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Essay on Importance of Family in Hindi | Family Values for Kids and Friends

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Essay on importance of family in Hindi की  सहायता से हम जानते हैं कि family यानी कि परिवार हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। एक परिवार ही है जो हमेशा हमारे दुख-सुख में, हमारे त्यौहार-पर्व में, साथ निभाता है। परिवार के साथ रहने से सारी खुशियाँ बढ़ जाती हैं और अगर किसी तरह का दुख हो तो वह भी कम हो जाता है।

Essay on importance of family in our life:

परिवार हमारे सामाजिक संरचना की एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में जाना जाता है, जो हमारे विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। परिवार में आपसी सहयोग एवं पारस्परिक संबंध जुड़े होते हैं, जो परिवार के प्रत्येक सदस्य को उनके जीवन में आने वाले समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूती प्रदान करते है। 

अंग्रेजी का “family” शब्द लैटिन भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ जीवन भर के महत्वपूर्ण चरणों के दौरान एक साथ रहने वाले व्यक्तियों का समूह है। यह जैविक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सम्बन्धों से एक दूसरे से बंधे व्यक्तियों के समूह को संदर्भित करता है।

Essay on importance of family in Hindi  से हम जानते हैं कि हमारा परिवार पूरी दुनिया में हमारा पहला परिचय बताता है। भले ही हमारा परिवार कैसा भी हो पर यह हमें एक नया रूप देता है। यह बात तो निश्चित है कि परिवार हमें एक आकार देता है, जिसके सहारे हमारा विकास होता है। इसके अलावा परिवार हमारी पहली बातचीत भी है। हम अपने परिवार से ही सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण सामाजिक कौशल सीखते हैं।

व्यक्ति के लिए परिवार व्यापक रूप में अपनी भूमिका निभाता है। समस्याओं से घिर जाने पर प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार एवं बच्चों की जरूरत होती है क्योंकि ऐसे समय में देखती को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है। यदि किसी शिशु के जीवन में परिवार की कमी होती है, तो वह जीवन में बहुत सारे कठिनाइयों का सामना करता है। त्योहारों के समय पर भी जो पूरा परिवार एकजुट रहता है तब व्यक्ति के हृदय में उत्साह एवं खुशी की झलक दिखाई पड़ती है, जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।

Importance of family relationship:

यदि परिवार के सदस्यों में सभी सदस्य के एक दूसरे के साथ अच्छे संबंध है, तो एक दूसरे के लिए वे मजबूत प्रतिबद्धता रखते हैं। परिवार में एकता बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। मजबूत परिवार रिस्तो का अर्थ बेहतर संचार भी है इससे परिवार में एक दूसरे से अच्छे से बातचीत हो पाती है।

Essay on importance of family in Hindi  के माध्यम से हम को बता दें कि बच्चे के समग्र विकास और कल्याण के लिए एक सकारात्मक परिवार के रिश्तो को सबसे महत्वपूर्ण कारक माना गया है। स्वस्थ परिवार के रिश्ते माता-पिता से अपने बच्चो तक अच्छी आदतों को प्रसारित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हमारा परिवार हमें अभिनय, सोच भावनाओं के विशिष्ट तरीको को सिखाता है।

परिवारिक रिश्ते समुदाय में जीवन की पीढ़ी को तैयार करने में नए उत्कृष्ट भूमिका निभाता है। बड़े-बुजुर्ग लोगों के लिए परिवार के रिश्तो का अत्यंत महत्व है। उनके बच्चे और अन्य सदस्य के बीच मजबूत संबंध होने पर, वे अधिक सहज महसूस करते हैं।

Importance of family and friends :

जीवन व्यतीत करने के लिए जितना महत्वपूर्ण हमारे परिवार का हमारे पास होना है, उतना ही महत्वपूर्ण हमारे पास मित्र का भी होना है। अच्छे दोस्त हर समय हमें सहायता, समर्थन और मार्गदर्शन करते रहते हैं। एक अच्छे दोस्त हमें भावनात्मक समर्थन करते हैं। मुश्किल से मुश्किल घड़ी में वह हमें मुश्किलों से बाहर निकालते हैं और हमें विशेष महसूस करवाते हैं। 

मित्र जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि हमारे पास एक अच्छे दोस्त हैं तो हमारा जीवन अधिक मनोरंजन और सहनशील बन जाता है। यहां तक कि एक अच्छा मित्र हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, जो हमारे लिए बेहद आवश्यक है। मित्रों के संबंधों को लेकर काफी प्रसिद्ध पंक्तियां कुछ इस तरह है-

“कही रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीती।

विपत्ति कसौटी जे कसे, सोई सांचे मीत।”

