Essay on benefits of digital india in covid-19 | डिजिटल इंडिया का कोविड 19 में लाभ

benefits of digital india in covid

डिजिटल इंडिया का कोविड 19 में लाभ (Essay on benefits of digital India in covid-19)

प्रस्तावना (Introduction)

जहाँ आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है, जिससे पूरे समाज में भयंकर भयावह की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसा लगता है मानो कि इंसानों का जीवन किसी खतरे में आ पड़ा हो लेकिन मनुष्य का स्वभाव बचपन से जिद्दी और जुझारू किस्म का होता है। वह अपनी जिंदगी की हर समस्या का हल निकालना जानता है। कहते हैं कोई नया अवसर किसी बड़ी संकट या आपदा से ही शुरू होती है। वहीं डिजिटल इंडिया का covid-19  में लाभ (benefits of digital India in covid-19) एक नए अवसर को प्रदान करता है। 

कोरोना वायरस के कारण  लोगों के काम करने के हर तरीकों में एक नया बदलाव देखने को मिला है, चाहे वह शिक्षा से संबंधित हो या व्यापार से संबंधित। अब देश की अर्थव्यवस्था का विकास  डिजिटलीकरण कर के किया जा रहा है। जिसके कारण सबसे अधिक लाभ उसी क्षेत्र को हो रहा है जो प्रत्यक्ष रूप से डिजिटलीकरण से जुड़े हुए हैं। 

डिजिटल इंडिया क्या है? (What is Digital India?)

एक ऐसा कार्यक्रम जिसमें भारत को आधुनिक क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए हर कार्य इंटरनेट के माध्यम से किया जाता हो, डिजिटल इंडिया की नींव रखता है। देश के हर व्यक्ति की जरूरत को नजर रखते हुए डिजिटल इंडिया बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र की ओर ध्यान दिया जा रहा है। जहाँ भारत का आधुनिकता में एक नया मुकाम हासिल हो सके। 

 इस अभियान का उद्देश्य भारत के सभी सरकारी दफ्तरों, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, अस्पताल, व्यापार समेत अन्य सभी चीजों को डिजिटल तौर से आगे बढ़ाना है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत पूरे देश भर में वाई-फाई की सुविधा और कस्बों व गांवों तक ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध कराना है। इससे वातावरण की रक्षा होती है, जिससे कागजों की खपत कम हो जाती है।

 डिजिटल इंडिया बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है क्योंकि भारत में आज भी कई लोगों के पास ऐसी सेवा मौजूद नहीं है जिससे वह इलेक्ट्रॉनिक रूप में जानकारी हासिल कर सकें। अतः इसके माध्यम से ई क्रांति के तहत विभिन्न सेवाओं को आधुनिक रूप से परिचय करवाया जा सकता है। इस कार्यक्रम के उद्देश्य के तहत सभी को इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराना, सभी को जानकारी उपलब्ध कराना, भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के आयात को बिल्कुल बंद करना तथा सूचना प्रौद्योगिकी में नौकरियां पैदा करना आदि शामिल हैं। 

 डिजिटल इंडिया का कोविड-19 में लाभ (Benefits of digital India in covid-19)

 इस वैश्विक महामारी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बिल्कुल बदल कर रख दिया है। इस महामारी ने मनुष्य के  सोचने और करने की तरीकों को परिवर्तित कर दिया है।आज मनुष्य की परिस्तिथि ऐसी है जहाँ छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब, जात-पात, रंग, भेद-भाव की भावना का पतन हो रहा है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कॉमन सर्विस सेंटर में, डिजीलॉकर में, मोबाइल आधारित सेवाएँ, MyGov के माध्यम से शासन में भागीदारी, आयुष्मान भारत, ई-अस्पताल, पीएम-किसान, ई-नाम, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, स्वयं प्रभा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, ई-पाठशाला आदि के माध्यम से भारतीय नागरिकों के जीवन के सभी दिशाओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।        

कोरोना महामारी इंसान के लिए अभिशाप बन कर आयी है। इसी महामारी के दौरान और उसके बाद के समय में  कहीं ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें यह एक वरदान की तरह साबित हो रहा है। 

