित हो रही है। इन बातों को जानकर ही मनुष्य अपने विवेक में वृद्धि करता है और उसकी ज्ञान की प्यास बुझती है।

मनुष्य की इस जिज्ञासा को शांत करने का एकमात्र साधन समाचार पत्र ही है। समाचार पत्र आज हर राष्ट्र की महती आवश्यकता बन गया है। समाचार पत्र के बिना मानव जीवन अधूरा सा प्रतीत होता है।

समाचार पत्र की भूमिका – Role of NewsPaper

दुनियाँ तेजी से बदल रही हैं लोग आज इंटरनेट के जमाने मे जी रहे हैं जहाँ सब कुछ हमारी उंगलियों के नीचे होता है। ऐसे में कभी कभी यह लग सकता है कि आज के युग मे समाचार पत्र की क्या प्रासंगिकता है।

समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) आज भी प्रासंगिक है और इसकी भूमिका भी बहुत बड़ी है। आज काफी न्यूज़ चैनल आ गए हैं लेकिन समाचार पत्र में समाचार पढ़ने का जो आनंद है वह समाचार देखने मे नही मिलता।

समाचार पत्र की खास बात यह है कि इसे हम कभी भी पढ़ सकते हैं। यदि सुबह वक़्त नही है तो शाम को पढ़ सकते है। बेवजह के प्रचार नही देखने पड़ते। यानी हम सिर्फ समाचार पढ़ना चाहते हैं तो पढ़ सकते हैं, जबकि टीवी में प्रचार भी देखने पड़ते हैं।

आपको एक ही जगह पर सभी जानकारियाँ मिल जाती है। अलग अलग क्षेत्रों की जानकारी के लिए हमें किसी तरह का इंतजार नही करना पड़ता। जबकि समाचार के टीवी चैनलl में कब किस तरह का समाचार दिखाया जाएगा यह तय नही रहता है। ऐसे में हमें हर तरह की जानकारी नही मिल पाती।

समाचार पत्र का महत्व – Importance of a NewsPaper

आज भी देश के अधिकतर लोग समाचार पत्रों को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं क्योंकि न्यूज़ चैनल में कई खबरें सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए दिखाई जाती है। एक छोटी सी ख़बर को मिर्च मसाला लगातार दिखाया जाता है जिससे कि वह एक बड़ी ख़बर दिखने लगे।

जबकि समाचार पत्र में ऐसा कुछ नही होता। यहाँ जरूरी जानकारी ही छापी जाती है और साहित्यिक शब्दों का ही उपयोग किया जाता है।

यही वजह है कि आज सभी बड़े बड़े न्यूज़ चैनल ऑनलाइन लिखित समाचार भी प्रकाशित करते हैं क्योंकि वो यह बात भलीभांति जानते हैं कि आज भी लोग पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं, जहाँ तक बात समाचार की है।

समाचार पत्र का इतिहास – History of NewsPaper

विश्व मे पत्रकारिता का इतिहास – History of journalism in the world

समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) का इतिहास बहुत पुराना है ऐसा कहा जाता है कि पहला समाचार पत्र रोम में 131 ई. में प्रकाशित हुआ था। इस पत्र का नाम Acta Diurna था जिसका मतलब था दिन की घटनाएँ।

लेकिन ये आज की तरह कागज पर प्रकाशित नही होते थे। ये पत्थर या किसी धातु की पट्टी में अंकित रहते थे। इनमे कुछ महत्वपूर्ण बातों का ही जिक्र होता था।

जैसे राज्य के प्रमुख अधिकारी के नाम, किसी नए नियम के बारे में जानकारी और क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न लड़ाइयों के बारे में वर्णन होता था। इन पट्टिकाओं को कुछ तय जगहों पर ही रखा जाता था।

इसके बाद मध्यकाल आते आते यूरोप में भी समाचार पत्र छपने लगे। लेकिन इनमे कारोबार से संबंधित जानकारियाँ जैसे कि क्रय-विक्रय के मूल्य, कीमत में उतार चढ़ाव के बारे में जानकारी होती थी।

समाचार पत्र के क्षेत्र में बड़ा बदलाव तब आया जब 15वी सदी में ऐसी मशीन का आविष्कार हुआ जो छाप सकती थी। इसके पहले सब कुछ हाथ से ही लिखा जाता था।

आखिरकार 16 वी सदी में इस मशीन का पहली बार उपयोग किया गया और 1605 से इस मशीन के जरिए समाचार पत्र छपने लगा। पहले मुद्रित समाचार पत्र का नाम रिलेशन था।