Essay on importance of family in Hindi की इस पोस्ट से आपको बता दें कि विख्यात रहीम दास द्वारा रचित यह कविता हम सबने अपनी किताब में पढ़ा है। इस दोहा के द्वारा कवि हमें समझाना चाहता है, कि जब इंसान के पास संपत्ति होता है, तो सभी सगे संबंधी और मित्र उसके पास आना चाहते हैं परंतु विपत्ति के समय जो उसके पास रहता है वही सच्चा मित्र है।

व्यक्ति को जन्म के साथ ही बना बनाया रिश्ता मिल जाता है, जो कि ईश्वर उसके जन्म से पहले ही रचना कर चुके हैं, परंतु दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता है, जिसका चुनाव व्यक्ति स्वयं करता है। सच्ची मित्रता रंग-रूप, जाती-पाती अमीर-गरीब को नहीं देखता तथा किसी प्रकार का भेदभाव का खंडन नहीं करता। आमतौर पर यह देखा जाता है कि मित्रता हम उम्र के साथ होती हैं, परंतु यह गलत है मित्रता किसी भी उम्र में किसी के साथ भी हो सकता हैं।

Importance of family for kids:

Essay on importance of family in Hindi में आप पढ़ रहें कि  बढ़ते उम्र के बच्चों के साथ परिवार का व्यवहार बहुत ही महत्वपूर्ण है। माता-पिता के आपसी तनाव या फिर अपने में व्यस्त रहने की वजह से बच्चों पर बड़ा ही नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, आगे चलकर वे समाज के प्रतिकूल कार्य करते हैं। इसी कारण बच्चे का सही मार्गदर्शन होना परिवार के साथ साथ समाज पर भी बहुत बड़ा प्रभाव डालता है।

एक परिवार, बालक का प्रथम पाठशाला होता है, जहां अपने परिजनों के छाया तले बैठ कर अपनी सुसुप्त क्षमता व प्रतिभा को उजागर करता है। अतः माता-पिता को तथा परिजनों को कार्य व्यवहार से बालक का उचित मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि वह उत्तम जीवन यापन कि शिक्षा ग्रहण कर सकें। परिवार में रह कर, जहां बालक कर्तव्य पालन का पाठ सीखता है, वहीं उसके नैतिक गुणों का भी विकास होता है। 

बाल्यावस्था से ही बालक की गतिविधियों, वृत्तियों और आदतों को आकलन करते हुए सही दिशा में अग्रसर करना माता-पिता का उत्तरदायित्व होता है। वहीं समाज विकसित माना जाता है, जिसके सभी सदस्य मानवीय गुणों को जीवन का आधार बनाकर जीवन जीने का सद्प्रयास करते हैं। आज का बालक कल का नागरिक होता है। अतः एक उत्तम कोटि का नागरिक बनने के लिए सहयोग की वृत्ति, सहिष्णुता, नैतिकता, उदारता, सदस्यत्ता, अनुशासन, श्रम निष्ठा तथा सम्मान भावना और अन्य मानवीय मूल्यों का जीवन को आधार बनाना होता है। इन सभी संस्कारो को आविर्भाव माता-पिता के दिशा निर्देश, कार्य एवं व्यवहार पर निर्भर है।

Importance of family communication:

संचार की प्रक्रिया सामाजिक एकता एवं सामाजिक संगठन की निरंतरता का आधार है। इसका विकास एवं विभिन्न समाजों के मध्य संचार की स्थापना पर सामाजिक प्रगति निर्भर करती है। इस प्रकार जब एक व्यक्ति एवं अनेक व्यक्तियों के द्वारा सूचनाओं के आदान-प्रदान का कार्य व्यापक स्तर पर होता है, तब यह प्रक्रिया जनसंचार कहलाता है।

आज के इस टेक्नोलॉजी के दौर में व्यक्ति संचार के माध्यम से अपने परिवार के साथ जुड़ा रह सकता है चाहे वह कितनी भी दूर क्यों ना हो। पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने में संचार काफी महत्वपूर्ण होता है। पारिवारिक संचार के महत्व अर्थात importance of family communication की बात करें तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के साथ पारिवारिक संचार को संतुलित बनाए रखना चाहिए ताकि वह अपने मुश्किल दौर से आसानी से निकल सके और अपने नए भविष्य की शुरुआत कर सके।

Family system in India:

परिवार में शामिल ज्यादातर लोग नैसर्गिक क्रियाओं द्वारा आपस में जुड़े होते हैं या फिर जीवन के पथ पर चलते चलते वैवाहिक कार्यक्रम द्वारा आपस में जुड़ जाते हैं। समाज में परिवार के दो स्वरूप पाए जाते हैं, पहला एकल और दूसरा संयुक्त परिवार। एकल परिवार ऐसा परिवार होता है जिसमें माता पिता के साथ अविवाहित बच्चे रहते हैं लेकिन वहीं दूसरी तरफ संयुक्त परिवार में कई एकल परिवार सम्मिलित होते हैं क्योंकि इसमें बड़े बुजुर्गों के साथ साथ भाई बहन और उनके बच्चे भी रहते हैं।

भारत में परिवार व्यवस्था का अस्तित्व अत्यंत प्राचीन काल से ही विद्यमान रहा है। इसमें पिता परिवार का निरंकुश शासक होता है तथा सभी सदस्यों को उनके आज्ञा का पालन अनिवार्य रूप से करना होता है। कई बार देखा जाता है कि संयुक्त परिवार में चार पीढ़ियों तक के सदस्य रहते हैं। पिता का परिवार के सदस्य पर असीमित अधिकार होता है। परिवार के प्रमुख व्यक्ति परिवार के सभी सदस्यों के बड़े होते हैं।

ब्रगेस तथा लोक ने परिवार को ऐसे व्यक्तियों का समूह बताया है, जो विवाह, रक्त, गोद लेने के संबंधों से निर्मित होता है। इसमें एक एसी गृहस्ती का निर्माण होता है, जिसमें पति पत्नी, पुत्र पुत्री भाई बहन एक दूसरे से आपसी संबंध बनाकर रखते हैं तथा परस्पर संपर्क रखते हुए एक सामान्य संस्कृति की रचना करते हैं।

Values of family in Hindi:

एक व्यक्ति का परिवार उसका छोटा संसार होता है। हम अपने जीवन में जो सफलता प्राप्त करते हैं, वह हमें अपने परिवार के सहयोग और समर्थन से ही प्राप्त होता हैं। हमारा परिवार हमारे पालन-पोषण को प्राथमिक कार्य समझता है और हम जब तक बड़े होकर सक्षम नहीं बन जाते हैं, तब तक हमारे सभी जरूरतों को हमारा परिवार निस्वार्थ पूरे करता है।

Values of family की बात करें तो आज जिस प्रकार से वैवाहिक संबंधों के लगातार टूटने से संबंधित के सामने आ रहे हैं, इसका मुख्य कारण परिवार से दूरी बनाए रखना है। आंकड़ों के मुताबिक ऐसा काफी कम देखा गया है कि परिवार के साथ संबंधों में रहने वाले लोगों के साथ ऐसी घटनाएं घटित होती हैं क्योंकि परिवार के माध्यम से घर में ऐसे वातावरण का निर्माण होता है जो वैवाहिक संबंधों को मजबूती प्रदान करता है।

आज हमारे जीवन में परिवार का महत्व दुगना हो गया है क्योंकि इसकी जरूरतें काफी बढ़ गई है। परिवार की उपस्थिति में रिश्तो को एकजुट बनाकर रखने का माहौल तैयार होता है। इतना ही नहीं बच्चों के उज्जवल भविष्य एवं संस्कारों की प्रवृत्ति परिवार से ही प्राप्त होती है।

Importance of family in our society :

Importance of family in our society के माध्यम से हमने जाना कि समाज में पहचान परिवार के माध्यम से ही मिलती है। इसलिए हर मायने में व्यक्ति के लिए उसका परिवार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिवार हमारी पहली पहचान है। परिवार ढाल की तरह हमारी रक्षा करती है।

आज हम सभी के जीवन में कई प्रकार के बदलाव आए हैं। प्रौद्योगिकी  का विकास, सांस्कृतिक मानदंडों और इंटरनेट द्वारा प्रसारित संचार के नये और तेज माध्यम ने आज के पीढ़ी के जीवन जीने के तरीके में बहुत से परिवर्तन किए हैं। एक तरफ इन बदलाव ने हमारे जीवन को बहुत ही सरल बना दिया है। आज का दौर हमें अपने परिवार से जुड़ने में काफी मदद करता है क्योंकि संचार अथवा टेक्नोलॉजी कहीं ना कहीं हमारे संबंधों को खराब होने से बचाती है। 

व्यक्ति के अपने परिवार से दूर रहने पर संचार के माध्यम से काफी कम समय में ही आपने कोई भी बात, यहां तक की उपहार भी एक जगह से दूसरी जगह आसानी से पहुंचा सकते हैं। अपने जरूरत के चीजें खरीदने के लिए बाजार जाने तक की भी जरूरत नहीं है।

अतः निष्कर्ष स्वरूप हम कह सकते हैं कि परिवार सामाजिक संरचना की मूल इकाई है। भारत में चलने वाली परिवार व्यवस्था प्राचीन जीवन की मूलभूत इकाई है। परिवार के माध्यम से ही मनुष्य अपना उत्कृष्ट करता है। परिवार से ही एक समाज का निर्माण होता है । इसलिए परिवार मनुष्य का प्राथमिक पाठशाला होता है। कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसका परिवार से संबंध नहीं है। हमारी आवश्यकताएं हमारे परिवार से ही पूरी होती है। परिवार के अभाव में समाज का अस्तित्व ही संभव नहीं है। परिवार मनुष्य के जीवन की रक्षा करता है तथा उसकी सारी आवश्यकताओं को पूरी करता है। समाज की निरंतरता परिवार के माध्यम से ही बनी रहती हैं।

Importance of family bonding:

हमारे परिवार में हमारे माता-पिता हमें एक बच्चे के रूप में जन्म देने के बाद हमारे लालन पोषण करते हैं। ब्रश करने, जूते का फीता बांधने से लेकर पढ़ा लिखा कर समाज तक एक शिक्षित वयस्क के रूप में हमें पहुंचाते हैं। हमारे घर में ही, हमें भाई-बहन के रूप में एक अच्छे दोस्त मिल जाते हैं। भावनात्मक सुरक्षा और सहारा हमें भाई बहन से बेहतर और कोई दूसरा नहीं दे सकता। घर में बड़े-बुजुर्ग के रूप में दादा-दादी, नाना-नानी हम पर सदैव प्यार न्योछावर करते रहते हैं। व्यक्ति के ऊपर परिवार का साया नहीं होने पर, वह “अनाथ” कहलाता है। परिवार अमीर हो या गरीब ये मतलब नहीं रखता। हर एक व्यक्ति के पास परिवार का होना आवश्यक होता है।

Importance of family planning:

आज के आधुनिकता के इस दौर में परिवार नियोजन का महत्व बढ़ता जा रहा है क्योंकि परिवार के भविष्य एवं आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर लोग इसके फैसले लेते हैं। शिशु जन्म दर नियंत्रण ही परिवार नियोजन नहीं कहलाता बल्कि आर्थिक स्थिति में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से भी परिवार नियोजन का विशेष महत्व है। इतना ही नहीं माता एवं बच्चे के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर भी परिवार नियोजन की मांग में वृद्धि हो रही है। जन्म दर के बीच होने वाले समय अंतराल के आधार पर ही परिवार नियोजन पूर्ण रूप से सटीक बैठता है। आज के समय में परिवार नियोजन इसलिए भी जरूरी है क्योंकि माता-पिता को केवल बच्चे के जन्म के बारे में ही नहीं बल्कि उनके आने वाले उज्जवल भविष्य के बारे में भी सोचने की आवश्यकता होती है। Importance of family planning की बात करें तो माता-पिता के लिए एक बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के जन्म का अंतराल कम से कम 2 वर्ष का होना चाहिए।

वैज्ञानिक रूप से भी इसे मान्यता दी गई है क्योंकि मेडिकल साइंस का कहना है कि 5 वर्ष से अधिक एवं 2 वर्ष से कम के समय अंतराल पर जो मां अपने बच्चे को जन्म देती है उनके स्वास्थ्य पर गहरा एवं गंभीर प्रभाव पड़ता है जो मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए हानिकारक होता है। 1952 ईस्वी में भारत प्रथम ऐसा देश बना जिसने परिवार नियोजन से संबंधित परिवार नियोजन कार्यक्रम स्थापित किया। 2011 में भारत में परिवार कल्याण कार्यक्रम आयोजित किया जिसकी प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं

  • गर्भनिरोधक के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न तरीकों का प्रयोग करना।
  • प्रोटेक्शन के प्रयोग में लगातार वृद्धि होना।
  • गर्भनिरोधक दवाइयों के प्रयोग में वृद्धि होना।
  • शिक्षित एवं सभ्य महिलाओं में प्रजनन दर कब देखा जाना।
  • उच्च आय करने वाले वर्ग में प्रजनन दर कम होना।

परिवार नियोजन की बात की जाए तो सरकार द्वारा उठाए गए जागरूकता अभियान एवं विभिन्न कदमों के कारण परिवार नियोजन कर पाना काफी हद तक सफल हो सका है लेकिन कहीं ना कहीं अभी भी भारत को इस क्षेत्र में एक लंबा सफर तय करना है। परिवार(Essay on Importance of Family in Hindi)नियोजन के क्षेत्र में आज भी कई ऐसे कदम उठाने बाकी हैं जो समाज में जागरूकता फैलाने में सहायक हो सके।

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