Computers are more important for students then teachers | विद्यार्थी के लिए कंप्यूटर बन रहे हैं शिक्षक से ज्यादा महत्वपूर्ण

Computers are more important for students then teachers : आज के विज्ञान के युग में कंप्यूटर महत्वपूर्ण बन चुका है और आज शिक्षा के क्षेत्र में भी इसने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। आज शिक्षक और कंप्यूटर में तुलना की जाने लगी है क्योंकि आज के दौर को देखते हुए अधिकांश विद्यार्थी कंप्यूटर के माध्यम से शिक्षा हासिल कर रहे हैं। जहां पहले एक शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती थी वही आज बहुत से विद्यार्थी कंप्यूटर के माध्यम से अलग-अलग विषयों में शिक्षा हासिल कर रहे हैं।

आज यदि देखा जाए तो लगभग बहुत से विद्यार्थियों ने कंप्यूटर को अपना शिक्षक बना लिया है क्योंकि कंप्यूटर पर हर तरह के विषय की जानकारियां संपूर्ण तौर से मिल जाती है। कहीं ना कहीं कंप्यूटर शिक्षक की कमी को पूरा नहीं कर सकता क्योंकि एक कंप्यूटर भले ही हर विषय में जानकारियां और शिक्षा दे सकता है परंतु एक महत्वपूर्ण जानकारी जो विद्यार्थी जीवन में बहुत ही जरूरी होती है वह सिर्फ शिक्षक दे सकता है।

विद्यार्थियों को धैर्य, शिक्षा, शिष्टाचार, लोगों का सम्मान करना, आदि की शिक्षा सिर्फ एक टीचर ही दे सकता है। कंप्यूटर एक प्रकार का मशीन है जो विद्यार्थी की भावनाओं को नहीं समझ सकता परंतु एक शिक्षक भावनाओं से भरा हुआ एक इंसान है जो विद्यार्थी की भावनाओं को समझ सकता है और विद्यार्थियों की मदद कर सकता है।

कंप्यूटर का योगदान

कंप्यूटर एक इनपुट डिवाइस होता है जो की बहुत सारी सूचना को अपने अंदर संग्रहित कर सकता है। कंप्यूटर में बहुत से सवालों को हल करने की क्षमता होती है। कंप्यूटर को इंटरनेट के माध्यम से जुड़े गया है। जिससे विद्यार्थियों को बहुत सी अच्छी चिजे सीखने के लिए मिल जाती है। इसके अंदर बहुत से इनपुट और आउटपुट चीजों को जोड़ सकते हैं। जिससे व्यक्ति को आउटपुट मिल सकता है जैसा कि प्रिंटर कीबोर्ड माउस आदि।

कम उम्र के बच्चों के लिए कंप्यूटर एक अच्छा साधन है। इसकी मदद से बच्चा बचपन में बहुत सी चीजों को घर बैठे ही सीख सकता है। कंप्यूटर के अंदर बहुत सी चीजें सीखने के लिए व्यक्ति को मिल सकती है। विद्यार्थी अपने दिलचस्प की चीजों को इस पर पड़ सकता है, सीख सकता है। इंटरनेट के माध्यम से स्टूडेंट बहुत सी किताबों को ढूंढ सकते हैं और पढ़ सकते हैं।

बहुत से पुराना डाटा इसके अंदर आ सकता है। जिसकी मदद से जरूरत पड़ने पर बाद में इस डाटा को निकाल सकते हैं और पढ़ सकते हैं। यह समय को बचाता है और कार्य को जल्द से जल्द करने में मदद करता है। किसी प्रकार की समस्या या किसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए विद्यार्थी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की जरूरत नहीं होती। इस पर एक ही स्थान पर बैठकर विद्यार्थी अपने सवालों का जवाब ढूंढ सकता है।

आज बहुत से लोग कंप्यूटर में इंटरनेट का इस्तेमाल भी करने लग गया है। इसकी क्षमता बहुत अधिक होती है यह भी किसी भी कार्य को बहुत ही आसानी से कर सकता है और यह आज लोगों के बीच में बहुत लोकप्रिय भी बन चुका है।

