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Benefits and disadvantages of camphor | कपूर के फायदे एंव नुकसान

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Benefits and disadvantages of camphor: कपूर का उपयोग अक्सर भगवान की पूजा, आरती और हवन में होता है। यह बहुत अधिक खुशबूदार होता है और तेजी से जलने वाला होता है। कपूर का उपयोग आज के समय में अनेक अयुर्वैद्क एंव अंग्रेजी दवाइयों में होता है। आज के समय में दो प्रकार के कपूर हमें मार्किट में मिलते है एक जो कपूर के पेड़ों से प्राप्त किया जाता है और दूसरा रासायनिक विधि से बनाया होता है। कपूर के अनेक स्वास्थ्य लाभ है, यही वजह है की कपूर को हमारे आयर्वेद में एक प्राकृतिक औषधि माना गया है। आज हम इस आर्टिकल में कपूर से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी पढ़ेंगे और जानेगे की देशी कपूर क्या है ? कपूर के फायदे क्या है ? और कपूर के नुकसान क्या है।

Table of Contents

कपूर क्या है (What is Camphor)? 

कपूर एक जमा हुआ ज्वलनशील तैलीय पदार्थ है। आयुर्वेद में तीन तरह के कपूर का जिक्र किया गया है पहला पक्व, दूसरा अपक्व और तीसरा भीमसेनी कपूर। आज के समय में दो तरह के कपूर का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है पहला भीमसेनी कपूर (देशी कपूर, जापानी कपूर ) और दूसरा कृत्रिम कपूर जिसे रसायनिक क्रियाओं से बनाया गया होता है। भीमसेनी कपूर को शुद्ध और अच्छा कपूर माना जाता है। 

कपूर के अलग-अलग भाषाओं में नाम 

कपूर को अलग-अलग भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यहाँ हम देशी कपूर यानि भीमसेनी कपूर के नाम बता रहे हैं।

  • Hindi – कपूर 
  • English – Camphor 
  • Sanskrit – कर्पुर ,घनसार, चन्द्र और हिमा।
  • Urdu – काफूर।
  • Odia – घोनोसारो, कोपुरो।
  • Kannad:  कर्पूर, चन्द्रधवल और  कामडा। 
  • Gujrati: कपूर 
  • Telugu : कर्पूरम्, हिमवालुका और चंद्रुमु।
  • Tamil : कर्पूरम् , कणसारम और सिद्लम।
  • Bengali: कर्पूर 
  • Nepali: कपूर 
  • Marathi: कापूरा 
  • Malyalam : कर्पूरम, हिमांशु और  शुभमसु। 
  • English : कैम्पैंर लॉरेल , कैम्पैंर ट्री।
  • Arabi: काफूर 

कपूर कैसे प्राप्त होता है और किन देशों में पाया जाता है (Benefits and disadvantages of camphor)? 

भारत और चीन में कपूर के पेड़ बहुतायत पाए जाते हैं, कपूर के वृक्ष का वानस्पतिक नाम Cinnamomum camphora  (सिनामोमम कैम्फोरा) है। यह पेड़ पहले सिर्फ चीन में पाया जाता था बाद में यह भारत, वियतनाम, कोरिया, जापान और अमेरिका जैसे देशों में पहुंचा। कपूर के पेड़ के पत्ते चिकने और चमकदार होते है, इन्हें मसलने पर कपूर की सुंगंध आती है। भारत में कपूर को कपूर के पेड़ की पत्तियों से प्राप्त किया जाता है जबकि अन्य देशों में पत्तियों,छाल एंव फूलों से भी कपूर प्राप्त किया जाता है। 

वहीं कृत्रिम कपूर की बात की जाए तो यह तारपीन के तेल में अनेक तरह के केमिकल मिलकर कृत्रिम कपूर बनाया जाता है। इसका रसायनिक फार्मूला C10H16O है। कृत्रिम कपूर को आमतौर पर नकली कपूर कहा जाता है। 

भारत में कपूर कहां पाया जाता है ?