कोरोना काल के समय और बाद में लोग अब घर बैठे ही अपनी ऑनलाइन की जरूरतों को पूरा कर रहे है। लोग घर में बैठे ही अपनी जरूरत की शॉपिंग कर लेते हैं। 

एक बड़ी संख्या में अचानक से डिजिटलीकरण होने के कारण कुछ विशेष प्रकार के क्षेत्र हैं जो काफी अधिक लाभान्वित हुए है। डिजिटल इंडिया का कोविड 19 में लाभ (Benefits of digital india in covid)कई तरह के क्षेत्र और पर निर्भर करता है जो की निम्नलिखित हैं:-

1. शिक्षा का क्षेत्र (In Education)

  कोरोना वायरस की महामारी में सभी स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। जिसके परिणामस्वरूप  छात्रों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होने लगी। अतः छात्रों की पढ़ाई में कोई व्यथा न हो इसलिए शिक्षा को भी ऑनलाइन जोड़ दिया गया। जिसके कारण शिक्षा के तौर-तरीकों में काफी बदलाव देखने को मिला है। इसका सीधा फायदा कॉलेज स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को मिला। अब बिना किसी समस्या के घर में बैठे ही छात्र अपने कंप्यूटर और मोबाइल से पढ़ाई कर लेते हैं। ऑनलाइन क्लास का एक और फायदा यह भी है कि यदि छात्र को कोई विषय समझ में नहीं आया हो तो  वीडियो के माध्यम से उस विषय को पढ़कर आसानी से समझा जा सकता है।

   कई ऑनलाइन कोचिंग संस्थान ऐसे हैं  जिससे छात्रों को पढ़ाई करने में काफी अधिक आसानी हुई है। अब ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से ही छात्र अपनी परीक्षा देते हैं। महामारी के दौरान लोगों ने ऑनलाइन शिक्षा की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता को काफी अधिक सराहनीय किया है। कोरोना वायरस के कारण लोकडाउन में ऑनलाइन शिक्षा से शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

   डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देते हुए सरकार ने भी कुछ कदम उठाए हैं। ताकि शिक्षा आगे बढ़े तथा रोजगार की संभावना खुल सके। केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए डिजिविद्यापीठ के माध्यम से देश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की नई मुहिम जारी की हैडिजिविद्यापीठ उपक्रम के कारण है युवाओं में अपनी क्षमता को पहचानने के लिए उसे तीन तरह के पाठ्यक्रम पाए जाते हैं। जिसमें पहला डिजिटल मार्केटिंग, दूसरा पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट, तीसरा सॉफ्ट स्किल पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल हैं।

2. भुगतान करने का क्षेत्र (Easy Payment)

डिजिटल उद्योग में डिजिटल भुगतान उद्योग में भी काफी अधिक लाभ हुआ है। शुरुआती समझ के लिए कुछ चुनौतियों के बाद इसमें लोगों को काफी अधिक  नए नए मौके खड़े हुए हैं। पिछले 6 महीनों में इस उद्योग ने काफी अच्छी रफ्तार पकड़ी है। आज छोटे बड़े सभी व्यापारी डिजिटल भुगतान  को प्राथमिकता देने लगे हैं। डिजिटल भुगतान लोगों के आदत में आ जाने के बाद  इसे काफी अधिक पसंद किया जा रहा है।

 कुछ एप्लीकेशन है जिसे बैंक से जोड़ कर के लोग आसानी से अपने भुगतान को पूर्ण करते हैं। फोन पे, गूगल पे, पेटीएम पे आदि ऐसे ऐप है जिससे लोगों के भुगतान करने की समस्या से छुटकारा दिया है।

  डिजिटल भुगतान पर ग्राहक को थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है क्योंकि डेबिट कार्ड पर एमटीआर बहुत कम होता है लेकिन क्रेडिट कार्ड पर यह अधिक चार्ज लेता है। यही कारण है कि कई लोग क्रेडिट  का उपयोग पसंद नहीं करते हैं। लेकिन यदि आपका बिजनेस अकाउंट है तो भुगतान नहीं लगता है।

3. ऑनलाइन बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग का क्षेत्र (In Online Banking or Online Shopping)

बीते कुछ महीनों में लोग ऑनलाइन शॉपिंग काफी अधिक पसंद  करने लगे हैं। पूरे देश में लोक डाउन के पश्चात  लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी काफी जोरों से की जिससे कुछ ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के निर्माताओं को काफी अधिक लाभ मिला। ऑनलाइन शॉपिंग से इंसान की जरूरत की हर चीज अब घर में बैठे ही मिल जाती है जैसे किराने का सामान, दवाइयां, कपड़े, जूते आदि और बहुत कुछ।

           कोरोनाकाल काल में लॉकडाउन होने के बाद अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, शॉपक्लूज और पेटीएम जैसी कंपनियों की रकम ऊंची हो गई। इसी तरह सबसे बड़े फूड उद्योग जैसे जोमैटो, स्विग्गी जैसे ऐप का सहारा लेते हुए लोग रेडीमेड खाना माँगवाने लगें। इस प्रकार  लॉकडाउन में जिस उधोग ने ऑनलाइन काम किया, उसे काफी अधिक लाभ पहुंचा है।

4. कृषि का क्षेत्र (In Agriculture)

अगर डिजिटल इंडिया का सबसे अधिक लाभ का प्रावधान किसानों के लिए किया गया है। लॉकडाउन के दौरान बैंक बंद होने पर सरकार द्वारा किसानों के खाते में सीधा पैसे जमा करा दिए गए। ताकि किसानों की खेती बारी में कोई समस्या उत्पन्न ना हो सके। इस प्रकार कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल इंडिया का काफी गहरा प्रभाव पड़ा है।

भारत में एक नई योजना डिजिटल कृषि की शुरुआत की गई है जिसके माध्यम से किसान घर बैठे ही अपनी फसल, मिट्टी, बीज आदि के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकता है। कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसान घर में बैठकर के ही फसल की बृद्धि की पूरी जानकारी प्राप्त करता है।

5.डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र (In Digital Marketing)

 डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसके कारण लोग अपनी मेहनत के बदौलत काफी आगे तक बढ़ रहे हैं। यहाँ किसी डिग्री की जरूरत नहीं पड़ती है। लॉकडाउन के दौरान यहां पर काफी ज्यादा लोगों ने अपने भविष्य को संवारने के लिए एक डिजिटल कार्य के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। आने वाले समय में लोग और भी अधिक इसकी और आकर्षित होंगे।

 जो जितना मेहनत कर पाता है इस क्षेत्र में होता ही पैसा कमाता है इसलिए आजकल अधिकतर युवा डिजिटल मार्केटिंग की क्षेत्र से जुड़ना चाहता है। डिजिटल मार्केटिंग कर के लोग ना केवल पैसे कमा रहे हैं बल्कि इसके साथ-साथ लोगों को प्रेरित भी करते हैं। डिजिटल मार्केटिंग करके जो सबसे अधिक पैसे कमाते हैं उनका काफी सम्मान भी किया जाता है।

 इसी के साथ-साथ अनेक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर भी लोगों को उत्पादों की मार्केटिंग के लिए अच्छा खासा पैसा मिलता है। लोग अपना उत्पाद अमेज़न,फ्लिपकार्ट जैसे ई कॉमर्स वेबसाइट पर बेच सकतें हैं।

 कोविड 19 में लोगों की हर समस्या के निवारण के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम काफी अधिक सहायक है।

निष्कर्ष (Conclusion)

 भारत सॉफ्टवेयर में नायक के रूप में जाना जाता है लेकिन यहां की आम जनता आज भी डिजिटल भारत से अपरिचित है। डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को देखते हुए हम सबक यह जिम्मेदारी है कि हम सरकार की सहायता करें और देश के हर कोने में डिजिटल भारत का अभियान सफल बनायें। यही सही समय है जब भारत को हम आधुनिकरण में आगे बढ़ा सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से हम अपने कार्य को करके देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग कर सकते हैं।