कंप्यूटर की जरूरत

आज लगभग सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर काम मे लिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ एक टीचर की जगह भी कंप्यूटर लेता जा रहा है। आज कंप्यूटर हर विद्यार्थी के लिए बहुत ही उपयोगी बन चुका है। किसी विद्यार्थी को किसी भी प्रकार के सवाल के जवाब के लिए कंप्यूटर मददगार साबित हुआ है। एक विद्यार्थी के जीवन में कंप्यूटर में बहुत ही बड़ा महत्व दिया है।

आज विद्यार्थी घर बैठे बैठे अपने सभी कार्य को जल्दी से कंप्यूटर के माध्यम से कर सकता है और साथ ही साथ किसी भी बड़े सवाल को करने के लिए कंप्यूटर की मदद से चुटकियों में कर सकता। गणित, सामाजिक, विज्ञान, राजनीतिक आदि क्षेत्रों में सभी जानकारियां कंप्यूटर में मिल जाती है। अंतरिक्ष में भेजे जाने वाली सभी रॉकेट यंत्र सभी कंप्यूटर के माध्यम से चलाए जाते हैं।

आज कंप्यूटर में विज्ञान और विद्यार्थी के जीवन पर छाप छोड़ती है। कंप्यूटर इतना उपयोगी बन चुका है कि वह धीरे-धीरे एक शिक्षक की जगह भी लेता जा रहा है। कंप्यूटर के माध्यम से विद्यार्थी हर विषय में जानकारी ले सकता है और लाखों करोड़ों पुस्तकें एक साथ पड़ सकता है।

शिक्षक का योगदान

बच्चों का पहला शिक्षक उसकी मां होती है परंतु जब बच्चा विद्यालय में जाना शुरू कर देता है तो उसे अलग-अलग शिक्षकों का सामना करना पड़ता है। शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना शिक्षक के विद्यार्थी का कोई महत्व नहीं है और बिना शिक्षक के शिक्षा का कोई महत्व नहीं होता।

एक शिक्षक किसी एक विषय के बारे में संपूर्ण ज्ञान रखता है। आज विज्ञान, गणित, सामाजिक, अंग्रेजी आदि क्षेत्रों में पढ़ाई करने के लिए एक शिक्षक की आवश्यकता होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को एक विषय के बारे में पढ़ाता है और उसे महत्वपूर्ण जानकारियां देता है। शिक्षक विद्यार्थियों को आने वाली परेशानियों का सामना करने और किसी सवाल में होने वाले उलझन से निपटने में सहायता करता है।

शिक्षक विद्यार्थियों की भावनाओं को समझता है और उनकी समस्याओं का निवारण करने के लिए तैयार रहता है। परंतु एक शिक्षक विद्यालय तक है सीमित रहता है। शिक्षक के घर चले जाने के बाद और विद्यार्थियों के अपने घर चले जाने के बाद आने वाली समस्या का निवारण दूसरे दिन ही हो पाता है।

एक शिक्षक विद्यार्थियों को नैतिकता, भावना, आदर्श, जिम्मेदारियों आदि सभी का ज्ञान देता है। विद्यालय में बिना शिक्षक के विद्यार्थियों का कोई महत्व नहीं है। एक विद्यार्थी को ज्ञान, धैर्य, प्यार और देखभाल आदि की पूर्ति शिक्षक द्वारा ही की जा सकती है।

शिक्षक की आवश्यकता

स्कूली जीवन में सबसे बड़ा रिश्ता एक विद्यार्थी शिक्षक का होता है। एक विद्यार्थी की भावना को एक शिक्षक ही समझ सकता हैं। एक टीचर ही विद्यार्थी को प्यार से, डांट से, नफरत से और मार से समझाता है। विद्यार्थी को जीवन जीने के ढंग और तौर-तरीकों के बारे में बताता है। देश, समाज आदि सभी के बारे में एक शिक्षक ही विद्यार्थी को बताता है।