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की भारत में देहरादून, मैसूर, सहारनपुर और नीलगिरी में कपूर के पेड़ बहुतायत पाए जाते हैं। यहाँ बसंत ऋतू में जाने पर कपूर की सुंगंध आपका स्वागत करती है।  

कृत्रिम कपूर और भीमसेनी कपूर (देशी कपूर) में अंतर 

दोस्तों अगर हमें देशी कपूर यानि भीमसेनी कपूर और कृत्रिम कपूर में अंतर पता करना हो तो आप यह अंतर देख सकते हैं। दोनों कपूर में अनेक तरह के अंतर मौजूद है। हम यहाँ देशी कपूर और कृत्रिम कपूर के कुछ अंतर लिख रहे है। 

  • भीमसेनी कपूर को हम खा सकते हैं, कृत्रिम कपूर खाने लायक नहीं होता है। 
  • भीमसेनी कपूर कपूर अनेक दवाओं में उपयोग होता है और कृत्रिम सिर्फ सुंगंध के लिए उपयोग होता है। 
  • भीमसेनी कपूर से सस्ता होता है कृत्रिम कपूर। 
  • कृत्रिम कपूर को अल्कोहल में मिलाते ही वह घुल जाता है जबकि भीमसेनी कपूर पानी और अल्कोहल में डूबता है घुलता नहीं। 
  • भीमसेनी कपूर को जब जलाया जाता है तो वह बहुत कम धुआं करता है और उसके धुंए का रंग सफेद होता है जबकि कृत्रिम का धुआं काला होता है। और यह बर्तन में काला निशान भी छोड़ देता है जबकि भीमसेनी कपूर जलने के बाद कोई निशान नहीं छोड़ता। 

कपूर के फायदे क्या हैं और इसका उपयोग कैसे किया जाता है (Benefits, Advantages and disadvantages of camphor)

दोस्तों कपूर के अनेक स्वास्थ्य लाभ है, आयुर्वैदिक तरीके से अगर इसका उपयोग किया जाए तो आपको अनेक तरह के स्वास्थ्य लाभ होंगे। हम यहाँ पर कपूर के कुछ फायदों के बारें में बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते है कपूर के फायदे और इसका उपयोग – 

आँखों की समस्या में कपूर का उपयोग 

यदि कपूर के चूर्ण को बरगद के दूध के साथ मिलाकर आँखों में काजल की तरह लगाया जाए तो आँखों की हर तरह की परेशानी ठीक हो सकती है। याद रहे कपूर भीमसेनी यानि देशी कपूर होना चाहिए। 

सर दर्द में कपूर के फायदे 

अगर आप बार-बार के सर दर्द से परेशान हो तो आप कपूर, सौंठ, लौंग, अर्जुन छाल और सफेद चंदन को समान मात्रा में लेकर पीस लें और इसे सर पर लेप की तरह लगायें। आपको तुरंत ही आराम मिलने लगेगा और लगातार लगाने से आपको सर दर्द की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। 

त्वचा रोगों से छुटकारा दिलाता है कपूर 

यदि आप किल, मुहासों या चेहरे के दागों से परेशान है तो आप नारियल के तेल में कपूर का पेस्ट मिलाकर उसे अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। ऐसा लगातार एक महीने करने पर आपका चेहरा पूरी तरह साफ़ हो जाएगा और मुहासें इत्यादि नहीं आयेंगे। 

फोड़े-फुंसी ठीक करता है कपूर 

कपूर में एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है, अगर कपूर को पीसकर उसका चूर्ण बनाकर फोड़े-फुंसी पर लगाया जाए तो बहुत जल्द फोड़े-फुंसी ठीक हो जाते हैं। 

लू लगने पर काम आएगा कपूर 

कपूर के फायदों में एक फायदा यह भी है अगर किसी को लू लग जाती है तो नारियल के तेल में कपूर मिलाकर शरीर पर मालिस करने से शरीर को आराम मिलता है।

बालों के अनेक रोगों को खत्म करता है कपूर 

कपूर का उपयोग आप बालों संबधित अनेक परेशानियों में भी कर सकते हैं। नारियल के तेल में कपूर मिलाकर बालों में लगाने से बाल लम्बे, घने और सिल्की होते हैं। कपूर और गूढ़हल के फूलों को पीसकर इसका पेस्ट लगाने से बालों में रुसी और डैंड्रफ ठीक होता है। अगर आपके बाल बहुत छोटे है तो आप एक महीने तक लगातार इस पेस्ट का उपयोग करें आपको जल्द ही रिजल्ट मिलने लगेगा। 

बवासीर ठीक किया जा सकता है कपूर से 

बवासीर एक बहुत ही गंभीर और दर्द देने वाली बीमारी है, इस बीमारी में कपूर का उपयोग बहुत राहत देने वाला हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार कपूर और नारियल के तेल को मिलाकर बवासीर वाली जगह इसे लगाया जाए तो मलत्याग में होने वाली पीड़ा कम होती है और सुजन कम होती है। 

दांत दर्द में राहत 

यदि आप दांत दर्द से परेशान है तो कपूर और सौंठ का चूर्ण बनाकर दांतों पर रगड़ने से पहले दिन से ही दांतों के दर्द में आराम मिलता है। आप कपूर को सीधे अपने दर्द वालें दांतों के बिच में भी कुछ देर रख सकते हो। 

मुहं के छालों में आराम देता है कपूर 

कपूर का उपयोग मुहं के छालों से परेशान लोग कर सकते हैं, मिश्री के साथ कपूर को पीसकर मुहं के छालों पर लगाने से छालें सही हो जाते हैं। याद रहे हमेशा भीमसेनी कपूर ( जापानी कपूर) का ही उपयोग करें। 

उल्टी में राहत देता है कपूर 

यदि आप सफर के दौरान उल्टी से परेशान है तो आप कपूर को पानी में मिलाकर उस पानी को पी सकते हैं। याद रहे बहुत ही कम मात्रा में कपूर को पानी में मिलाना है, और कपूर देशी भीमसेनी कपूर होना चाहिए। कपूर को पानी में मिलाकर पीने से उल्टी में आराम मिलता है। 

बिच्छु के काटने पर कपूर का उपयोग कर सकते हैं 

कपूर को विषरोधी कहा जाता है, यदि किसी को बिच्छु काट जाए तो कपूर को सिरके के साथ मिलाकर घाव पर लगाया जाए तो बिच्छु का विष खत्म हो जाता है और तुरंत आराम आने लगता है। 

कपूर के नुकसान क्या-क्या है (Benefits and disadvantages of camphor)

अगर किसी चीज का बहुत ज्यादा फायदा है तो कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, इसलिए कपूर के भी कुछ नुकसान है। हम यहाँ कपूर के कुछ नुकसान बता रहे हैं, कृपया ध्यान से पढ़ें कहीं आपकी एक गलती आपकी जान पर भारी ना पड़ जाए। कपूर के नुकसान इस तरह है – 

  • कपूर का ज्यादा इस्तेमाल करने से त्वचा, होठों का सूखापन और सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारी हो सकती है। इसलिए कपूर का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें। 
  • कपूर को छोटे बच्चों से दूर रखना चाहिए क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। 
  • गर्भवती महिलाओं एंव बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को कपूर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में कपूर का हानिकारक प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। 
  • बिना किसी डॉक्टर या आयुर्वैदिक वैध्य के परामर्श के आप कपूर का सेवन ना करें अन्यथा आपको गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
  • कृत्रिम कपूर का सेवन गलती से भी ना करें यह जानलेवा हो सकता है। 

निष्कर्ष 

इस आर्टिकल में हमने जाना की कपूर क्या है ? कैसे इसे बनाया जाता है और इसके क्या फायदे हैं। अगर आपका कपूर से जुड़ा कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। हम बहुत जल्द आपके सवालों का जवाब देंगे। जानकारी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Benefits and disadvantages of camphor)

Q।1 असली कपूर को खाने से मौत हो सकती है ? 

A। नहीं, देशी कपूर (भीमसेनी कपूर) का सेवन हानिकारक नहीं होता है, बल्कि यह तो अनेक दवाओं में मिलाया जाता है। हाँ, कृत्रिम कपूर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 

Q।2 कपूर जलाने के क्या फायदे हैं ? 

A। भगवान की पूजा आरती में कपूर जलाया जाता है, इसके अनेक फायदे है जैसे हवा में मौजूद बेक्टीरिया, मच्छर और मखियों को दूर रखता है। इसलिए अक्सर लोग कपूर जलाते हैं। आप मच्छरों से बचने के लिए भी अपने रूम में कपूर जला सकते हैं। 

Q।3 असली और नकली कपूर में अंतर क्या है ? 

A। हमने उपर असली और नकली कपूर में अंतर बताया है, कृपया आप उपर आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें और असली और नकली कपूर में अंतर देखें। 

Q।4 क्या हम जले हुए पर कपूर लगा सकते हैं ? 

A। जी हाँ, आप जले हुए पर कपूर और नारियल का तेल लगा सकते है। कपूर आपके जख्म को बहुत जल्द सही कर देगा और जले हुए का निशान भी नहीं रहेगा अगर समय पर कपूर और नारियल का तेल लगाया जाए तो। 

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