भारत मे पत्रकारिता का इतिहास – History of journalism in India

कागज छापने की मशीन वैसे तो भारत मे 1674 में ही आ गई थी लेकिन पहले अखबार का प्रकाशन 1776 में पूरे 102 साल बाद हुआ। ईस्ट इंडिया कंपनी के एक पूर्व अधिकारी विलेम बाल्ट्स ने इसकी शुरुआत की थी। यह समाचार पत्र अंग्रेजी भाषा मे था।

लेकिन यह समाचार पत्र ब्रिटिश सरकार के अधीन था इसलिए यह सिर्फ सरकार और ईस्ट इंडिया कंपनी की खबरों को ही प्रकाशित करता था।

इसके बाद भारत के पहला स्वतंत्र समाचार पत्र का प्रकाशन 29 जनवरी 1780 हुआ था।

किसी भारतीय भाषा मे प्रकाशित होने वाला पहला समाचार पत्र, संवाद कौमुदी था जो बंगाली भाषा मे लिखा गया था। इसका प्रकाशन राजा राम मोहन राय ने 1819 में किया था।

गुजराती भाषा के पहले समाचार पत्र मुम्बईना समाचार की शुरुआत 1822 में हुई थी। वही हिंदी भाषा का पहला समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड था जो 1826 में प्रकाशित हुआ था।

भारतीय समाचार पत्रों के सामने चुनौतियाँ – Challenges in front of Indian newspapers

उस दौर में सबसे बड़ी चुनौती थी कि समाचार पत्र किस भाषा मे प्रकाशित किया जाए। कुछ लोग का मानना था कि समाचार पत्र की भाषा व्यवहारिक होना चाहिए जबकि कुछ लोग शुद्ध हिंदी भाषा के पक्षधर थे।

लेकिन इस समस्या का समाधान लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र ने किया। उन्होंने ऐसी रचनाएँ रची है जिनकी न सिर्फ भाषा उत्कृष्ठ थी बल्कि सरल भी थी। इसी का अनुसरण समाचार पत्रों ने भी किया।

इसके अलावा दूसरी बड़ी चुनौती विचारधारा को लेकर थी। हर मुद्दे पर प्रकाशकों की राय अलग अलग होती थी। कुछ लोग पुरानी परंपराओं के पक्षधर थे वही कुछ लोग प्रगतिवादी सोच में परंपराओं को एक रुकावट मानते थे।

इसीलिए अपनी सोच का प्रचार-प्रसार करने के लिए नए नए समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) प्रकाशित होते गए।

उपसंहार – Conclusion

समाचार पत्र जन संचार का एक बहुत पुराना माध्यम है लेकिन आज भी इसका एक अलग ही महत्व है। ऐसी उम्मीद है कि आगे आने वाले 100 सालों में भी समाचार पत्र इसी तरह अपनी उपयोगिता बनाए रखेंगे। दुनियाँ में बदलाव बहुत तेजी से हो रहे हैं, इस बीच समाचार पत्र का स्वरूप बदल सकता है लेकिन उपियोगिता ऐसी ही बरकरार रहेगी।

समाचार पत्र पर निबंध हिंदी में – Essay on NewsPaper in Hindi (3000 Words)

प्रस्तावना – Introduction

सुबह उठते ही हम सब समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) जरूर पढ़ते हैं। यदि किसी दिन समाचार पत्र न आए तो दिन कुछ अधूरा सा लगता है। देश दुनियाँ की सभी खबरों के लिए हम सब समाचार पत्र भी निर्भर रहते हैं।

समाचार पत्र के प्रति दीवानगी कभी घटने वाली नही है। हम अक्सर देखते हैं चाय, पान की दुकान में लोग बड़े ही शौक से समाचार पत्र पढ़ते है। समाचार पत्र में दी गई जानकारियाँ काफी ज्ञानवर्धक होती है तभी हम इसे कभी कभी दिन में एक से ज्यादा बार भी पढ़ लेते हैं।

समाचार पत्र का अर्थ – Meaning of newspaper

समाचार पत्र का अर्थ समाचार के अर्थ में छुपा है। जब हम एक बार खुद को देखते हैं तो पाते है कि हम कितने जिज्ञासू प्रवत्ति के हैं।

जब हम किसी से मुलाकात करते हैं तो सबसे पहले उसका हाल समाचार पूछते हैं क्योंकि हमें नैसर्गिक रूप से यह जानने में दिलचस्पी होती है कि किसी और के जीवन में चल क्या रहा है।

पत्रकारिता के पीछे हमारी यही मूल भावना छिपी है। समाचार पत्र हमारी जिज्ञासा को शांत करता हैं। हम सब यह जानने के लिए उत्साहित रहते हैं कि आखिर देश दुनियाँ में क्या घटित हो रहा है।

हमारे देश के बाकी हिस्सों में क्या घटनाएँ हो रही है, ये सभी सूचनाएँ हम तक समाचार पत्र पहुँचाता है। लेकिन समाचार पत्र के माध्यम से कोई ख़बर हम तक 24 घंटे बाद ही पहुँचती है।

समाचार पत्र के कार्य – Work of Newspaper

जब समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) की शुरुआत हुई थी तब इनके कार्य सीमित थे क्योंकि इनकी पहुँच भी सब लोगो तक नही होती थी। इस वजह से इनमे समाज के सभी घटकों की चर्चा नही होती थी लेकिन आज का समाचार पत्र काफी अलग है।

समाचार पत्र के कार्य आज काफी बढ़ गए हैं।

अपने क्षेत्र की ख़बर देते हैं.

समाचार पत्र के माध्यम से ही हमें अपने क्षेत्र में होने वाली किसी घटना का पता चलता है, क्योंकि टीवी न्यूज चैनल 24 घंटे में अधिकतर बड़े शहरों की ही खबरें दिखाते हैं।

इसमें भी वो उन्ही खबरों को दिखाते हैं जो कुछ ज्यादा बड़ी होती है। लेकिन आपके क्षेत्र का समाचार पत्र आपके जिले, पंचायत में घटित छोटी घटनाओं को भी छापता है।

राजनीति की खबरें मिलती है.

समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) के माध्यम से देश की राजनीति से जुड़ी तमाम खबरें एक ही जगह मिल जाती है। देश के सभी राज्यों की महत्वपूर्ण राजनीतिक खबरों को यहाँ जगह दी जाती है, जिनको पढ़ने के बाद हमें देश की राजनीति के बारे में बहुत कुछ जानने को मिल जाता है।

साथ ही विश्व राजनीति से जुड़ी खबरें भी प्रकाशित की जाती है। कुछ समाचार पत्र विश्व राजनीति पर ही केंद्रित होते हैं। वही कुछ समाचार पत्र विश्व राजनीति के बारे में ज्यादा गहराई से खबरें नही देते लेकिन तर्जुमा जरूर दे देते हैं।

खेल जगत से जुड़ी खबरें मिलती है.

सभी समाचार पत्रों में आखिरी का पन्ना खेल की खबरों के लिए ही समर्पित होता है। सभी खेलों से जुड़ी खबरें यहाँ संछिप्त में दी हुई होती है। हमारे देश मे क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसीलिए क्रिकेट की खबरों को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

सरकारी योजनाओं और नौकरियों की जानकारी मिलती है.

किसी भी सरकारी योजना की जानकारी भी समाचार पत्र के जरिए मिलती है। रोजगार निर्माण जैसे कई समाचार पत्र है जो मुख्य रूप से योजनाओं और सरकारी नौकरी से जुड़े हुए लेख ही प्रकाशित करते हैं।

बिजनेस जगत से जुड़े लोगों के लिए है निकलती है खबरें

समाचार पत्र सभी के लिए कोई न कोई महत्वपूर्ण जानकारी जरूर प्रकाशित करते हैं। कोई शेयर बाजार में निवेश करता है या फिर ऑटोमोबाइल से संबंधित कोई बिजनेस करता है तो उनके लिए काफी अहम जानकारियाँ प्रकाशित की जाती है।

कब किस कंपनी का IPO आने वाला है और किस कंपनी के शेयर की स्थिति अच्छी और खराब है इन सब बातों की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है।

विशेष लेख भी होते हैं प्रकाशित.

कई समाचार पत्र सप्ताह के अंत मे कुछ विशेष लेख प्रकाशित करते हैं। ये लेख स्वास्थ्य,साहित्य, रिश्ते, रोजगार, शिक्षा आदि से जुड़े होते हैं। तो यह कह सकते हैं कि समाचार पत्र सिर्फ न्यूज़ संबंधी जानकारियाँ ही बस नही देते हैं।

साहित्य की महक भी समाचार पत्रों के कुछ विशेष अंकों से आती है। जैसे दैनिक भास्कर की मधुरिमा में हम देखते हैं कि किस तरह से नए लेखकों की कहानियाँ प्रकाशित की जाती है।

कई बड़े बड़े हस्तियों के साक्षात्कार प्रकाशित किये जाते हैं। परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों की सहायता हेतु कई अच्छे लेख प्रकाशित किये जाते हैं।

तो यदि यह कहें कि समाचार पत्र एक बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कि जरूरतों का खयाल रखते हैं तो कहना बिलकुल भी गलत नही होगा।

समाचार पत्र के प्रकार – Types of Newspaper

समाचार पत्रों का विभाजन कई तरह से किया जा सकता है।

समाचार पत्र के वितरण के समय के अनुसार – According to the time of delivery of the newspaper.

सुबह वितरित होने वाले समाचार पत्र.

अधिकतर समाचार पत्र सुबह ही वितरित होते हैं। इन समाचार पत्रों में पिछले दिन की सभी महत्वपूर्ण खबरें होती है।

शाम को वितरित होने वाले समाचार पत्र

कुछ समाचार पत्र शाम को वितरित होते हैं ऐसे समाचार पत्रों में दिनभर घटित होने वाली घटनाओं का जिक्र होता है।

समाचार पत्र में मौजूद सामग्री के अनुसार – According to the content in the newspaper.

सामान्य सूचना देने वाले समाचार पत्र

ऐसे समाचार पत्रों (Essay on Newspaper in Hindi) में हर तरह की जानकारी होती है लेकिन किसी भी क्षेत्र में गहराई से जानकारी नहीं दी जाती है। दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, नवभारत जैसे कुछ समाचार पत्र इस श्रेणी में आते हैं।

विशेष सूचना देने वाले समाचार पत्र

कुछ समाचार पत्र ऐसे होते हैं जो किसी क्षेत्र विशेष के बारे में ही जानकारी देते हैं। पूरे समाचार पत्र में किसी एक क्षेत्र के बारे में जानकारी होती है और जानकारी पूरी गहराई से दी जाती है ताकि पाठक सारी बातें समझ सकें।

ऐसे समाचार पत्र एक खास वर्ग को ध्यान में रखकर के प्रकाशित किए जाते हैं। रोजगार निर्माण ऐसे समाचार पत्र का एक उदाहरण है।

कितने बड़े क्षेत्र की जानकारी देते हैं उसके आधार पर.

क्षेत्रीय समाचार पत्र.

कुछ समाचार पत्र (Essay on Newspaper in Hindi) ऐसे होते हैं जो किसी क्षेत्र विशेष की जानकारी ही देते हैं। ऐसे समाचार पत्रों को आमतौर पर उतनी प्रसिद्धि नही मिलती, लेकिन अपने क्षेत्र की जानकारी देने में वो सबसे अव्वल होते हैं।

राष्ट्रीय समाचार पत्र.

ऐसे समाचार पत्र जो पूरे देश के समाचार को प्रकाशित करते हैं, वो राष्ट्रीय समाचार पत्र कहलाते हैं। ऐसे समाचार राष्ट्रीय हितों को बहुत महत्व देते हैं और इनके मुख्य पृष्ठ पर देश की कोई बड़ी खबर ही प्रकाशित होती है। देश से जुड़े मुद्दों पर राय देने के लिए ये समाचार पत्र विशेषज्ञों के लेख भी प्रकाशित करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्र.

कुछ समाचार पत्र विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय खबरों को ही प्रकाशित करते हैं। ऐसे समाचार पत्र दैनिक अथवा साप्ताहिक हो सकते हैं। ऐसे समाचार पत्र अधिकतर वही लोग पढ़ते हैं जिन्हें विदेश से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि होती है।

सामुदायिक समाचार पत्र.

ऐसे समाचार पत्र किसी समुदाय विशेष की जानकारी लिए होते हैं, जिन्हें पढ़ने वाले अधिकतर लोग उसी समुदाय के लोग होते हैं। ऐसे समाचार पत्र का दायरा काफी छोटा होता है।

वितरित होने के समय अंतराल के अनुसार – According to the time interval of delivery.

दैनिक समाचार पत्र.

ऐसे समाचार पत्र जिन्हें प्रतिदिन प्रकाशित किया जाता है, वो इस श्रेणी में गिने जाते हैं। ऐसे समाचार पत्र हर भाषा मे प्रकाशित होते है। देश की अधिकतर जनता दैनिक समाचार पत्र ही पढ़ती है।

साप्ताहिक समाचार पत्र.

ऐसे समाचार पत्र सप्ताह के आखिरी में शनिवार या रविवार को प्रकाशित होते हैं। इन समाचार पत्रों में खबरों को काफी विस्तार से छापा जाता है। जिन्हें बहुत गहराई से ख़बर पढ़ने में रुचि होती है वो ऐसे समाचार पत्र के पाठक होते हैं।

सप्ताह में दो बार,मासिक या छमाही समाचार पत्र.

कुछ समाचार पत्र इस अवधि में प्रकाशित होते है। ऐसे समाचार कुछ खास वर्ग के लिए होते हैं। किसी कंपनी की उपलब्धि ऐसे समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाती हैं।

प्रकाशन के तरीके के अनुसार – According to the method of publication.

मुद्रित समाचार पत्र.

ऐसे समाचार पत्र जो प्रिंटिंग प्रेस से छापे जाते हैं, उन्हें मुद्रित समाचार पत्र कहा जाता है। ये पारंपरिक समाचार पत्र होते हैं, जिनका प्रकाशन बहुत पहले से हो रहा है।

टेबलॉयड समाचार पत्र

ऐसे समाचार पत्रों में लिखित ख़बर की अपेक्षा चित्रों के माध्यम से खबरों को बताने की कोशिश की जाती है। हालांकि समाचार प्रकाशित करने का यह तरीका सभी जगह इतना ज्यादा प्रसिद्ध नही है।

इसमे अधिकतर सनसनीखेज खबरें ही प्रकाशित की जाती है। इसका आकार बहुत छोटा होता है इस वजह से इन्हें पढ़ना बहुत आसान होता है।

मानक समाचार पत्र.

हम जो समाचार पत्र पढ़ते हैं अधिकतर वो मानक समाचार पत्र ही होते हैं। इनका आकार 38 x 58 सेमी होता है।

डिजिटल समाचार पत्र.

जैसे जैसे दुनियाँ ज्यादा डिजिटल होती गई वैसे ही समाचार पत्र का स्वरूप भी बदलता गया है। कुछ समाचार पत्रों का प्रकाशन अब डिजिटल रूप में होने लगा है। आज एक बहुत बड़ी तादाद में लोग डिजिटल समाचार पत्रों को पढ़ना पसंद करते हैं।

सभी समाचार पत्रों का विवरण – Details of all NewsPaper in hindi.

भारत मे प्रकाशित होने वाले कुछ प्रमुख समाचार पत्र इस प्रकार है:-

अमर उजाला

अमर उजाला भारत मे प्रकाशित होने वाला एक हिंदी समाचार पत्र है जो 6 राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेश को मिलाकर कुल 179 जिलों में वितरित किया जाता है। इस समाचार पत्र के कुल 6 संस्करण है।

एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि यह भारत मे पढ़ा जाने वाला चौथा सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र है। इसके 4 करोड़ से भी ज्यादा नियमित पाठक है।

दैनिक जागरण.

यह समाचार पत्र 1942 से प्रकाशित हो रहा है। इसके मालिक जागरण प्रकाशन लिमिटेड है। नियमित प्रकाशित होने वाला यह समाचार पत्र 2017 में सबसे ज्यादा वितरित होने का एक नया रिकॉर्ड बनाया था। हिंदी समाचार पत्रों में इसका एक विशेष स्थान है।

नवभारत समाचार पत्र

नवभारत समाचार पत्र हिंदी भाषा का एक प्रमुख समाचार पत्र है जिसकी शुरुआत 1934 में हुई थी। यह समाचार पत्र कुल 14 संस्करणों में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में प्रकाशित होता है। पाठकों की संख्या की दृष्टि से यह भारत का छठवां सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र है।

नवोदय टाइम समाचार पत्र

यह हिंदी में प्रकाशित होने वाला एक समाचार पत्र है जिसकी शुरुआत 2013 में दिल्ली में हुई थी। इस समाचार पत्र के मालिक पंजाब केसरी ग्रुप है, जो नवोदय टाइम्स के अलावा जगबानी समाचार पत्र प्रकाशित करते हैं।

जनसत्ता समाचार पत्र

इंडियन एक्सप्रेस लिमिटेड के द्वारा प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र जनसत्ता हिंदी भाषा का एक प्रमुख समाचार पत्र है। यह ग्रुप हिंदी के अलावा इंग्लिश और मराठी भाषा में भी समाचार पत्र प्रकाशित करता हैं।

इनके द्वारा प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र द इंडियन एक्सप्रेस और द फाइनेंशियल एक्सप्रेस इंग्लिश भाषा के बहुत ही लोकप्रिय समाचार पत्र है।

नवभारत टाइम्स समाचार पत्र

नवभारत टाइम्स हिंदी पाठकों के बीच एक बेहद लोकप्रिय समाचार पत्र है इसकी शुरुआत 1946 में हुई थी। इस समाचार पत्र को प्रकाशित करने वाले Bennett, Coleman & Co. Ltd हैं जो The Times of India, The Economic Times जैसे कई लोकप्रिय समाचार पत्र भी प्रकाशित करते हैं।

दैनिक नवज्योति समाचार पत्र.

यह हिंदी भाषा मे प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र है जिसकी शुरुआत 1936 में हुई थी। यह समाचार पत्र मुख्य रूप से राजस्थान के कई जिलों में प्रकाशित होता है।

हरि भूमि समाचार पत्र.

उत्तर और मध्य भारत मे प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र हरिभूमि एक साप्ताहिक हिंदी भाषी समाचार पत्र है जिसकी प्रकाशन 1996 से शुरू हुआ था।

हिन्द समाचार

यह एक उर्दू भाषी समाचार पत्र है जो मुख्य रूप से मुम्बई में प्रकाशित होता है। इस समाचार पत्र को 1948 से पंजाब केशरी ग्रुप के द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।

द एशियन ऐज समाचार पत्र.

यह इंग्लिश भाषा में प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र है इसका प्रकाशन फरवरी 1994 से हो रहा है फिलहाल इसके तीन ही संस्करण प्रकाशित होते हैं जो कि दिल्ली मुंबई और कोलकाता में वितरित किए जाते हैं।

बिजनेस लाइन समाचार पत्र

बिजनेस लाइन एक प्रमुख इंग्लिश भाषा का समाचार-पत्र है जिसको कस्तूरी एंड संस के द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह एक दैनिक समाचार पत्र है जिसमें बिजनेस से जुड़े तमाम चीजों के बारे में लेख प्रकाशित किए जाते हैं। इसका प्रकाशन 1994 से लगातार चला आ रहा है।

द हिंदू समाचार पत्र

द हिंदू एक इंग्लिश भाषा में प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र है, जिसके मालिक दा हिंदू ग्रुप है। इस समाचार पत्र का प्रकाशन 1878 में शुरू हुआ था। शुरुआत में यह एक साप्ताहिक समाचार पत्र था लेकर 1889 से यह एक दैनिक समाचार पत्र बन गया। टाइम्स ऑफ इंडिया के बाद यह भारत का दूसरा सबसे लोकप्रिय अंग्रेजी समाचार पत्र है।

Mint समाचार पत्र.

यह एक अंग्रेजी भाषा मे प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र है जिसका प्रकाशन 2007 से हो है। इसका प्रकाशन HT Media के द्वारा किया जाता है जो कि KK बिरला परिवार के द्वारा चलाया जाता है। यह समाचार पत्र मुख्य रूप से बिजनेस से जुड़े लेख प्रकाशित करता है।

दैनिक भास्कर समाचार पत्र.

दैनिक भास्कर समाचार पत्र की शुरुआत मध्यप्रदेश, भोपाल से 1948 में हुई थी। तब इसका नाम सुबह सवेरे था लेकिन 1958 में बदलकर दैनिक भास्कर रख दिया गया। इस समाचार पत्र ने न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि राजस्थान में भी अपनी छाप छोड़ी। 1995 तक यह मध्यप्रदेश में वितरित होने वाला यह प्रथम समाचार पत्र बन चुका था।

नई दुनियाँ समाचार पत्र.

नई दुनियाँ समाचार पत्र का प्रकाशन 5 जून 1947 से मध्यप्रदेश के इंदौर में शुरू हुआ था। इसमे खबरों को बेहद ही सरल भाषा मे प्रकाशित किया जाता था इसी वजह से यह पाठकों का पसंदीदा समाचार पत्र बन गया।

हिंदुस्तान टाइम्स समाचार पत्र.

इस समाचार पत्र का प्रकाशन 1924 से हो रहा है। इसकी शुरुआत महात्मा गाँधी ने की थी। अंग्रेजी भाषा मे प्रकाशित होने वाले इस समाचार पत्र ने भारत की आजादी में बहुत अहम योगदान दिया था। इस समाचार पत्र की मालिक सोभना भारती है। इसका प्रकाशन प्रतिदिन होता है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार पत्र.

यह अंग्रेजी भाषा मे प्रतिदिन प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र है, जो कि 1838 से प्रकाशित हो रहा है। यह भारत का सबसे लोकप्रिय अंग्रेजी समाचार पत्र है। यदि वितरण की दृष्टि से देखे तो दुनियाँ का यह 9वा सबसे ज्यादा बिकने वाला समाचार पत्र है।

द टेपेग्राफ समाचार पत्र.

यह प्रतिदिन प्रकाशित होने वाला अंग्रेजी भाषी समाचार पत्र है। इसका प्रकाशन 1982 से हो रहा है। यह टाइम्स ऑफ इंडिया का एक बड़ा पतिस्पर्धी है।

द ट्रिब्यून समाचार पत्र.

यह एक इंग्लिश समाचार पत्र है जो पाकिस्तान के लाहौर में सन 1881 में शुरू हुआ था। वर्तमान में यह पंजाब के लुधियाना,अमृतसर,चंडीगढ़,जालंधर और नई दिल्ली से प्रकाशित होता है।

समाचार पत्र पढ़ने के लाभ – Advantages Of Reading Newspaper

समाचार पत्र के लाभ निम्नलिखित हैं:-

व्यापारियों के लिए समाचार पत्रों का महत्व – Importance of newspapers for traders

यदि कोई व्यक्ति व्यापार से जुड़ा हुआ है तो उसके लिए भी समाचार पत्र बहुत महत्वपूर्ण है। समाचार पत्र में स्थानीय बाजार की स्थिति बताई जाती है। किस चीज का दाम बढ़ रहा है और किस चीज का दाम घट रहा है इन सभी चीजों के बारे में विस्तार से विवरण दिया जाता है।

यदि कोई नई वस्तु बाजार में आती है तो उसकी जानकारी भी समाचार पत्र के माध्यम से दी जाती है जिससे व्यापारी वर्ग लाभान्वित होते हैं।

विद्यार्थियों के लिए समाचार पत्र का महत्व – Importance of newspaper for students.

विद्यार्थियों का जीवन पूरी तरह से सीखने के लिए समर्पित होता है। ऐसे में समाचार पत्र विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है।

समाचार पत्र के नियमित पाठन से ना सिर्फ विविध प्रकार की जानकारियाँ विद्यार्थियों को मिलती हैं, बल्कि साथ में उनके पाठनकला में भी उन्नति होती है।

यदि किसी विद्यार्थी की भाषा कमजोर है तो उसे नियमित रूप से समाचार पत्र का पढ़ना चाहिए साथ ही यह यह देखना चाहिए कि वह लेख किस तरह से लिखा गया है।

किसान वर्ग के लिए समाचार पत्र का महत्व – Importance of newspaper for the farmers.

समाचार पत्र, किसान वर्ग के लिए बहुत उपयोगी होता है। बारिश का पूर्वानुमान, मौसम से संबंधित जानकारियाँ समाचार पत्र में प्रकाशित होती है।

साथ ही बिजली विभाग भी लाइट की कटौती आदि के बारे में जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से ही देता है। समाचार पत्र में किसानी से संबंधित नई-नई योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

साथ ही फसल की पैदावार और अधिक गुणवत्ता वाली फसल पैदा करने के बारे में विशेष लेख भी प्रकाशित किए जाते हैं इसलिए समाचार पत्र किसानों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

गृहणियों के लिए समाचार पत्र का महत्व – Importance of newspaper for the housewives

समाचार पत्रों में कुछ विशेष प्रकार के लेख भी प्रकाशित किए जाते हैं जिनमें तरह-तरह के नए व्यंजनों के बारे में बताया जाता है। साथ ही घर की साज-सज्जा से जुड़े हुए कई विशेष बातों के बारे में भी लेख प्रकाशित किए जाते हैं।

घर में सुख शांति कायम रखने के लिए किन चीजों का विशेष ध्यान देना चाहिए ऐसे तमाम तरह के लेख जो विशेषज्ञों के द्वारा लिखे जाते हैं उनका प्रकाशन भी इनमे किया जाता है।

समाचार पत्र है रोजगार का साधन – Newspaper is a means of employment

समाचार पत्र के प्रकाशन और वितरण में कई लोगों को जरूरत पड़ती है। इसलिए एक तरह से समाचार पत्र का प्रकाशन रोजगार का जरिया भी है।

इसलिए ऐसे व्यक्ति जो पत्रकारिता के क्षेत्र में योग्यता रखते हैं वो रोजगार भी हासिल कर सकते हैं। वहीं अप्रत्यक्ष रूप से भी समाचार पत्र किसी ना किसी के लिए उपयोगी होते हैं।

जैसे समाचार पत्र 1 दिन के बाद व्यर्थ ही हो जाते है इसलिए हम इन्हें रद्दी वालों को बेच देते हैं जिससे उन्हें भी एक रोजगार मिल जाता हैं और हमारे घर में समाचार पत्र भी एकत्रित नहीं होते।

बेरोजगार युवाओं के लिए समाचार पत्र का महत्व – Importance of newspaper for unemployed youth.

ऐसे युवा जो रोजगार की तलाश कर रहे हैं उनके लिए भी समाचार पत्र में एक विशेष अंक प्रकाशित किया जाता है जहाँ रोजगार से संबंधित जानकारियाँ दी जाती हैं।

कई कंपनियां ऐसी होती हैं जो अपने यहाँ रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए समाचार पत्रों में इसकी सूचना देती हैं। यदि कोई व्यक्ति उस पद के लिए योग्य है तो वह जाकर उस कंपनी में साक्षात्कार दे सकता है और नौकरी पा सकता है।

समाचार पत्र के नुकसान – Disadvantages of Newspaper

समाचार पत्र के कुछ नुकसान निम्नलिखित है:-

राष्ट्रहित को पहुँचता है नुकसान.

समाचार पत्रों में कभी-कभी ऐसी जानकारियाँ प्रकाशित कर दी जाती है जिनका वास्तविक तथ्य से कोई संबंध नहीं होता। ऐसी खबरें समाज में एक उन्माद को जन्म देती है जिसकी वजह से हिंसात्मक क्रियाकलाप होने लगते हैं।

इतिहास में हमने देखा है कि कलम की ताकत बहुत बड़ी होती है। यदि इसका सदुपयोग किया जाए तो देश का विकास होता है वहीं यदि इसका दुरुपयोग किया जाए तो देश गर्त में भी जा सकता है।

कभी-कभी कुछ प्रकाशक किसी खास विचारधारा से इतना ज्यादा प्रभावित होते हैं कि वह उसे ही सही मानते हैं और उस के पक्ष में लेख प्रकाशित करते हैं।

जबकि पत्रकारिता का मूल सिद्धांत यह है कि जो खबर जिस तरह है उसको उसी रूप में पाठकों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, लेकिन कुछ संपादक लोगों को अपनी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश करते हैं और इस चक्कर में वह राष्ट्रहित को भी दरकिनार कर देते हैं।

सीमित तकनीक का कर सकते हैं इस्तेमाल.

समाचार पत्र जहां एक ओर किसी खबर को बहुत गहराई तक बता सकते हैं लेकिन ऑडियो और वीडियो की कमी यहाँ पर जरूर खलती है। खराब तकनीक के कारण कभी-कभी समाचार पत्रों में जो तस्वीरें छापी जाती हैं वह भी स्पष्ट नहीं हो पाती जिससे पाठक के ऊपर एक अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता।

उपसंहार Conclusion

पत्रकारिता का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है समाचार पत्र। इसी के संदर्भ में एक कवि ने कुछ खूबसूरत पंक्तियां कही है कि :-

खीचों न कमान को, न तलवार निकालों.
जब तोप मुकाबिल हो, झट से अखबार निकालो.

यहाँ कवि कह रहा है कि तलवार से भी ज्यादा घातक अखबार है। अखबार में प्रकाशित खबरों को पढ़कर लोग उनसे प्रभावित होते हैं। समाचार पत्र की यही सबसे बड़ी जीत है। लेकिन समाचार पत्रों को भी हमेशा की तरह अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।

आज पत्रकारिता में भी बहुत प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। लेकिन इस प्रतिस्पर्धा को जीतने के लिए किसी समाचार पत्र को गलत रास्ता अपनाना चाहिए क्योंकि देश की अधिकतर आबादी इनमें छपी खबरों को अक्षरशः सत्य मानती है और समाचार पत्रों (Essay on Newspaper in Hindi) की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि जनता के इस अटूट विश्वास को वह कायम रखें।