समाज में कैसे चलना है, देश में किस तरह से रहना ,है लोगों से कैसे बात करनी है, लोगों के प्रति भावनाएं क्या रखनी है, लोगों से किस तरह से व्यवहार करना है, सभी चीजों के बारे में एक टीचर सिखाता है। किसी भी विषय के बारे में अच्छे से जानकारी विद्यार्थी अच्छे से भी दे सकता है। किसी विषय पर समझने के लिए टीचर सबसे उपयोगी होते हैं।

शिक्षक और कंप्यूटर में अंतर

आज शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत बड़ा योगदान है। एक शिक्षक जा बच्चों को शिक्षा देता है उसी प्रकार कंप्यूटर भी बच्चों को बहुत से शिक्षा देने में शिक्षा में कंप्यूटर के पास बहुत सा ज्ञान होता है जो कि इंटरनेट के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया। इसलिए शिक्षक और कंप्यूटर में बहुत से अंतर भी है।

  • स्कूलों कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यदि किसी प्रकार की स्टूडेंट को समस्या आती है तो उसे विद्यार्थी या अन्य शिक्षक से बात करके समस्या का समाधान निकालना होता है परंतु कई बार विद्यार्थी को टीचर से अगले दिन बात करनी होती परंतु कंप्यूटर के आने से विद्यार्थी को उसी दिन सवालों के जवाब मिल जाते हैं।
  • आज एक अध्यापक सिर्फ एक ही भाषा का ज्ञान दे सकता है परंतु कंप्यूटर के माध्यम से व्यक्ति और विद्यार्थी अलग-अलग भाषाएं सीख सकते हैं।
  • एक कंप्यूटर के अंदर बहुत से शिक्षक का समावेश हो सकता है परंतु एक शिक्षा के अंदर सिर्फ एक ही विषय के शिक्षक का समावेश हो सकता है।
  • टीचर एक विषय में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक जानकारी दे सकता है परंतु एक कंप्यूटर विद्यार्थियों को हर विषय के बारे में बहुत सी जानकारियां प्रदान कर सकता हैं।
  • विद्यार्थी को किसी भी विषय पर संदेह होने पर उसे टीचर के पास जाना पड़ेगा परंतु विद्यार्थी के पास यदि कंप्यूटर है तो वह एक ही स्थान पर बैठकर ही किसी भी विषय के संदेह का निवारण कर सकता है।
  • एक विद्यालय के अंदर लाखों पुस्तकें हो सकती है परंतु एक इंटरनेट पर पुस्तकों के बहुत से भंडार भरे हुए हैं।
  • एक कंप्यूटर विद्यार्थी को नैतिकता जीवन जीने के तरीकों के बारे में नहीं सिखा सकती परंतु बहुत सीनियर शिक्षाओं के बारे में जानकारियां दे सकती।
  • एक गणित के शिक्षक के मुकाबले कंप्यूटर कई गुना आंकड़ों को एक साथ हल कर सकता है और बहुत से पेचीदा सवालों को चुटकियों में सॉल्व कर सकता है।
  • एक शिक्षक स्टूडेंट की भावनाओं को समझ सकता है और उनके दिलचस्प विषय के बारे में बता सकता है परंतु कंप्यूटर विद्यार्थियों की मन की बात नहीं बता सकता।
  • एक विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पीस नहीं दे सकता परंतु कंप्यूटर के माध्यम से व्यक्ति शिक्षा अर्जित कर सकता है।

वर्तमान की इस समय में जहां एक तरफ शिक्षक है तो दूसरी तरफ कंप्यूटर है। जहां शिक्षक बहुत से विद्यार्थी को एक साथ बैठकर अच्छे से समझा सकता है वहीं कंप्यूटर एक स्थान पर रहकर विद्यार्थी को बहुत सी जानकारियां दे सकता है। विद्यार्थी को अपने जीवन में समझने के लिए टीचर की आवश्यकता होती है परंतु अधिक से अधिक विषयों के बारे में ज्ञान अर्जित करने के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता भी होती है। आज के समय में कंप्यूटर और शिक्षक दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं।