Benefits, Advantages, Disadvantages and some of key nutrients of flavoring cinnamon in vegetables

benefits of cinnamon

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सब्जियों में स्वाद का जायका लगाने वाले दालचीनी के फायदे, नुकसान एवं इसके कुछ प्रमुख पोषक तत्व क्या है (Benefits, Advantages, Disadvantages and some of key nutrients of flavoring cinnamon in vegetables)।

Benefits of Cinnamon & advantages, disadvantages and history in Hindi: हमारे भारतीय इतिहास में लगभग चिकित्सा प्रणाली की शुरुआत आयुर्वेद से हुई थी और आयुर्वेद में ऐसे बहुत से जड़ी बूटियां पाई जाती हैं, जिनसे हमारा स्वास्थ्य सही रहता है और अनेकों प्रकार की बीमारियां भी जड़ी बूटियों के सेवन सही हो जाती है। आप लोगों ने तो दालचीनी का नाम सुना ही होगा, क्योंकि यह मसालों के सभी चीजों में अपनी विशेषता में अपना विशेष स्थान बनाया हुआ है। कोई भी मसाला बिना दालचीनी के पूरा नहीं हो पाता है। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से आप सभी लोगों को दालचीनी के फायदे, नुकसान और दालचीनी से जुड़े हुए कुछ प्रमुख तथ्यों के बारे में बात करेंगे। दालचीनी के फायदे नुकसान एवं इसके इतिहास के बारे में जानने के लिए जिज्ञासु आज के हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को कृपया आप सभी लोग अंत तक अवश्य पढ़ें। हमें उम्मीद है, कि आपको हमारे इस महत्वपूर्ण लेख के माध्यम से कुछ न कुछ जरूर आवश्यक जानकारी प्राप्त होगी।

दालचीनी क्या होती है? ( Full Information about cinnamon in Hindi )

Information about cinnamon spices in Hindi: सिनेमन यानी कि दालचीनी का कोई भी फल नहीं लगता है। बल्कि दालचीनी का पेड़ होता है, जिसे हम ट्रू सिनेमन ट्री (true cinnamon tree) कहते हैं। दालचीनी को सिन्नामोमुम वेरुम (Cinnamomum Verum) के वैज्ञानिक नाम से हम जानते हैं। दालचीनी के पेड़ की छाल को सिखाया जाता है और और फिर यह अपने आप ही सूखने के बाद गोला आकार में आ जाता है और फिर हम इसी को दालचीनी के नाम से जानते हैं। दालचीनी को हम भारतीय प्रत्येक स्वादिष्ट भोजन में मसाले के रूप में इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, क्योंकि यह किसी भी भोजन के स्वाद को और भी अच्छा एवं लजीज बना देता है। इसकी भीनी भीनी सुगंध भी काफी अच्छी होती है और भोजन में डालने के बाद भी इसकी सुगंध बरकरार रहती है। दालचीनी खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ अनेकों स्वास्थ्य लाभ भी हमको प्रदान करता है।

दालचीनी के पौधे की पहचान किस प्रकार से की जाती है ? (How to identify cinnamon tree in Hindi)

दालचीनी का पौधा किसी भी मौसम में लगाया जा सकता है, परंतु यह अधिकतर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अच्छे तरीके से उगाया जाता है। उष्णकटिबंधीय ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर इसके अनुकूल वातावरण होता है। मसाले के इस पौधे का पेड़ लगभग 10 फीट से लेकर 15 फीट तक लंबा हो सकता है। दालचीनी के पौधे की छाल बहुत ही पतली होती है। दालचीनी के पौधे की छाल का रंग लगभग भूरा, लाल में होता है और इसका आकार गोलाकार होता है। दालचीनी के पौधे की सुगंध भीनी भीनी एवं तारपीन के सामान्य लगती है। दालचीनी के पत्तियों की विशेषता यह है, कि इसके पत्तियों की सहायता से मच्छरों को भगाने वाले उत्पादन ओं का निर्माण किया जाता है।

दालचीनी कितने प्रकार की होती है ? ( How many types of cinnamon in Hindi)

Information about cinnamon types in Hindi: मुक्ता दालचीनी की उपयोगिता एवं इसकी लोकप्रियता के अनुसार इसे चार भागों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार से निम्नलिखित रूप में वर्णित किया गया है।

  • सीलोन दालचीनी ( Ceylolialn cinnamon in Hindi) :-

    सीलोन दालचीनी की छाल बहुत ही पतली एवं इस प्रकार के दालचीनी में कुमेरिन की मात्र का सबसे कम पाई जाती है, जिसके कारण इसकी उपयोगिता और मांग अधिक है और इसी वजह से यह बाजार में बहुत ही महंगे दामों पर बिकता है।

  • साइगॉन दालचीनी ( information about Saigon cinnamon in Hindi ) :-

    इस प्रकार के दालचीनी की सुगंध अन्य प्रकार के दालचीनी की सुगंध से काफी ज्यादा होती है। सावधान दालचीनी में कुमेरिन की मात्रा अत्यधिक रूप में होती है, जिससे अधिक सेवन की वजह से आपका लीवर खराब होने का खतरा हो जाता है। इसीलिए इस प्रकार के दालचीनी का इस्तेमाल बहुत ही सीमित मात्रा में करना ही लाभदायक है। फिर भी आज के समय में इस दालचीनी की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और बाजार में भी इसकी कीमत बहुत है।

  • कैसिया दालचीनी (information about cassia cinnamon in Hindi) :-

    इस प्रकार के दालचीनी को हम चाइनीस दालचीनी भी कहते हैं। दालचीनी का स्वाद तीखा और हल्का कड़वा भी रहता है, जिसकी वजह से इसका अत्यधिक इस्तेमाल औषधि एवं दवाइयों के निर्माण में किया जाता है। इस प्रकार के दालचीनी का इस्तेमाल मसालों के रूप में बिल्कुल नहीं किया जाता है।

  • इंडोनेशियन दालचीनी ( information about Indonesian cinnamons in Hindi) :-

    इस प्रकार के दालचीनी को लगभग 70% रूप में विश्व भर में निर्यात किया जाता है और यह इंडोनेशियन दालचीनी के नाम से जाना जाता है। विशेष रुप से इंडोनेशिया इस प्रकार के दाल चीनी का निर्यात अत्यधिक मात्रा में संपूर्ण विश्व भर में करता है। हमारे देश में इस प्रकार के दालचीनी का इस्तेमाल अन्य प्रकार के दालचीनी के मुकाबले बहुत ही कम मात्रा में किया जाता है। इंडोनेशिया दालचीनी की छाल लगभग बहुत मोटी और बहुत ही सुगंधित होती है। इस प्रकार की दाल चीनी की कीमत बाजार में बहुत ही कम होती है।

     

दालचीनी में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद होते हैं ? (How many nutritions in cinnamon in Hindi)


Nutrition in cinnamon information in Hindi:- दालचीनी में बहुत प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इस प्रकार से निम्नलिखित रुप में बताए गए हैं।

क्रम संख्या पाए जाने वाले पोषक तत्व का नाम
प्रोटीन
कार्बोहाइड्रेट
कैल्शियम
आयरन
मैग्नीशियम
फास्फोरस
पोटेशियम
सोडियम
जिंक
विटामिन सी
थियामिन
नियासिन
विटामिन बी 6
विटामिन ए
विटामिन ई
कैल्शियम
एंटीऑक्सीडेंट
मैग्नीज
फाइबर
इन्फ्लेमेटरी तत्व

दालचीनी के विभिन्न नाम कौन-कौन से हैं? ( How many different names of cinnamon in all languages Hindi )

Cinnamons name information in Hindi: दालचीनी को अलग-अलग भाषाओं में अलग-अलग नामों के नाम से जाना जाता है। आइए अब आगे जानते हैं, कि अलग-अलग भाषाओं में दालचीनी का क्या-क्या नाम है।

क्रम संख्या विभिन्न भाषाएं विभिन्न भाषाओं में दालचीनी के नाम
हिंदी दालचीनी, दारुचीनी, दारचीनी
इंग्लिश ट्रु सिनैमोन (True Cinnamon), सीलोन सिनामोन (Ceylon Cinnamon)
संस्कृत त्वक्, स्वाद्वी, तनुत्वक्, दारुसिता, चोचम, वराङ्ग, भृङ्ग, उत्कट
उर्दू दारचीनी (Darchini)
ओरिया दालोचीनी (Dalochini), दारूचीनी (Daruchini)
कन्नड़ लवङ्ग चक्के (Lavanga chakke), तेजदालचीनी (TejaDalchini)
गुजराती दालचीनी (Dalchini), तज (Taj)
तमिल लवंग पत्तै (Lavang pattai)
तेलगु लवंगमु (Lavangamu)
बंगाली दारुचीनी (Daruchini)
पंजाबी दाचीनी (Dachini), किरफा (Kirfa)
मलयालम एरिकोलम (Erikkolam), वरनम (Varanam)
मराठी दालचीनी (Dalchini)
नेपाली दालचीनी (Daalchiinii), कुखीतगी (Kukhiitagi)
अरेबिक दारसीनी (Darsini), किर्फा (Qirfah), र्क्फाहेसेलेनीयाह (Qirfahesailaniyah)
पर्शियन दारचीनी (Darchini), दारचीनीसेइलनीयाह (Darchinisailaniyah), तालीखाहे (Talikhahe)।

दालचीनी के कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं?(cinnamon benefits in Hindi)

Lot of benefit information about cinnamon in Hindi : दालचीनी के पैसे तो अनेकों फायदे हैं उनके बारे में वर्णन करना लगभग असंभव परंतु फिर भी हम अपने इस लेख के माध्यम से आप सभी लोगों को दालचीनी के कुछ प्रमुख लाभ के बारे में बताने वाले हैं, जो इस प्रकार से निम्नलिखित रूप में वर्णित किए गए हैं।

  • हिचकी की समस्या को दूर करें दालचीनी का सेवन :-

    वैसे तो हिचकी आना एक सामान्य बात होती है, परंतु ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें बार बार हिचकी आने की समस्या होने लगती है। यदि आप भी हिचकी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप 10 से 20 एमएम तक दालचीनी के काढ़े का सेवन कर सकते हैं। दालचीनी के काढ़े का सेवन करने से आपको हिचकी की समस्या का निवारण हो सकता है।
  • उल्टी की समस्या होने पर करें दालचीनी का सेवन :-

    यदि किसी को बार-बार उल्टियां हो रही है, तो ऐसी परिस्थिति में आप उस व्यक्ति को दालचीनी और लौंग का काढ़ा बना लेना है। इस कार्य को आप को कम से कम 15 से लेकर 20 एमएम तक ही पिलाना चाहिए।
  • इंफेक्शन आदि की समस्याओं को दूर करने में दालचीनी का करें सेवन :-

    दालचीनी के अंदर लगभग सभी प्रकार के इंफेक्शन से लड़ने के कुछ प्रमुख योगिक पाए जाते हैं। आपके शरीर में किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया बन रहे हैं, तो ऐसे में आप दालचीनी का सेवन कर सकते हैं और यह आपके अंदर बैक्टीरिया को खत्म करने में आपकी सहायता करता है। फंगस आदि के इंफेक्शन से भी आपको यह सुरक्षित रखने में सहायक है। यदि आपके दातों में इंफेक्शन, बदबू, सडन आदि जैसी समस्याएं हैं, तो ऐसे में आप को दालचीनी के तेल से आप अपने दांतों की मालिश कर सकते हैं और ऐसी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
  • मधुमेह के रोग में करें दालचीनी का सेवन :-

    एक शोध के अनुसार पता चला है, कि कैसिया दालचीनी के सेवन से मधुमेह के रोगियों का कोलेस्ट्रॉल स्तर काफी हद तक नियंत्रण में पाया जाता है। यदि आप भी मधुमेह जैसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो ऐसे में आप कैसिया दालचीनी का सेवन अपने बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में कर सकते हैं।
  • पाचन शक्ति को मजबूत करने के लिए करें दालचीनी का सेवन :-

    आपकी पाचन शक्ति खराब है, तो ऐसे में आप दालचीनी के इस्तेमाल से अपनी पाचन शक्ति को मजबूत कर सकते हैं। दालचीनी के अंदर पाचन शक्ति को मजबूत करने से अनेकों गुण पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह पाचन संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में काफी सहायक है।
  • त्वचा से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए करें दालचीनी का सेवन :-

    यदि आपकी त्वचा में किसी भी प्रकार की एलर्जी है तो दालचीनी में एंटीमाइक्रोबॉयल जैसे प्रमुख गुण भी मौजूद है, जो त्वचा से संबंधित संक्रमण एवं एलर्जी को सही करने में काफी सहायक होता है।

दालचीनी के कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं ? (Disadvantage of cinnamon in Hindi)

जिस प्रकार से दालचीनी के अनेकों फायदे हैं उसी प्रकार से इसका यदि अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार से निम्नलिखित वर्णित किए गए हैं।

 

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कभी भी दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
  • यदि हम दालचीनी का सेवन अत्यधिक मात्रा में करते हैं, तो ऐसे में हमारे मुंह एवं होठों में घाव आदि बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए कभी भी इसका अत्यधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अत्यधिक मात्रा में दालचीनी के सेवन से सिर दर्द से संबंधित समस्याएं भी आपको हो सकती हैं। इसीलिए आपको इसका सेवन बहुत ही न्यूनतम मात्रा में करना चाहिए।

निष्कर्ष:-

यदि आप दालचीनी के फायदे ढूंढ रहे थे और उससे जुड़े हुए कुछ प्रमुख करते हो के बारे में जानकारी हासिल करना चाह रहे थे, तो आज का हमारा देश के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ होगा। आज काफी ज्यादा पसंद आया है तो इसे आप अपने मित्र एवं परिजन के साथ अवश्य करें हो सकता है, कि उन्हें इस लेख को पढ़ने से कुछ लाभ प्राप्त हो जाए।

FAQs :

  • प्रश्न: भारत में सबसे ज्यादा दालचीनी का उत्पादन कहां पर किया जाता है ?

    उत्तर :- हमारे देश में दालचीनी का सबसे दादा उत्पादन केरल एवं तमिलनाडु राज्य में किया जाता है।

  • प्रश्न: क्या दालचीनी के सेवन से वजन को कम किया जा सकता है ?

    उत्तर :- सीमित मात्रा में डाइट के रूप में यदि हम दालचीनी का सेवन करें, तो हम अपने बढ़ते हुए वजन को कम कर सकते हैं।

  • प्रश्न: 1 दिन में हम कितनी मात्रा में दालचीनी का सेवन कर सकते हैं ?

    उत्तर :- हमें कम से कम 1 दिन में एक चम्मच या आधे चम्मच के मात्रा में दालचीनी का सेवन करना चाहिए। इस मात्रा में दालचीनी का सेवन करने से हमें उसका नुकसान नहीं हो सकता है।